00:00जब प्रभू श्री राम ने कुम्भकरण का वध किया, लंका में मातम छा गया। कुम्भकरण का बेटा भीमासुर ये सुनते ही चीखा। मैं राम से अपने पिता का बदला जरूर लूँगा और वो जंगल में चला गया। और शुरू कर दी भयानक तपस्या। सालों तक ख
00:30करता रहा। एक दिन भीमासुर ने उसे पूजा करते देखा, गुस्से में तलवार उठाई। राजा की तरफ लेकिन तभी शिवजी स्वयम प्रकट हुए। त्रिशूल चला और एक ही क्षण में भीमासुर समाप्त। क्या आप भी मानते हैं अंत में जीत सच्ची भक्त
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