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  • 4 months ago
राजस्थान के अजमेर के पास अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर पशु मेले की शुरुआत हो गई है. पुष्कर मेले की शान कहे जाने वाले ऊंटों की तादाद इस बार ठीक-ठाक नजर आ रही है, लेकिन लोगों की चिंता आने वाले समय को लेकर है. ऊंट पालकों की शिकायत सरकार और प्रशासन की बेरुखी को लेकर है..  पुष्कर पशु मेले में ऊंट पालकों को सही जगह नहीं मिलती है. ऊंट पालकों के पास पैसे नहीं हैं क्योंकि बाजार में ऊंट की कीमत नहीं रह गई है.. और ना ही खरीदार रह गए हैं.. इसकी वजह ये है कि राजस्थान के भी लोग ऊंटों का इस्तेमाल कम ही करते हैं. सरकार के पास ऊंटों के संरक्षण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है.. ऐसे में ऊंट पालक निराश हैं.. उन्हें लगता है कि वो आखिरी पीढ़ी के लोग हैं.. जो ऊंटों पालन के कारोबार में रहेंगे.

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00:00राजस्थान के अजमेर के पास अंतराष्ट्रिय पुश्करमेले की शुरुवात हो गई है।
00:11पुश्करमेले की शान कहे जाने वाले उटों की तादाद इस बार ठीक ठाक नजर आ रही है।
00:18लेकिन लोगों को चिंता आने वाले समय को लेकर है।
00:22उट पालकों की शिकायत सरकार और प्रशाशन की बेरुखी को लेकर है।
00:45पुशकर पशुमेले में उट पालकों को सही जगए नहीं मिलती है।
00:52पुशकर पालकों के पास पैसे नहीं हैं क्योंकि
01:22बाजार में उट की कीमत नहीं रह गई है और नहीं खरीदार रह गए है।
01:26इसकी वज़े ये है कि राजस्थान के लोग भी उटों का इस्तेमाल कम ही करते हैं।
01:32सरकार के पास उटों के सरक्षण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
01:36ऐसे में उट पालक निराश हैं।
01:38उन्हें लगता है कि वो आखरी पीड़ी के लोग हैं जो उट पालन के कारोबार में रहेंगे।
01:44ETV भारत के लिए अजमेर से प्रियांक शर्मा की रिपोर्ट
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