00:00इस फिल्म के निर्माता हैं गिरजा सामनता और निर्देशक हैं शक्ती सामनता
00:13फिल्म में मुकी भूमिकाओं में हैं राजेश खन्ना और जीनत अमान
00:18इनके साथ प्रेम चोपड़ा, असरानी, मदनपुरी, योगिता बाली और असित सेन जैसे कलाकार भी नज़राते हैं
00:25फिल्म का संगीत आरडी बर्मन ने दिया है
00:28इस फिल्म का एक बहुत मशूर गाना हम दोनों दो प्रेमी था
00:31जो पूरी तरह ट्रेन के उपर शूट किया गया था
00:34ये अपने समय का पहला ऐसा गाना था जो पूरी तरह ट्रेन की छट पर फिल्माया गया
00:40इस फिल्म में पहली बार राजेश खन्ना और जीनत अमान की जोड़ी नज़र आई थी
00:45कहानी की शुरुआत होती है एक बरसाती राज से
00:48एक डड़ी हुई युवती हुई सोनिया टैक्सी से उतरती है
00:52और दोड़कर दीना पूर रेलवे स्टेशन पहुंचती है
00:55वा बंबई जाने का टिकट मांगती है
00:58लेकिन स्टेशन मास्टर टिकट देने में देर कर देता है
01:01और ट्रेन छूट जाती है
01:02सोनिया के पास जाने के लिए कोई जगा नहीं होती
01:06इसलिए वा अगले दिन की ट्रेन का इंतजार करने का फैसला करती है
01:11उसके पास एक अटैची होती है जिसमें लाखों के गहने होते है
01:15वह उस अटैची को स्टेशन मास्टर रोहित के पास जमा कर देती है
01:20जो उसे अपने तिजोडी में रख लेता है
01:22रोहित को लगता है कि स्टेशन पर रात में रुकना उसके लिए सुरक्षित नहीं है
01:27इसलिए वह उसे अपने क्वार्टर में चलने का सुजाव देता है
01:31सोनिया मान जाती है
01:33उसे देखकर लगता है कि वह किसी से भाग रही है
01:36रोहित को शक होता है कि कहीं उसने ये गहने चोड़ी तो नहीं किये
01:40लेकिन सोनिया बताती है कि ये गहने उसकी मां की निशानी है
01:44और कुछ लोग उनसे इन्हें झीनना चाहते हैं
01:47इसलिए वह भागी है
01:48रोहित उसकी बात पर यकीन कर लेता है
01:51और उसे सुरखशित रखता है
01:54अब रोहित अकेले बैठा सोचने लगता है और कहानी फ्लेश में चली जाती है
01:58उसे याद आता है जब पहली बार उसने उसने रश्मी जिनतमान को देखा था
02:02रोहित अपनी मोटर साइकल पर अपने मामा की घर शादी में जा रहा था
02:07राश्ते में एक कार आती है और दूनों को पीछ मजे मजे मजे में रेस लग जाती है
02:12थोड़ी दूर जाने पर कार का पेटरोल खत्म हो जाता है
02:15रोहित मदद केलिए रुकता है और अपना सारा पेटरोल उसकी कार में डाल देता है
02:21ताकि वह जा सके
02:22लेकिन जैसे ही वह कार में बैठने जाता है
02:25रश्मी कार चला कर चली जाती है
02:27रोहित वहीं फज जाता है
02:28और किसी तरह एक ट्रक में लिफ्ट लेकर पहुंचता है
02:31शादी के दौरान वे दोनों फिर मिलते हैं
02:35कुछ मुलाकातों के बाद दोनों को एक दूसरे से प्यार हो जाता है
02:38रश्मी के पिता दीवान सरदारी लाल हरी शिवदासानी अपने दामाद मोती बाबू प्रिम छोपरडा कीमद के लिए एक असिस्टेंट जूंडर रहे होते हैं
02:48रश्मी रोहित को वहाँ नौकरी के लिए लेकर जाती है और दीवान जी उसे एरख लेते हैं
02:52रश्मी को शक होता है कि मोती बाबू इमानदार नहीं है
02:55रोहित जब जान्च करता है तो पता चलता है कि बहुत सारा पैसा गाइब है
02:59यह बाद जानकर मोती बाबू डर जाता है वह रोहित को फसाने की योजना बनाता है
03:03वह सोचता है कि अगर रश्मी को रोहित सेनफर्थ हो जाए तो रोहित अपने आप रास्ते से हट जाएगा
03:08एक दिन हुली के मौके पर सब लोग भांग पी कर मस्ती करते हैं
03:13और सत्रह बर्स की गाने पर नाचते हैं उसी दोरान मोती बाबू अपने लोगों की मदल से जूचाम लगवाता है
03:19कि रोहित ने बिजली नाम की लड़की के साथ कल्ध हरों की पंचायत फैसला करती है
03:24कि रोहित को सब के सामने सजा दी जाए
03:26उसे पीटा जाता है और गाव से निकाल दिया जाता है
03:29रश्मी इस साजश को देख लेती है और समझ जाती है कि रोहित बेगुना है
