00:00क्या आपने कभी सोचा है कि समुद्र मन्थन केवल एक पुरानिक कथा है या फिर इसके पीछे छुपा है ब्रहमांड के निर्मान, जीवन के रहस्य और आधुनिक विज्ञान का गहरासंके
00:24देवताओं और असुरों का संघर्ष, वासुकी नाग, मंदराचल परवत, चौधर रत्न और अमरित ये सब केवल कलपना है या कॉज्मिक ट्रूथ के प्रती
00:37आज के इस कठिन समय में, जब हर इनसान अपने जीवन में किसी न किसी हलाहल से गुजर रहा है
00:44आएए हम समझते हैं समुद्र मन्थन का रहस्यत मिथोलोजी या अडवांस्ट कॉज्मिक साइन्स
00:51एक समुद्र मन्थन की कथा विस्त्रित रूप में
00:55पुराणों के अनुसार देवता और असुर अमरित पाने के लिए एक जुठ हुए
01:02देवताओं की शक्ती क्षीन हो चुकी थी, इसलिए उन्होंने भगवान विश्नु से मार्क दर्शन मांगा
01:08विश्नु ने कहा अमरित समुद्र मन्थन से मिलेगा और इसके लिए असुरों का सहयोग आवश्यक है
01:15मंदराचल परवत को मथानी बनाया गया और वासुकी नाग को रस्सी
01:21असुरों ने वासुकी का मुख पकड़ा जबकी देवताओं ने पूँच
01:26जब मन्थन शुरू हुआ तो सबसे पहले निकला हलाहल विश्व
01:31यह इतना घातक था कि पूरे ब्रहमांड को नश्ट कर देता
01:35भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए उस विश्व को अपने कंठ में धारन कर लिया और नीलकंठ कहलाए
01:43इसके बाद एक एक कर चौदह रत्न निकले जिनमें देवी लक्षमी, चंद्रमा, एरावत, कामधेनु, कल्पवरिक्ष, धन्वंतरी और अंत में अमरित कलश शामिल थे
01:54यह कथा केवल एक घटना नहीं, बलकि जीवन और ब्रहमांड दोनों का गहरा प्रतीक है
02:01दो प्रतीकात्मक अर्थ मानव जीवन का मन्थन, समुद्र मानव मन की गहराई, मंदराचल परवत साधना और स्थिर्ता, वासुकी नाग इच्छाए और उर्जा, देवता सकारात्मक प्रवरित्या, असुर नकारात्मक प्रवरित्या, हलाहल दुख कठिनाई, पीडा, अ
02:31जब भी इनसान साधना और आत्मचिंतन करता है, तो सबसे पहले नकारात्मकता और कष्ट सामने आते हैं, लेकिन यदी धैर्य रखे, तो अंत में आत्मिक सुख और अमरित प्राप्थ होता है, तीन कॉजमिक साइन्स का दृष्टिकोन, अगर इसे विध्यान से जोड़े
03:01का महासागर था, उसमें लगातार कोलेजन्स हुए, जिनसे फंडमेंटल पार्टिकल्स और एलिमेंट्स बनें, यानि समुद्र प्रिमोर्डियल कॉजमिक सूप, मन्थन पार्टिकल कोलेजन्स, हलाहल घातक रेडियेशन और अंतिमैटर, रतन जीवन बनाने वाले तत्व
03:31एक कॉजमिक चर्निंग के बाद ही जन्मा, चार 14 रतनत विस्तार से, एक देवी लक्षमी, समरिध्धी और उन्नती की देवी, विज्ञान की भाषा में यह प्रॉस्पेरिटी की युनिवर्सल एनरजी है, जब ब्रहमांड में संतुलन आता है, तो समरिध्धी जन्म लेत
04:01से टाइड्स को नियंत्रित करता है और मानव मन पर भी प्रभाव डालता है, तीन एरावत हाथी, मेगो का प्रतीक, जह वर्षा चक्र और एकोलोजी की स्थिर्ता को दर्शाता है, चार कामधेनू, जीवंदाइनी प्रकृती, बायो स्फेर की सिंबल जो हमें भोजन, जल,
