00:00जब कुछ नहीं था तब नाद था वही अनाहत ध्वनी जिससे स्रिष्टी की उत्पत्ती हुई शिव का डमरू केवल वाद्य नहीं वो उस प्रिमोडियल साउंड का प्रतीख है जिससे हर ब्रह्मान की धड़कन शुरू हुई नाद को सुनना मतलब रह्मा को छुना जब ध
00:30को सुन ले वही शिव के सबसे निकट पहुंच जाता है अगर इसने आपके मन में शिव भक्ती जगाई हो तो इसे लाइक करें साजह करें और कमेंट करें हर हर महादेव
Comments