00:00भाई बहन के प्रेम पून रिष्टे से जुड़ा त्योहार भाई दूज कार्तिक महा के शुकल पक्ष की दुतिया तिति को मनाय जाती है।
00:08दिवाले के दो दिन बाद मनाय जाने वाला ये तियोहार उत्तर भारत के अधिकांश हिस्तों में काफी धूम-धाम से मनाय जाता है।
00:38अपने भाई को तिलक लगा कर उसके लंबी उम्र और सुख सम्रिधी की कामना करती हैं।
00:43तिलक के बाद बहने अपने भाई को गोला यानि कि सूखा नारियल देती हैं।
00:47जिसे चांद का प्रतीक माना जाता है।
00:50हिंदु परंपरा में गोला देने के एक नहीं बलकी तीन मुख्य कारण बताएगा है।
00:55चांद का प्रतीक गोला ठंड़क, शांती और इस्थिर्ता का प्रतीक है।
01:00इसे देने से माना जाता है कि भाई का जीवन शांत और सुख में रहे।
01:04महीं बहन अपने भाई को गोला दे कर उसके दिर्ग जीवन और अच्छे स्वास्त की प्रतना करती है।
01:10साथी गोलाकार को शुव माना गया है जो जीवन में पूर्णता, एकता और सौभाग गिलाता है।
01:16यानि गोला देने से भाई बहन का रिष्टा मजबूत होता है और दोनों के बीच इसने बना रहता है।
01:22इसलिए भाई दूज के दिन बहन भाई को गोला देती है।
01:26वह सवाल अब ये उठता है कि भाई दूज के बाद इस नारेल के गोले का क्या करे।
01:30भाई दूज के बाद नारेल के गोले को आप पूजा के बाद सुरक्षित रख सकते हैं, उसे प्रशाद के रूप में खा सकते हैं, मिठाई बना कर खा सकते हैं या इसे आप संभाल कर कुछ दिन रखकर उसके बाद इस नारेल को खा ले।
01:43लेकिन याद रखें कि इस नारेल का आपमान नहीं करें इसे फेके नहीं क्योंकि ये शुब नहीं माना जाता इसे आपके भाई बहन के रिष्टे में खटास आ सकती है
01:52उमीद करती हो आपको जानकारी पसंद आई होगी
01:54फिल्हाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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