00:00शिवा के पांच मुख
00:01क्या आप जानते हो इनका आर्थ क्या है?
00:04हर मुख एक दिशा में देखता है
00:05और हर मुख एक रहस्य को प्रकट करता है
00:08सद्योजाता, पश्चिम की ओर, स्रिष्टी का आरंब
00:12वाम देव, उत्तर की ओर, सौन दर्य और रक्षा का स्वरूब
00:30ब्रहमा का सर्वोच बोध, ये पांच मुख पांच तत्वों के भी प्रतीक है
00:34प्रत्वी, जल, अगनी, वायू और आकार्ष
00:38शिवा एक नहीं, अनिक रूपों में स्थित है
00:42हर मुख एक आयाम है, हर मुख एक चेतना है
00:45जब तुम शिव के इन पांच रूपों को समझने लगते हो
00:48तब तुम स्वय को समझने लगते हो
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