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  • 1 year ago
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए साफ हो गया है कि कांग्रेस के भीतर की कलह, कमजोर संगठन और नेतृत्व की असंगति पार्टी को लगातार गर्त में धकेल रही है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव मैदान में पसीना बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन ये मेहनत मतदाताओं तक पहुंचने वाले ठोस राजनीतिक संदेश में तब्दील नहीं हो पाई। जिसका नतीजा आज पूरे बिहार और देश के सामने है।

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00:00बिहार विधान सभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए साफ हो गया है कि कॉंग्रेस के भीतर की कलह, कमजोर संगठन और नेत्रत्व की असंगती पार्टी को लगातार गर्त में धकेल रही है।
00:15राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिक आरजुन खडगे ने चुनावी मैदान में पसीना बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन ये महनत मतदाताओं तक पहुचने वाले थोस राजनितिक संदेश में तप्तील नहीं हो पाई। जिसका नतीजा आज पूर
00:45कि राहुल गांधी ने कॉंग्रेस को दुबाने का ठेका ले रखा है।
01:15क्वाशी होना है क्योंकि जो कॉंग्रेस कभी नेशनलिस कॉंग्रेस जाना जाता था उनके आज सलहकार कौन है जेनु से निकले हुए लेफ्ट इस्ट है तो लेफ्ट जीरो हो गया ना देश में अल्मोस्ट है नहीं कुछ उनके जो दोस्त थे बंदुक लेके जंगल में �
01:45का माहौल है लोग धोल नगारों के साथ जश्न मना रहे हैं वहीं दूसरी तरफ चुनाव के नतीजों से ये साफ हो गया है कि कॉंग्रेस को बिहार में पुनर जीवित करने के लिए केवल शीर्ष नेताओं की रेलिया काफी नहीं है बलके उसे अपना संगठन नए सिरे से
02:15खड़ी है जहां अगर बदलाव नहीं हुआ तो हार का ये रिकॉर्ड और लंबा हो सकता है

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