00:00हमने हॉलिवूड में भी साड़िया को चाही हुई है और बॉलिवूड में सारुफवान की जो फिचर है असोका उसके अंदर भी पहनी हुई है और वो भी महसवर के अंदर ही सूट हुई हुई है तीन राज्य से दागा हाता है कॉयमवटों से पटन आता है अपना सूरत से �
00:30पहिचान विदेश तक क्या अपना जा रही है कि महशुर में हाथ से बढ़ी भी साड़ी बंदी जाती तो मेरे पीछे आप देख रहा हैं मत प्रदेश में जो महेश्वरी साड़ी काफी फेहमस होती और महेश्वरी साड़ी क्यों होती जानने की कोशिश करेंगे आखिर ट्र
01:00दूर जो वियाओं के महरास्त्रे से आई थी इंडाल। ही इंडाल। अन्हों ने उनकी राजदानी इंडाल थी, उन्होंने का महाइश्वर में उन्हों ने सुचा था जन्नेशन, पीड़ी दर पीड़ी कॉव मैं क्या देसके जाहूं। तो उन्होंने कपड़ा चुना, कप
01:30लेकर आए एक महराश्ट से एक मांडो और गुजरास से एसे तीन-चार समाज मिलके हिंदों से समाज मिलके महसवर में आए और यह महसवरी साड़ी का किस्टापना हुई और वहां से महसवरी साड़ी का चलान हुआ
01:48कि दागा आता है को अमब टूर से पॉटन अता है अपना सूरच से जरी आता है और बेंगलोर से सीलक बाश टाए यह तिनुजगों परांत से मिलके अंदर महेस्वरर के अंदर बुनय होती है और बुनने के बाद में प्रूट शाड़ी चलाई जाती है और महेश्वरर्च का
02:18पर उतारते हैं तो इसको पहनने के भी कुछ फायता है जैसे खादी अपन पहनते हैं और एक अलगी फील आता है और यह हर एक एड़ेस्में हर एक मोसम में एड़ेस्ट कर लेती है
02:43जैसे खादी अपन पहनते हैं तो एक अलगी फील आता है इसमें इसा लगता है कि मा नर्वदा की बहुत में वेटे हैं अच्छा मुझे ऐसा लग रहा है कि जो पहुवाली मूवी आई ती राज माता में भी क्या इसी परकार की साड़ी पहनी है बिल्कुल महेश्वरी साड�
03:13साइज जीरो उसके अंदर भी और शाडियां पहुचा आधरी और अक्से अपना सारुप्वान की जो पिचर ए अशूका उसके अंदर भी पहनी हुई है और वी महेस्वर के अंदर ही सूट हूई है हम वेज है महेश्वरी साड़ी जो सिंपल जैसे होती है वो तो हजा से स्
03:43सबसे अधिक गाम की साड़ी कौन की तेरा हजार हुपिन अच्छा प्लस कॉस्ट मट्रेल का वह बहुत बढ़ चुका बहुत बढ़ चुका है इसके बारे में बहुत आभार करता हूं कि उन्हों
04:07हमें इतना अच्छा प्लेट्फॉम दिया बिना किसी प्राइस के बिना खुरी और को यहां पर प्लेट्फॉम पर कड़ा और पुरे देश विदेश से लोगों से हम मिलें उनसे कम्यूनिकेशन हुआ और बिजनस भी मिला कुछ वारा अच्छा विदेशी परिया तक जब आ�
04:37से बनती है जिसे है दो हजार पंद्रा में राष्टे अपना नरेन मोधी जी ने अपने पराहन मंती जी ने जब हैं लूंग डे चालू करा था उस समय उन्होंने बात बोली थी कि जिस तरीके से एक बेटी अपने बाप को विदा करता है उसी तरीके से बुरुकर एक अपन
05:07पुर्ण अपने हाग लूग करके ऊस्तरीके से पुर्ण पलना टैयार करके ऊच्यumed कर से और इसमें हने घ्रस करते हैं और हम को भी अच्छा वही पेहन कर आता है
05:29और बहुत अलगी लोग लगता है और हमें यह देखते हैं कि हमारी साड़ी इतने अच्छी भी दीख सकती है यह हमने ही बनाई है
05:35मैं माहिश्वर से आया हूँ यह इवेंट में मतलब यह बहुत अच्छा है कि माय तोरीलिजम जो काम कर रहा है वी टु भी जोड़ रहा है है और हम लोगों को भी परमोट कर रहा है कि हरिटेज में माहिश्वरी साड्यों को भी रखा जाए या होटों में होटलों में रखा �
