00:00रामदेव जी की बहन सुगना का विवाह पूंगल गड़ के कुमवर उदै सिंह पडिहार के साथ हुआ
00:05पर जब पडिहारों को यह पता लगा कि रामदेव जी शूद्रों के साथ बैठ कर हरी कीरतन करते हैं
00:12तब से उन्होंने रामदेव जी के यहां आना जाना बंद कर दिया
00:15समय बीता रामदेव जी का विवाहत तै हुआ
00:18तब उन्होंने रतना राइका को पूंगल गड़ भेजा
00:20अपनी बहन सुगना को ससुराल से बुलाने के लिए
00:23लेकिन कुमवर उदै सिंह ने रतना राइका को कैद कर लिया
00:26जब सुगना को यह पता चला वो फूट फूट कर रोने लगी
00:29जब रामदेव जी को यह ग्यात हुआ
00:31तब वे चल पड़े पूंगल घड़ की और महल से कुछ दूर
00:34उन्होंने बंजर जमीन पर आसन लगाया और बैठ गए
00:36फिर क्या देखते ही देखते बंजर जमीन एक हरे भरे बाग में बदल गई
00:40इससे घबराय कुमवर उदै सिंह ने सिपाहियों को आदेश दिया
00:43गोले भरो तोप चलाओ तोपें दागी गई
00:45मगर जैसे ही गोले रामदेव जी के पास पहुँचे
00:48वो फूलों की वर्षा बन कर बरसने लगे
00:50उदै सिंह यह चमतकार देखता रह गया
00:52और फिर दोड़कर रामदेव जी के चरणों में गिर पड़ा
00:54रामदेव जी ने उसे उठाया
00:56अपने गले से लगाया और कहा
00:58जहां प्रेम है वही मेरा धर्म है
01:00फिर क्या हुआ देखिए अगला भाग
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