00:00फिल्म दे वलाची पेपर साल 1907 डूज में बनी एक अमेरिकी अपराद और जीवन पराधारित कहानी है
00:06इस फिल्म की निर्देशक थे टेरंस येंग और इसमें जोसेफ वलाची नाम के एक असली व्यक्ति की जिन्दगी दिखाई गई है
00:14जो अमेरिका के माफिया गिरोह का हिस्सा था
00:17उसने पहली बार दुनिया के सामने इस वीकार किया था कि माफिया नाम की एक खतरनाक आपराधिक संस्था सच में मौजूद है
00:25फिल्म में चार्ल्स ब्रॉंसन ने जोसेफ वलाची का किरदार निभाया है और वीटो जेनोविस का रोल लिनोवेंटूरा ने किया है
00:33इनके अलावा जिलाइरलेंड वाल्टर कियारी, जोसेफ मैन और जेराडो लॉफलिन ने भी एहम भूमिकाए निभाई
00:40ये कहानी पीटर मास्की नीन्सिक 68 में आई किताब पराधारित है और फिल्म की स्क्रिप्ट स्टीफन गेलर ने लिखी थी
00:48फिल्म का पहला प्रदर्शन नो सिवियर जुलाई नाइनी जिन्ट सवेरी डू को आईरलैंड में हुआ था
00:54ये फिल्म बॉक्स अफिस पर सफल रही लेकिन अलोचको ने इसकी तुलना ते गाड़फादर से करते हुए ज़्यादा तारीफ नहीं की
01:01अब कहानी की शुरुआत होती है जेल से जहां जोसेफ वलाची अपनी जिन्दगी के आखिरी साल काट रहा होता है
01:07वह अटलांटा की एक संगिये जेल में बंद है क्योंकि उसने हिरोईन की तसकरी की थी
01:13उसी जेल में उसके पुराने माफिया बॉस वीटो जेनोवेज भी बंद होते हैं
01:19वीटो को शक होता है कि वलाची ने पुलिस को माफिया के राज खोल दिये है
01:23इसलिए वह उसे किस अफ डेथ देता है
01:26यानि मौत की चुमबन जो माफिया दुनिया में एक चेतावनी होती है कि अब तुम्हारा अंत करीब है
01:32लेकिन वलाची भी जवाब में उसे वापस चूम लेता है
01:35जो ये दिखाता है कि वह अब डरने वाला नहीं है
01:38कुछ ही दिनों बाद जेल के बाथरूम में उस पर हमला किया जाता है
01:43जिससे उसे यकीन हो जाता है कि वीटो सच में उसे मरवाना चाहता है
01:47डर और तनाव में वलाची एक गलती कर बैठता है
01:52वह जेल में एक और कैदी जोसिफ साउप को मार देता है
01:55ये सोचकर कि वही माफिया का भेजा हुआ हत्यारा है
01:58लेकिन जब उसे पता चलता है कि उसने गलत इनसान को मारा
02:01तो वह टूट जाता है
02:02तभी उसके पास एक सरकारी एजिंट है
02:05रायन आता है और उसे बताता है कि अगर वह सच पोल दे
02:08और माफिया के राज खोल दे
02:10तो उसे सुरक्षा मिलेगी
02:11वलाची मान जाता है और उसे क्वांटिको ले जाया जाता है
02:15जहां वह अपने पुराने अपरादों की पूरी कहानी सुनाने लगता है
02:18अब कहानी फ्लेश बैक में चली जाती है
02:21जब वलाची एक गरीब और छोटा सा अपराद ही हुआ करता था
02:26बच्पन से ही उसने सरक के अपराद देखे थे
02:29धीरे धीरे उसने चोरी और लूट पार्ट में हाथ डाल दिया
02:32अपराद की दुनिया में उसका नाम बढ़ता गया
02:36और फिर एक दिन वा सलवातोरे मरानजानो नाम के माफिया बॉस से मिलता है
02:40मरानजानो उसे माफिया में शामिल करता है और कहता है कि अब वह परिवार का हिस्सा है
02:46मरानजानो उसे गायटानो रेना नाम के दूसरे बॉस के अधीन काम करने के लिए भेजता है
02:51वलाची पूरी लगन से रेना के लिए काम करता है
02:55लेकिन माफिया की दुनिया में स्थिर्था कभी नहीं रहती
02:58जल्द ही कैस्टेला मेरे से वर नाम का बड़ा गैंगवार शुरू हो जाता है
03:03इसी लड़ाई में रेना की कार पर गोली बारी होती है
03:06और वहां मारा जाता है
03:08वलाची अपनी जान बचाने के लिए रेना के घर में छिप जाता है
03:12जहां उसकी मुलाकात होती है रेना की बेटी मारिया से
03:16दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते है
03:19रेना की अंतिम संसकार के समय मरानजानो रेना की विधवा से कहता है
03:23मैं मरे हुए को वापस नहीं ला सकता पर जिन्दा को जरूर मार सकता हूँ
03:28ये उसकी ठंडी और निर्दई सोच को दिखाता है
03:32कुछ ही समय बाद लकी लूसियानो जो रेना की मौत के पीछे था उसे भी मार देता है
03:38इसके बाद वलाची को रेना की पत्नी से अशीरवाद मिलता है और वहां मारिया से शादी कर लेता है
03:44शादी के बाद वलाची की जिन्दगी कुछ समय के लिए शांत हो जाती है
03:48लेकिन माफिया में शांती ज्यादा देर नहीं टिकती
03:51उसका नया बॉस टोनी बेंडर उससे खुश नहीं रहता