04:31प्रती, यदि धर्ती का सही उप्योग किया जाए, तो यह हमें असीम पूर्जा और साधन दे सकती है, छे धनबंतरी, आयुर्वेद और चिकित्सा का ज्यान, यह दिखाता है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा भी जीवन का अमरित है,
04:50साथ, अमरित कलश, DNA और जेनेटिक कोड का प्रती, यही जीवन को निरंतर बनाये रखता है,
05:00आठ, हलाहल विश्म, रेडियेशन, पल्यूशन और डिस्ट्रक्शन की शक्ती, यदि नियंतरित न हो, तो सब कुछ नश्ट कर सकता है,
05:10इन चौधर रतनों का संदेश है, कि जीवन और ब्रह्मांड की हर शक्ती कंस्ट्रक्टिव भी हो सकती है, और दिस्ट्रक्टिव भी,
05:20पांच, शिव और हलाहल, त्याग का प्रती, जब घातक विश्ट निकला, तो किसी ने उसे ग्रहेंड नहीं किया, यदि शिव न होते, तो ब्रह्मांड नश्ट हो जाता,
05:32इससे सीख मिलती है कि जीवन में जब कठिना या आए, तो हमें धैर्य और बलिदान से उन्हें जेलना चाहिए, आज के समय में जब मानसिक तनाव, क्लाइमेट, चेंज और वोर्स का विश फैल रहा है, हमें भी शिव की तरह धैर्य और संतुलन रखना होगा,
05:51छे पार्टिकल फिजिक्स और समुद्रा मन्थन, आज CERN, स्विट्सरलेंड में लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर में साइंटिस्ट्स प्रोटॉन्स को कोलाइड करते हैं, हर कोलेजन से नए पार्टिकल्स निकलते हैं, जैसे समुद्र मन्थन से 14 रत्न निकले,
06:10यानि Modern Science उसी प्रोसेस को दोहरा रही है, जिसे हमारे रिशी प्रतिकात्मक भाशा में हजारों साल पहले बता चुके थे,
06:20साथ कठिन समय में समुद्रा मन्थन से सीच, आज हर इनसान अपने जीवन का मन्थन कर रहा है,
06:28लेकिन जैसे शिवन ने विश को धारण किया, वैसे ही हमें भी धैर्य, साधना और फेट से चुनोतियों का सामना करना होगा,
06:51आठ प्राक्तिकल लर्णिंग्स फॉर टुडेश लाइफ
06:54एक विश को सहना सीखो, हर संघर्ष टेंपरेरी है,
07:00दो अमरित पेशन्स के बाद हाई मिलता है, कोई शॉटकट नहीं है,
07:06तीन बैलन्स ओफ ओपोजिट्स, दैव और असुर दोनों हमारे भीतर है,
07:10चार्क साक्रफाइस फॉर अगर्स त्याद के बिना दुनिया टिक नहीं सकती,
07:17पांच इंटर्नल चर्निंग्स, मेडिटेशन और चांतिंग ही मॉडर्न समुद्रा मन्थन है,
07:24समुद्रा मन्थन बताता है,
07:29जीवन में पहले विश निकलेगा, फिर अमरित मिलेगा,
07:40स्पिरिचुलालिटी दोनों इसी एटर्नाल ट्रूथ की पुष्टी करते हैं।
07:46तो दोस्त आपने देखा, समुद्र मन्थन केबल पुरानिक कथा नहीं,
07:50बलकि ब्रहमांड का विज्ञान और जीवन का मार्क दर्शन है।
07:54आज जब दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है, हमें याद रखना होगा।
08:00विश पहले आता है, लेकिन अमरित अंत में जरूर मिलता है।
08:06अगर इस वीडियो ने आपके जीवन में कुछ मूल्य जोड़ा हो या आपको अच्छा लगा हो तो हमारे साथ जुड़े रहिए।
08:14जय श्री कृष्णा
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