00:00America's H-1B visa policy
00:03America's H-1B visa policy
00:06is based on the rules of information
00:07and the company has now
00:08to keep H-1B applications
00:11now in September
00:13$1,000,000. explains
00:13$1,000,000,000
00:14$87,000,000,000
00:16This good Russo
00:19and should be used for
00:20this failure of the government
00:21is not against the US
00:23but this business
00:23but this rule
00:24is what the F-1B visa
00:27H-1B Visa Sponsorship
00:29को रोक दिया है
00:30या हाइरिंग गडादी है
00:31TCS, Walmart, Cognizant
00:33और Interview Surgical जैसी
00:35कमपनिया अब नई H-1B
00:37हाइरिंग पर रोक लगा चुकी है
00:38इस वीडियो में हम जानेंगे कि ये नई
00:40Policy कमपनियों, विदेशी टैलेंट
00:42और अमेरिकी Tech Industry में
00:44कैसे असर डाल सकती है
00:45अमेरिका की Immigration Policy में बड़ा बदलाव
00:48रश्च्पती डोनाल ट्रम के
00:49Administration ने हाल ही में
00:51H-1B Visa System में एक नया नियम
00:54लागू किया है
00:55जिससे अब कमपनियों को नए अप्लिकेशन के लिए
00:58एक लाग डॉलर यानि करीब
00:5987,70,000 रुपए
01:01फीज देनी होगी
01:02सरकार का कहना है कि
01:04इस कदम का मकसद है
01:05दुनिया के टॉप टैलेंट को
01:07आकर्शित करना जारी रखना
01:09लेकिन साथ ही ये भी सुनिशित करना
01:11कि इस प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल
01:13सस्ते विदेशी लेबर लाने के लिए
01:15ना हो और अमेरिकी कर्मचारियों की
01:17मजदूरी पर असर ना पड़े
01:18सितंबर में टरंप ने इस नई फीज का
01:20एलान करते हुए कहा था कि ये
01:22H1B वीजा अप्लिकेशन प्रोसेस का
01:24हिस्सा होगी बाद में एड्मिनिस्ट्रेशन
01:26ने साफ किया कि ये शुल्क
01:28सिर्फ नए आवेदकों पर
01:30लागू होगा पहले से मौजूद
01:32H1B वरकर्स या उनके
01:34रिन्यूवल पर नहीं लेकिन
01:36इस फैसले के बाद कई बड़ी अमेरिकी और
01:38ग्लोबल कंपनियों ने तुरंत अपनी रणनीती
01:40बदल दी है कुछ ने वीजा स्पॉंसर्शिप
01:42पूरी तरह सस्पेंट कर दी है जबकि
01:44कई ने H1B वरकर्स पर
01:46निर्भर नौकरियों के लिए
01:47हाइरिंग कम कर दी है उधारन के तोर पर
01:50कॉगनीजंड जो भारत में शुरू हुई
01:52और अब न्यू जर्सी में हेड़कॉर्टर है
01:54इसने हाल ही में अपनी एक जॉब
01:56लिस्टिंग में साफ लिखा कि वो सिर्फ
01:58उन्हीं उम्मीदवारों पर विचार करेंगे जो
02:00यूएस में एम्प्लॉयर स्पॉंसर्शिप
02:02के बिना काम करने के लिए अधिकरित है
02:04वहीं कैलिफॉर्णिया की
02:05मेट टेक कंपनी इंट्यूटिव सर्जिकल
02:08ने सितंबर के आखिर में
02:09H1B वीजा स्पॉंसर्शिप को रोग दिया है
02:12दूसरी और भारत की दिगज आईटी कंपनी
02:14TCS यानी Tata
02:16Consultancy Services
02:17जो H1B वीजा की
02:19सबसे बड़ी स्पॉंसर कंपनीों में से एक है
02:21TCS ने भी घोशना की है
02:23कि वो फिलहाल इस प्रोग्राम के तहत
02:25नई हाईरिंग नहीं करेगी
02:26और रीटेल दिगज वालमार्ट
02:28जहां अनुमान के मताबिक करीब
02:302400 H1B वीजा वर्कर्स काम कर रहे हैं
02:33उसने भी उन कैंडिडेट्स की भरती रोग दी है
02:36जिनहें वीजा स्पॉंसर्शिप की जरुवत होती है
02:38ये बदलाव अमेरिका के टैक और सर्विस सेक्टर पर
02:41गहरा असर डाल सकता है
02:42जहां वर्षो से भारतियों और
02:44एशियाई पेशेवर H1B वीजा के तहट काम करते आए हैं
02:48विशेशग्यों का कहना है कि इस नई फीज और सक्त नीती से
02:51छोटे व्यवसायों और विदेशी टैलेंट पर
02:54निर्भर कंपनियों पर अतरिक्त वित्य बोज बढ़ेगा
02:57जिससे ग्लोबल स्किल फ्लो पर असर पड़ सकता है
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