03:55दोनों के बीच हमेशा मतभेद रहते हैं
03:58बेंडर को शक होता है कि वलाची का साथी डोमिनिक दगैप पेटरिली
04:02वीटो जेनोविस की पत्नी अन्ना के साथ संबंद रखता है
04:05ये माफिया के नियमों के खिलाफ होता है
04:08बेंडर आदेश देता है कि पेटरिली को सजा दी जाए
04:12और वह सजा बहुत भयानक होती है
04:14बेंडर कहता है कि पेटरिली को नपुनसक बना दिया जाए
04:19वलाची ये सब देखकर टूट जाता है
04:21उसे उस दोस्त की हालत नहीं दिखी जाती
04:24इसलिए वह खुद गोली मारकर पेट्रिली की पीड़ा खत्म कर देता है
04:27समय बीता जाता है
04:29लेकिन अपराद की दुनिया और भी हिंसक होती जाती है
04:32हर तरफ धोका, हत्या और साजिशन चलती रहती है
04:36माफिया परिवारों के बीच की लड़ाई का भी खत्म नहीं होती
04:40वलाची धीरे धीरे इस सब से ठक जाता है
04:42उसे एहसास होता है कि माफिया में कोई भी किसी का नहीं होता
04:46जो उपर चड़ता है वो भी किसी दिन गिरा दिया जाता है
04:50और जो नीचे रह जाता है उसका इस्तेमाल करके उसे खत्म कर दिया जाता है
04:54अब कहानी फिर वर्तमान में लोट आती है
04:57जहां वलाची सरकार के सामने बैठा है
05:00वह सीनेट की एक जान समिती के सामने गवाही दे रहा है
05:04उसका चेहरा ठका हुआ है आंखों में पच्चतावा है
05:07वह बताता है कि कैसे माफिया का पूरा सिस्टम चलता है
05:11कैसे लोगों को डर और पैसे के जाल में फंसाया जाता है
05:14उसकी गवाही से अमेरिका भर में तहलका मच जाता है
05:18क्योंकि पहली बार किसी ने माफिया के असली रूप को उजागर किया था
05:22लेकिन इस गवाही के दौरान वलाची खुद तूटने लगता है
05:27उसे लगता है कि उसने अपने भायों को धोखा दिया
05:30और माफिया के कोड अफ साइलेंस यानी चुप रहने की कसम तोड़ दी
05:34वह खुदकुशी करने की कोशिश करता है लेकिन उसे बचा लिया जाता है
05:38फिल्म के अंत में वीटो जेनोवेस की जेल में मौत हो जाती है
05:42जबकि वलाची जिन्दा रहता है पर अंदर से टूट चुका होता है
05:46वह अकेला और ठका हुआ इनसान बन जाता है
05:49उसकी जिन्दगी में अब कोई ताकत या डर नहीं बचा
05:53बस पच्चतावा रह जाता है उस दुनिया का जिसे उसने खुद अपने हाथों से बनाया और बरबाद कर दिया
05:59दवलाची पेपर सिर्फ एक अपरादी की कहानी नहीं है
06:02बलकि ये दिखाती है कि अपराद की दुनिया में कोई भी हमेशा जीत नहीं सकता
06:07वहाँ भरोसा, प्यार और इंसानियत की कोई कीमत नहीं होती
06:11हर इंसान बस अपने डर और लालच में जीता है
06:15जोसेफ वलाची ने अपने जीवन के आखिरी सालों में समझ लिया था कि माफिया का हिस्सा बनना आखिरकार खुद अपनी बरबादी का कारण होता है
06:22फिल्म का माहौल साथ और सत्तर के दर्शक के अपराद जगत को बखू भी दिखाता है
06:27हर दृश्य में अंधेरा, डर और साजिश का एहसास होता है
06:33चारल्स प्रॉंसन ने वलाची के किरदार में वो दर्द और डर दिखाया है
06:38जो किसी इनसान के भीतर तब पैदा होता है जब उसे अपने किये पर पच्चतावा होता है
06:42इस कहानी में ये सिखाया गया है कि चाहे अपराद की दुनिया कितनी भी बड़ी क्यों न लगे
06:48उसका अंध हमेशा बुरे परिनामों में होता है
06:51वलाची ने जब सचाई बताई तब शायद उसने खुद को कुछ हद तक मुकत कर लिया
06:56लेकिन वह कभी पूरी तरह खुश नहीं हो सका
06:59यह कहानी हमें ये भी बताती है कि सच और इनसानियत से दूर जाने वाला रास्ता आखिर में सिर्फ अंधकार की ओड़ ले जाता है
07:08फिल्म का हर पल हमें ये सोचने पर मश्बूर करता है कि अपराद, सत्ता और धन की चम्क जतनी बाहर से आकरशक लगती है
07:16पीतर से उतनी ही खतरनाक और खाली होती है
07:18वलाची का जीवन हमें ये दिखाता है कि आखिरकार इनसान को अपने कर्मों का फल जरूर मिलता है
07:24चाहे वा कितना भी ताकतवर क्यों नहो
07:26इस तरह दे वलाची पेपर्स एक सच्ची कहानी पर बनी ऐसी फिल्म है
07:31जो माफिया की निर्दई दुनिया को उजागर करती है
07:34और हमें ये सोचने पर मजबूर करती है कि इनसानियत से बड़ा कोई रिष्टा नहीं होता
07:39ये फिल्म अपराद और पच्चतावे की एक दर्द भरी गवाही है
07:43जो हमेशा याद दिलाती है कि बुराई का रास्ता कभी स्थाई नहीं होता