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अमेरिका की H-1B वीजा पॉलिसी में बड़ा बदलाव आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए नियम के तहत कंपनियों को अब नए H-1B एप्लीकेशन के लिए 100,000 डॉलर यानी लगभग 87 लाख रुपये फीस देनी होगी। यह कदम अमेरिका में नौकरियों की सुरक्षा और विदेशी लेबर के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है।

लेकिन इस फैसले का सीधा असर अमेरिकी और ग्लोबल कंपनियों पर पड़ा है। कई बड़ी कंपनियों ने H-1B वीजा स्पॉन्सरशिप को रोक दिया है या हायरिंग घटा दी है। TCS, वॉलमार्ट, कॉग्निजेंट और इंट्यूटिव सर्जिकल जैसी कंपनियां अब नई H-1B हायरिंग पर रोक लगा चुकी हैं। इस वीडियो में हम जानेंगे कि यह नई पॉलिसी कंपनियों, विदेशी टैलेंट और अमेरिकी टेक इंडस्ट्री पर कैसे असर डाल सकती है।

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~HT.96~

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00:00America's H-1B visa policy
00:03America's H-1B visa policy
00:06is based on the rules of information
00:07and the company has now
00:08to keep H-1B applications
00:11now in September
00:13$1,000,000. explains
00:13$1,000,000,000
00:14$87,000,000,000
00:16This good Russo
00:19and should be used for
00:20this failure of the government
00:21is not against the US
00:23but this business
00:23but this rule
00:24is what the F-1B visa
00:27H-1B Visa Sponsorship
00:29को रोक दिया है
00:30या हाइरिंग गडादी है
00:31TCS, Walmart, Cognizant
00:33और Interview Surgical जैसी
00:35कमपनिया अब नई H-1B
00:37हाइरिंग पर रोक लगा चुकी है
00:38इस वीडियो में हम जानेंगे कि ये नई
00:40Policy कमपनियों, विदेशी टैलेंट
00:42और अमेरिकी Tech Industry में
00:44कैसे असर डाल सकती है
00:45अमेरिका की Immigration Policy में बड़ा बदलाव
00:48रश्च्पती डोनाल ट्रम के
00:49Administration ने हाल ही में
00:51H-1B Visa System में एक नया नियम
00:54लागू किया है
00:55जिससे अब कमपनियों को नए अप्लिकेशन के लिए
00:58एक लाग डॉलर यानि करीब
00:5987,70,000 रुपए
01:01फीज देनी होगी
01:02सरकार का कहना है कि
01:04इस कदम का मकसद है
01:05दुनिया के टॉप टैलेंट को
01:07आकर्शित करना जारी रखना
01:09लेकिन साथ ही ये भी सुनिशित करना
01:11कि इस प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल
01:13सस्ते विदेशी लेबर लाने के लिए
01:15ना हो और अमेरिकी कर्मचारियों की
01:17मजदूरी पर असर ना पड़े
01:18सितंबर में टरंप ने इस नई फीज का
01:20एलान करते हुए कहा था कि ये
01:22H1B वीजा अप्लिकेशन प्रोसेस का
01:24हिस्सा होगी बाद में एड्मिनिस्ट्रेशन
01:26ने साफ किया कि ये शुल्क
01:28सिर्फ नए आवेदकों पर
01:30लागू होगा पहले से मौजूद
01:32H1B वरकर्स या उनके
01:34रिन्यूवल पर नहीं लेकिन
01:36इस फैसले के बाद कई बड़ी अमेरिकी और
01:38ग्लोबल कंपनियों ने तुरंत अपनी रणनीती
01:40बदल दी है कुछ ने वीजा स्पॉंसर्शिप
01:42पूरी तरह सस्पेंट कर दी है जबकि
01:44कई ने H1B वरकर्स पर
01:46निर्भर नौकरियों के लिए
01:47हाइरिंग कम कर दी है उधारन के तोर पर
01:50कॉगनीजंड जो भारत में शुरू हुई
01:52और अब न्यू जर्सी में हेड़कॉर्टर है
01:54इसने हाल ही में अपनी एक जॉब
01:56लिस्टिंग में साफ लिखा कि वो सिर्फ
01:58उन्हीं उम्मीदवारों पर विचार करेंगे जो
02:00यूएस में एम्प्लॉयर स्पॉंसर्शिप
02:02के बिना काम करने के लिए अधिकरित है
02:04वहीं कैलिफॉर्णिया की
02:05मेट टेक कंपनी इंट्यूटिव सर्जिकल
02:08ने सितंबर के आखिर में
02:09H1B वीजा स्पॉंसर्शिप को रोग दिया है
02:12दूसरी और भारत की दिगज आईटी कंपनी
02:14TCS यानी Tata
02:16Consultancy Services
02:17जो H1B वीजा की
02:19सबसे बड़ी स्पॉंसर कंपनीों में से एक है
02:21TCS ने भी घोशना की है
02:23कि वो फिलहाल इस प्रोग्राम के तहत
02:25नई हाईरिंग नहीं करेगी
02:26और रीटेल दिगज वालमार्ट
02:28जहां अनुमान के मताबिक करीब
02:302400 H1B वीजा वर्कर्स काम कर रहे हैं
02:33उसने भी उन कैंडिडेट्स की भरती रोग दी है
02:36जिनहें वीजा स्पॉंसर्शिप की जरुवत होती है
02:38ये बदलाव अमेरिका के टैक और सर्विस सेक्टर पर
02:41गहरा असर डाल सकता है
02:42जहां वर्षो से भारतियों और
02:44एशियाई पेशेवर H1B वीजा के तहट काम करते आए हैं
02:48विशेशग्यों का कहना है कि इस नई फीज और सक्त नीती से
02:51छोटे व्यवसायों और विदेशी टैलेंट पर
02:54निर्भर कंपनियों पर अतरिक्त वित्य बोज बढ़ेगा
02:57जिससे ग्लोबल स्किल फ्लो पर असर पड़ सकता है
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