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भारत मंडपम में आयोजित AAHAR 2026 भारत के सबसे बड़े Food & Hospitality Trade Fairs में से एक है। इस खास बातचीत में ITPO (India Trade Promotion Organisation) के चेयरमैन Amb. जावेद अशरफ ने बताया कि कैसे यह आयोजन भारत के Food Processing सेक्टर, Hospitality Industry और Export Economy को नई दिशा दे रहा है। AAHAR में दुनिया भर से आए 1800+ Exhibitors, International Participants और Food Startups भारत के Food Ecosystem को एक मंच पर ला रहे हैं।


#AaharFoodFest #IndianFarmers #IranUSWar #OneindiaHindi #AmbJawed Ashraf #ChairmanITPO

~HT.96~

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00:03नमस्कार, One India के इस पॉड़कास्ट में आपका स्वागत है
00:07आज हम बैठे हैं भारत मंडपब में ये एक आइकोनिक स्थान है
00:12इस लिहाज से क्योंकि इस जगह ने भारत को सिर्फ अपने देश में ही नहीं
00:18बलकि विदेशों में भी एक पहचान दिलाई है
00:21कई ऐसे इवेंट्स जैसे की रिसेंट्ली कंक्लूड़ेड एआई समिट और हर साल आयजूत हुनवाले ट्रेड फेर या फिर बुक फेर
00:30इन सब से हमारा और आपका नाता रहा है
00:32लेकिन कभी हमने यह जानने की कोशिश की कि कौन है वो वो कौन सा संस्थान है कौन सी बॉड़ी
00:38है जो इस बड़े विशालकाए शेत्र में आयोजूत हिनवाले इन फेस्टिवल्स को इन आयोजूनों को सफल बनाता है
00:45वो है ITPO, इंडिया ट्रेड प्रोमोशन और्गनाजेशन हमारा सभाग है कि आज हमारे साथ जावेद अश्रफ जी है
00:53चेर्मैन ITPO के जावेद साब बहुत बहुत स्वागत है वन इंडिया से बाचीट धने बादा
00:59जावेद साब, इसे पहले कि हम बाचीट के करम में ITPO और आपके अपने अनुखवों की बात करें
01:06आहार का आयोजन यहां किया जा रहा है, फूड और पैकेजिंग और प्रोसेसिंग की यह जो पूरी की पूरी प्रदर्शनी
01:13यहां लगाई जा रही है
01:13चालिसमें साल में आहार भी चल रहा है, आपको क्या लगता है कि भारत की जो फूड प्रोसेसिंग और जो
01:20फूड सप्लाई इंडस्ट्री है किस सरह से इवॉल्व की है इन चालिस सालों में
01:24देखी इस साल यह चालिसमा वर्ष है आहार का तो आप इसी से अनुमान लगा सकते हैं कि यह कितना
01:32महतवपुर्ण है
01:33पहली बात यह ही कि मुझे इस साल तीन बहुत महतवपुर्ण स्थम्विस के दिखते हैं
01:39पहला कि यह पिछले कुछ सालों से और विशेश करके पिछले दो वर्षों से जिस प्रकार से भारत में रिफॉर्म्ज
01:47हो रहे हैं
01:48तो उससे फूल प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को पी ऐलाई के माधियम से या इस ऑफ डूइंग के माधियम से
01:57बहुत प्रोसाहान मिला है और काफी सुविधाय मिली हैं काफी इंसेंटिव मिले हैं जिसके आधार पर यह इंडस्ट्री बहुत देजी
02:06से ग्रो कर रही है
02:07दूसरा मार्केट की दृष्टी से देखें तो भारत में फूड प्रोसेसिंग और उससे जुड़ा हुआ हॉस्पिटालिटी सेक्टर करीब करीब 15
02:17% हर साल ग्रो कर रहा है
02:19उसके कारण है कि आपके डेमोगरफी भारत की आबादी पर उससे अधिक यह भारत की युवापिडी हमारे शहरी करन हमारे
02:31समझी बढ़ रही है इंकम आए बढ़ रहे हैं फिर आप यह लाइफस्टाइल में बहुत परिवर्तन हो रहा है आज
02:39प्लैटफॉम एकॉनमी शु
02:47इन सभी कारणों से आप देखें हॉस्पिटालिटी सेक्टर में बड़ी तेजी से प्रग्रती हो रही है और तीसरा स्थम जो