03:33वह अपने पिता और मोती बाबू की बात नमान कर रोहित के साथ भाग जाती है
03:37दोनों हम दोनों दो
03:39प्रेमी गाना गाते हुए बंबई पहुँचते हैं और मंदिर में शादी कर लेते हैं
03:43अब कहानी वापस वर्तमान में आती है
03:45दो पुलिस इंस्पेक्टर तिवारी और सिन्हा स्टेशन पर आते है
03:49वे सोनिया के बारे में पूचताच करते हैं और कहते हैं कि उसने गहने चुराए है
03:55रोहित को शक होता है अफ लेकिन वा कुछ नहीं बताता
03:58वह अपने क्वार्टर में जाकर सोनिया से सज़ जाना चाहता है
04:02सोनिया उसे ऐक चिठ्थी दिखाती है जो उसकी माने लिखी थी
04:06चिठ्थी पढ़कर रोहित को यकीन हो जाता है कि सोनिया बेगुनाा है
04:11बाहर भारी बारिश हो रही है
04:12खिट्की से बाहर देखते हुए रोहित फिर से अपने अतीत में चला जाता है
04:17अब कहानी दिखाती है कि शादी के बाद उनका जीवन कैसा था
04:21बारिश में दोनों भीगी भीगी रातों में गाना गाते हैं
04:26रश्मी अमीर घर की लड़की थी इसलिए उसे घर के कामकाज की आदत नहीं थी
04:32वो धीरे-धीरे खाना बबनाना सीखने की कोशिश करती है
04:47चेतन उसे पेंटिंग करने की सला देता है
04:49थीरे-दीरे वो अच्छी पेंटिंग फेति को जमन दिन पर एक पेंटिंग गिफ्ट करेगी
04:53तो जमन दिन पर एक पेंटिंग गिफ्ट करेगी
04:56एक दिन चेतन उसे मॉडलिंग करने का सुजाव देता है
04:58रोहित को यह पसंदन ही आता क्योंकि वो अपने अफिस में जानता है कि मॉडलिंग की दुनिया में औरतों के सारच चाच चा विवहार नहीं होता
05:04लेकिन रश्मी अमीर परिवार से और साधारन जीवन उसे पसंदन ही आता
05:09वह अपनी बात पर अडी रहती है आकिर रोहित हार मान जाता है
05:12रश्मी जल्दी ही मशूर मॉडल बन जाती है और एक ब्यूटी कॉंटिस्ट भी जीत लेती है
05:17अब उसके मन में नाम और शोहरत पाने की चाहा बढ़ जाती है
05:21कुछ समय बाद उसे पता चलता है कि वह माम बनने वाली है
05:24वह करियर जारी रखना चाहती है और सोचती है कि असमे बच्चा पैदा करने कान ही है
05:28वह गर्भपात का सोचती है लेकिन रोहित बच्चे को रखना चाहता है
05:32वह मान जाती है
05:33एक दिन जब रोहित अफिस से फोन करता है दैक, वह नीचे चेतन के फ्लैट में फोन उठाने जाती है और सीडियो से गिर जाती है, उसे गर्भपात हो जाता है, लेकिन रोहित को लगता है कि उसने जानबूच कर अबोर्शन कराया है।
06:03पता चलता है कि रश्मी को सच में सीडियो से गिरने की वज़ा से मिस्केरिज हुआ था, वह उसे फोन करता है लेकिन वह बात नहीं करती, दुखी होकर वह नौकरी छोड़ देता है और उसे वापस लाने निकल पड़ता है, वह दीवान सहाब के घर पहुंचता है, लेकिन व
06:33मास्टर की नौकरी लेता है, अब खानी फिर वर्तमान में लोड़ती है, रोहित के पास मिस्टर सकसेना आते हैं, वह बते हैं कि दीवान सहाब पास के करिमंगंज में शिकार के लिए आये हैं, रोहित वह जाता है और रश्मी उसे देख कर खुश नहीं होती, रोहित उसे म
07:03के पास पैसे नहीं है, तब ही उसे याद आता है सोनिया की अटैची जिसमें पांच लाके गहने हैं, उसके मन में बुरा ख्याल आता है कि अगर वह उसे मारकर वो गहने ले ले तो अपनी पतनी को वापस ला सकता है, वह तिज़ोरी खोलने जाता है, लेकि फिर उसका अज
07:33तर्टिवारी और सिन्हा होते हैं।
07:36रश्मी अदालत में गवाही देती है
07:37कि उसने अपनी आंखों से असली हत्यारों को देखा है।
07:40रोहित बेगुनाह साबित होता है।
07:42अंतमिन रोहित और रश्मी फिर से मिल जाते हैं
07:44और उनके जीवन में फिर से प्यार लोडाता है।
07:47यहां फिल्मन दिखाती है कि किस तरह प्याहमी
07:49और इनसान के भीतर के अच्छे बुरे विचारों की लडाई
07:52एक रिश्टे को तोड भी सकती है और जोड भी सकती है।
07:56यह कहानी सच्छे प्रेम, विश्वास और इनसानियत की जीत की कहानी है।
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