00:00प्रकाश का महापर्व यानि दिपावली जिसे प्रकाश का पर्व कहा जाता है भारतिय संस्कृती में इसका महत वो अत्यंत महतपूर्ण है दिवाली के दिन ना केवल दिये जलाये जाते हैं बल्कि ये अंदिकार पर प्रकाश अज्ञान पर ज्यान और बुराई पर अच्�
00:30जुआ खेलना शुब है या अशुब और ये परंपरा कब कैसे और कहां से चलिया रही है इसके साथ में ये भी जानते हैं कि इसके पीछे की धार्मिक मानिता क्या है प्राचीन ग्रंथों के अनुसार दिपावली के अगले दिन यानि अन्नकूट या गोवर्धन पूजा क
01:00जुआ खेलना शुब मानते हैं एक अन्य मानिता जो महाभारत काल से जुड़ी है उसके अनुसार पांडवों ने दिवाली के दिन ही जुए में अपना सब कुछ दाओं पर लगा कर खो दिया था जिसके कारण उन्हें वनवाज भूगना पड़ा था महाभारत में युदि
01:30जुआ रणिशा की रात कहा जाता है और ये रात शुबता से भरफूर होती है दिवाली की दिन जुआ खेलना हाड जीत का परतीक माना जाता है दार्मिक मानिताओं के मताबरे किस रात जुए में जीतने से साल भर आपकी किस्मत अच्छी रहती है और आपको आर्थिक ला�
02:00रंपरा के तहत एक जानकारी के तोर पर दी गई है दिवाली के इस महा परव पर अपनों के साथ खुशियां बाटें और कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताए कि वीडियो कैसा लगा
Comments