02:56है यह है एक्सपोर्ट का या निर्यात का जी और निर्यात जहां तक सवाल है आपको जैसे मालूम होगा कि
03:07भारत से पांच लाग करोर की निर्या
03:17डॉलर की यह भी पिछले कुछ सालों से आठ से दस प्रतिशत की रफ़तार से बढ़ रहा है यह जो
03:24पचास बिलिन डॉलर है या पांच लाग करों है उसका बीस फिस दी प्रोसेस फूड इंटर्स्ट्री से है जानी की
03:34दस बिलिन डॉलर की आपकी मर्यात होती है सिर्फ प्
03:38और मैं बाकी अगरिकल्टर राइस वगरा की मरीन प्रोड़क्स की बात नहीं कर रहा है यह आने वाले समय में
03:47बड़ी तेजी से बढ़ेगा उसका मुखे गारण यह है कि हमने पिछले पांच साल में आठ आपके एफटीएज होए हैं
03:53विशेश करके और अगर आप यूएस
04:08के साथ बड़ी एथिहासी के एफटीए हुई है उससे पहली यूके के साथ हुई एफटा के साथ हुई तो अब
04:14हमने पूरी यूरोप को कवर किया है इसे पहले ओमान है मौरिशेस हुआ और आने वाले समय में कुछ इस
04:22साल कैनड़ा भी हो जाएगा तो हमारी फूड प्रो
04:38बल दिया गया है कि हमारे स्मॉल स्केल सेक्टर को एक तरफ हम प्रोटेक्ट करें दूसरे तरफ उनके लिए नए
04:46उपरिचुनिटीज को रहें जी जी जी जी तो अहार इन सभी चीजों के लिए बहुत ही बहुत ही मातपुर्ण है
04:52और इस साल पिछले वर्ष के तुलना में
04:57ज्यादा रूची है ज्यादे उच्सा है जबकि पूरे विश्वब में आज कई संकट हैं ट्रेड में बाधाएं अरवियापार में बाधाएं
05:05आ रही हैं उथल पुथल भी है और इस समय खाड़ी में हमारे परोस में बड़े पैमाने पर यूद चल
05:14रहा है जिसे काफी ची
05:26255 एग्जिबिटर्स बाहर से आए हैं 17 देशों से और इस जो आजकर संकट है उसके बावजूद भी है सारे
05:37एग्जिबिटर्स यहां बाग ले हुए हैं इसमें से कई साउथी स्टेशिया से हैं कई आस्ट्रेलिया से हैं यॉरोप से हैं
05:44लाटिन अमेरिका से भी हैं ब्र�
05:54पार्टनर कंट्री बनाने का निरने लिया था और हमें गर्व है कि इटली हमारा पहला पार्टनर कंट्री है और इसे
06:03एक प्रकार से आहार को एक अंतराश्य सुरूप और बढ़ता है यह टूवे प्रॉसेस है जाविद साहब कि वहां से
06:10जो भी 17 देशों से माली जी प्रद
06:24ट्रेड दो तरफ रहा होता है बत अब दोनों तरफ से होता है आयात भी होता है निर्यात भी होता
06:28है एक बैलेंस होता है जी और जब ट्रेड में बैलेंस होता है तो ट्रेड निरंतर रंबे तमे तक अच्छे
06:36से बढ़ता है तनाव नहीं आता है लेकिन यह जो आहार है चाह
06:53technology है, start-ups है, kitchen के सामान है, cold storage के सामान है, supply chain के सामान है, यहां
07:02तक की food trucks भी आकी प्रदशनी, और आज कल चुकी आप mist cooling fans की भी प्रदशनी क्योंकि आज
07:10कल यह बहुत ज्यादा ज्यादा उसकी प्रयोग हो रहा है, तो यह inputs के लिए भी महत्रपून होता है, तो
07:21एक पूरी ecosystem यहा
07:23हाती है, hospitality sector की, decor के द्रशनी से देखें, उसमें भी है, और एक तरफ तो इन सारी चीज़ें
07:31के आप द्रशनी देखेंगे, दूसरी तरफ यह है कि जैसे बाहर से आ रहे हैं लोग, तो कुछ वो आजकल
07:39बाहर की भी spices यहां यूज होते हैं, या बाहर के कुछ finished products, pasta आजकल बह
07:53बिलाते हैं, collaboration की भी बात करते हैं, packaging में किस प्रकार से improve कर सकता है, और भारत से
08:00वो किस प्रकार से अपने आपको distributor के रोल में बाहर के देशों में एक business की का समझाता कर