06:05तो उससे यह समझ में आ रहा है कि यह प्रोग्राम से हम को आगे महसवर को बहुत उन्हती मिलेगी और महसवर के जो बुद्गर परिसान है कहीं कहीं कि काम मिले या हमारा साडिया विके तो आज इसा लग रहा है कि अगर यह इनकी सोच के अनुसार हम लोग चलते हैं तो बव
06:35करता रहा हु भाद करगा के जो लूम होते हैं हूँ कौब र्यक्राम फकार अग्शिक को लेकर ुद्गरण मंधी न हमान तर दिया है पुझे नेशनल एवर्ड से नयवग से नावाजा है देश्नल एवार्ड मिला है मैं नेशनल ले चुका हूँ एस्टेट डवाड ले �
07:05मेरे कला को हर इस्तर पर सम्मान दिया गया है और आज उसी कला के देखते वे मुझे यहां बी-टू-डू-बी में बुलाया है और बहुत अच्छी बात है कि जो टूरिलिजम या बारत सरकार इसको बढ़ावा दे रही है आज पुरे इंडिया की पहचान विदेश देश तक
07:35मशीन के कोई काम नहीं होता है पूरा हेंड मेड है मैस्वरी साड़ी इस तरीके से मैं आप तो दिखा दू किस तरह की खूपशूरती है देखिया दूर से यह साड़ी देखने में अट्रेक्टिव होती है और लोगों काकरशित करती है यही बजाए कि कुरानी परंपरा अ
08:05मेरे दादा जी के टाइम होलकर इस्टेड में पकड़ी बनाते थे हम लोग तो उस टाइम से आज तक हम लोगों किस प्रंपरा को जिन्दा रखा है है है लूम को बन्यवाद तो क्या कहेंगे मुख्यमंत्री जी जो काम कर रहे हैं अभी की फिलाल के दौर में दुनिया सम�
08:35है उतनी हाइए लेवल की है कि लोगों को समझ में जब आता है और ऐसा भी हो सकता है दुनिया में पहले मैंने आज से दस साल पहले बनरा साल पहले सुना था अरे हमारे सरकार या हमारे सर जारू लगवारा रोड़ पे जारू दी लगवारा रहे थे वह इंडिया को सुच्
09:05प्रांती को कहेंक के वारे अलगे जब भी लोग क्यांते हीया का मेरे पार पूंद मैं मेरे पास पी इसंख दो इसके रूग कर रॉ आम एक बहुत छोटे से ऌइंगा देगाने से वह वह वह में आ थे
09:35विक्रिया था बहुत परिशान थे कि कुछ थोड़ा बहुत नास्ता मिल जाए तो हम नेकर चलो ठीक हो चीफ वोगरा ले लिए थी एसी दुखान थी कि हमारे सोच पर देनाता है कि खरेगा क्या क्या वह यूप अनलाइन कर सकते हैं पेमेंट आप कनी लाए हो तो वहां सुन
10:05कुछ अलग देखें क्या कासिया था नहीं हमारे सर ने जो अभी और नया डॉलप लाए है कि वह गाउं गाउं जाके या छोटे लोगों से मिलके बहुत सारी चीजों को वह भी अपने तरफ से ऐसी चीजे कर रहे हैं जो कि हमारी समझ के परे हैं अलब हैलो में भी उन्हों
10:35कि बहुत गहरी सोच रखी है और इसका यह जब फुलो आएगा या गोलो आएगा यह बोलते ना दुनिया में ऐसा लगेगा कि कौन कर गया ऐसा यह समय आप ऐसा आने वाला है देखिए यहां पर मैश्वरी साडी को देखने के आया है तो क्या देंगी मैश्वरी साडी के �
11:05का इस में से हैं तो यह जब जब फुलो आपकर इसाडी के है वाली बॉर्ट में भी ज़ो है अभी नेत्रिया साडी को नहीं पहन चुकिया और इसाडी का अलग ही लोग और यह ऑं खास्यत है मैश्वरी साडी के तो वान इंडिया आपको जो है तमाम ऐसे स्टोल वरू कर �
11:35नब जब एन्वाद के लिए लग। आप्टाइब के लिए अबाद इन्याप्ट्टिंग अप्टाइब के लिए आपट्टिंग अवग।
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