08:07सकते हैं, तो trade fair केवल यह finished products का नहीं होता है, पुरा ecosystem जोड़ जाता है, बिल्कुल, बिल्कुल,
08:15आपने
08:15जाविद साब बात की technology की और जो आपने end to end services की बात की, यहां पर ना सिर्फ
08:20produce की, बलकि उसको process कर देंगी और उसको संजोई रखने के लिए ताकि वो long term रहे और फिर
08:26कई दूसरे देशों में जाए, आ सके दोनों, उस मामले में हम लोग AI की अकसर बात करते हैं, अभी
08:43कु�
08:45technology खासकर आहार में किस तरह से आपको मदद करती हैं और खाने के एक्षेत्र में, food, processing and hospitality
08:51में AI के अलावा और कौन सी technologies होती हैं, जो आहार में आप लोग इस्तमाल कर रहे हैं, आपको,
09:01AI का किस तरह से उप्योग आगा, वो आपके imagination पर डिपेंट करते हैं, और उसको, उसकी और
09:09यह ज़रूरी नहीं है कि हर चीज में आप AI जोड़ना शुरू करते हैं, कई बार ऐसा होता है कि
09:17एक शौख हो जाता है कि भी बिना AI के आपके boss भी आपसे कहेंगे, भी इसमें AI का इस्तमाल
09:22करो, तो सबसे पहरे तो ध्यान देना होगा कि AI किस छेत्रें में कितना लागू हो
09:27सकता है, किस चीज में किस काम के लिए और इस समय जिस तर पर उसका विकास है, वो जैसे
09:35उसकी models कैसे train हैं, किस तरह से, किस भाशाओं में हैं, तो उन सभी चीजों को ध्यान रखके आपको
09:42फिर इस्तमाल करना होता है, AI का, अब मान लिजिए कि अब ये प्रदर्शनी है, इ
09:49इसमें AI का किस प्रकार से अटक जनरल लेविल लग सकता है, हमने एक एप बनाया है, आहार के लिए,
09:58विशेश करके, उसमें उन सभी सुदाएं आप मिलेंगी, जो एक ट्रेड़ फेर में आपको जो एग्जिबिटर है, या जो विजिटर
10:07है, उसको जरूरत होती है, वो बि
10:19करेगा, जी, जी, तो उसको आजएगी लिस्ट के कौन से मैच कर रही है, आप किसे मिल सकते हैं, तो
10:27इस तरह के एक उधार है, फिर आपकी प्रोफाइल मैचिन्ग से फिर उसमें ये लगता है कि आप इन चीज़ों
10:33पर बात कर सकते हैं, तो दूसरा हम आने वाले समय में AI ए
10:49विशेक है, क्योंकि किसी किसी समय जैसे AI टीएफ होता है, आप जरूर इसको देखे होगे, इंपक्ट समिट जो अभी
10:57हुआ, कभी कभी एक लाख सवा लाख लोग एक साथ यहां जमा हो जाते हैं, जी, उस समय आपकी, अगर
11:05आप ऐसे सिस्टम्स डाल सकें, जिससे अंदर �
11:08मुझने में कम समय लगे, तो क्यों नहीं बनीगी, क्राउड मैनेजमेंट कि आपका ऐसा इंतजाम हो जाए, कि आप फ्लो
11:16मैनेज कर सकें, कहीं से जादा भीड हो जाए, तो आप लोगों को कह सकें, आप उधर जाएं, क्योंकि आपको
11:21सुरक्षा की दृष्टी से भी देख
11:34कर सकते हैं, अब जो यहाँ एग्जिबिटर्स हैं, वो किस तरह से AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, वो तो
11:40आपको उन से पूछना होगा, और यह ज़रूरी नहीं है कि अब जैसे मैंने AI Impact Summit में देखा, अब
11:48Power Loom में भी, अब AI से प्लग इन करने की से, जो हैंड लूम में भी, डि
12:04जानी प्राचीन टेक्नोलजी समझी आथी, अब उसमें AI प्लग इन हो गया है, उसकी इतनी फाइन और प्रिसाइस तरीके से
12:12वो डिजाइन उतरके वहां आता है, कि उसमें वेस्टेज नहीं होती है, वो बिचारे उसने जो हैंड लूम पर एक
12:20कपड़ा बनाया हो, जो डि�
12:33एक चीज और होती है, यहां कुलिनेरी आर्ट शो होता है, तो यहां रोज कॉम्पिटिशन होती है किसी एक विशेश
12:40सब्जेक्ट पे, आज लिजे मान लिजे बेकिंग और कनफेक्शनेरी पे, या कल सजावट पे आएगी, तो इन में 600 लोग
12:50भाग ले रहे हैं, एक जूर
13:02में उसमें 200 प्रोफेशनल शेफ्स हैं, 400 एमेटेर्स हैं, शौकिया, जो खाना पनाते हैं, असली मास्टर शेफ को आप यहां
13:09चला रहे हैं, तो इसके कुछ शेफ्स हैं, जो रोज क्लास लेंगे, जिसको 60-70 एक गंडे का 70-60
13:23-60 लोग अटेंट कर सकते हैं एक बार में, वा
13:32भी तो यह B2B Fair है, और इसको हम B2C भी कर दें, ताकि लोग देखना चाहेंगे, अब जैसे डेकोर
13:39का भी यहां की प्रद्रश नहीं होती है, होटेल्स में, हॉस्पिटालिटी सेक्टर में कैसा होता है, लोग घर में भी
13:44उसी तरी की से जाना चाहते हैं, कि हम अपने डेकोर
13:47हो, कैसे इंप्रूफ कर से, कैसे कर सके हैं, तो आहर जो है, और ट्रेड फेर दिखिए, आज भी इंटरनेट
13:58के जमाने में, सोशल मीडिया के जमाने में भी बिजनेस ट्रेड फेर के माधिम से होते हैं, लोग एक दूसरे
14:05से मिलते हैं, एक बार में एक जगा कंपेर कर सकते ह
14:11अप्स्ट्रीम डाउन्स्ट्रीम जो सप्लाई चेन होती है या फिनिश प्रॉडक्स होते हैं अपने इंडस्ट्री वैल्यू चेन में उसके साथ भी
14:19जुड़ जाते हैं और ये अनुमान लगाया जाता है जैसे एक स्टेडी में मैं पढ़ रहा था जर्मिनी जो जिस
14:27जो ट्र
14:39योरो का फैदा देती है ये इस तरह के इनकी एकनामिक इंपाक्क ये जब ट्रेड़ फैर होता है इक तो
14:47बिसनिस को फाइदा होता है लेकिन उस शहर में अन्य बिसनिस को भी फाइदा होता है अल्यूज्द
14:54को है रीटेलर्स को है दुकानदारों को है रेस्टरॉंस को है फ्लाइट को है एरपोर्ट को इस मतलब पूरी एक
15:01कॉम्प्रिहेंसिफ बेनिफिट होती है तो एक ट्रेड़ फेर को केवल इस दृश्टी से ना देखें कि जो ट्रेड़ फेर ग्राउंड
15:10में बिजनेस संपन हो
15:12है बलकि पूरे इस पर क्या प्रभाव हो रहा है पूरे शहर पे एको सिस्टम को प्रभाव हो जड़ता है
15:17बिल्कुल जविट साब हम लोग आएंगे एक एकस्पीडियंस यूजर एकस्पीडियंस वाले सवाल पर लेकिन उससे पहले मैं जानना चाहता हूँ
15:25जब इतने ब�
15:42हो रहा है उसमें छोटे बिजनस हाॉसज को या जो प्रोडूसर्स ये चोटे वोठल इंडस्ट्री में है उनको कितनी सहुल्यत
15:51है उनके लिये कितना असान है यहाँ आकर प्रदर्शनी लगाईं leaf
15:54कि हम प्रदरशनी जो यहां होती है वो कमरिशल लिवल पर होती है ये फिक्स्ट रेट्स होते हैं हॉल्स के
16:04हॉल्स के स्टाल्स के तो यह सब फिक्स्ट है
16:08Small exporters या SMEs को मंत्राले उनको subsidies देती है या export promotion scheme के तहथ उनको benefits देती है
16:22जहां तक हम लोगों का सवाल है हम लोगों ने startups जो यहां है food startups उनको 50% discount
16:28पे जगे जी थी
16:30और वो स्टार्टप जो स्टार्टप इंडिया से रेक्रिगनाइज़ तो आने वाले समय में हम लोग ये भी सोच रहे हैं
16:39किस प्रकार से हम प्रमोशनल अक्टिविटीज में उनको मदद कर सकें लेकिन बहुत ज्यादा यहां रेट है नहीं और जैसे
16:49मैं देख रहा हूँ यह
16:50यहां अधिकांच जो एक्जिबिटर्स हैं वो स्मॉल और मीडियम एंटर्प्राइज़ सेक्टर के ही हैं और उनको यहां लाब मिलता है
17:02इसे इनको बेनिफिट है इसी कारण यह इस साल मैंने देखा कि जतनी हमारी जगह है उससे कहीं ज्यादा डिमांड
17:09थी जगह की अच्
17:20एक्जिबिशन एरिया है ठीक है पूरा का पूरा प्रयोग हो रहा है आहार के लिए और हमने खुले जगह में
17:27एक हैंगर भी लगाए हैं जी तो यह इससे आपको यह स्परश्ट हो जाएगा कि छोटे भी वैपारी जो है
17:38अगर उनको लाब दिखता है तो वो इन्वेस्ट क
17:50आने जाना हम स्पेशल ट्रांसपोर्ट सर्विसेज भी रन करते हैं और हमने जैसे फूट कोट्स यहां इतने बनाए हैं कि
18:00किसी को लंबे समय के लिए क्यों ना करना पड़े दो एर कंडिशन फूट कोट्स लगे हैं इस साल कि
18:06अब गर्मी शुरू हो गई है तो एक ऐसा इ
18:19आप बहुत ही लोगों को भी कुछी दिन पहले हमने लॉंच किया लेकिन उसको सारे के सारे एक्जिबिटर्स डाउनलोड कर
18:26रहे हैं और विजिटर्स भी डाउनलोड कर रहे हैं जी और उनको ऐसा लग रहा है कि यह जैसे उनका
18:31नुभव होता है बाहर उस प्रकार का नु�
18:47आपसिबिलिटी जारे मेंस उसको हार्नेस करने के लिए और सही दिशा देने के लिए आहार जैसे आयोजन कितने इंपॉर्डन होते
18:55हैं उनका रोल किस तरह का रहता है और साथी साथ जब बात ग्लोबल फूड सेक्योरिटी के हो उसमें कितना
19:01बड़ा रोल इंडिया प्ले क
19:02सकता है देखे भारत जो है आप किसी भी रामी छेतर में देखें तो फूड ग्रेंज हो जाहे राइस वीट
19:16शुगर केन पल्सेज मिल्क फ्रूट्स वेजेटेबल्स मसाले तो या तो एक या दूसरे अस्तान पे ही रहता है अच्छा लेकिन
19:28हमारी भी जरूरते हैं बहुत ह
19:30अच्छा लेकिन है और उसमें तो सरकार के क्या प्रयास है पहला कि प्रोड़क्टिवेटी रिजिलियन्स कैसे बढ़े फार्म सेक्टर में
19:47पहला ताकि आपकी आउटपुट जो है फार्म सेक्टर की बढ़े प्रॉप डिवर्सिफिकेशन भी हो और ये क्रॉप की रिजिल
20:03फार्मर कोर की रिस्क मिटिगेशन हो फार्मर की क्रेडिट इंपूट्स तरही टाइम समय पर और सही दाम पर मिले और
20:09फिर फार्म से फोक तक मार्केट तक किस तरह की सप्लाई चेन हो उसमें जो बरबाद होता है बीस-तीस
20:18परसेंट वो कम हो एक तो ये है कि कैसे हमारी प्
20:24पुट पड़े तो वो तो हो रहा है और आजकल हम बात करते हैं क्लाइमेट रेजिस्टिंट फ़ार्मिंग की जीरो बजट
20:33फार्मिंग की ऑर्गानिक फार्मिंग की तो एक तो ये है दूसरा इंडस्ट्रियल इंवेस्मेंट तो फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मैंने बत
20:43है प्राफ्मिक्ता दी गई है इस अ प्रायॉरिटी सेक्टर और फूड प्रोसेसिंग मिनिस्ट्री कई तरह के योजनाएं बनाई है उसके
20:51कोल्ड चेन के लिए सबसीडीज है ग्रांट्स हैं और एक्विप्मेंट के लिए ग्रांट्स हैं फिर आपको फूड पार्क में अप
21:12इननाशनल कंपनीज हैं जो जिनकी फूड प्रेंट पूरी दुनिया में हैं जो यहां से मैनुफैक्चर करके सही तरीके से पैकेजिंग
21:21करके इसको एक्सपोर्ट कर सकती हैं यह सारी चीजें फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को भी बढ़ा रहे हैं अभी भारत में
21:29फूड प
21:42एकॉनमी में यह 32 प्रतिशत इसका शेर है भारत की मैनुफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रॉस वैल्यू अडिशन में 9 प्रतिशत इसका
21:54शेर है एम्प्लॉइमेंट और्गनाइज सेक्टर में 13 प्रतिशत शेर है विश्व में आज हम एक स्पोर्ट की जब हम बात
22:03करते हैं तो
22:04हम साथफे पॉजेशन पे हैं इंडस्ट्री पाँचवे पॉजेशन पे लेकिन जितना विशार हमारा एग्रो सेक्टर है और फूर प्रोसेसिंग सेक्टर
22:14है उतना अभी हम एक्सपोर्ट में नहीं देए हैं तो भारत की जो अभी जैसे मैं आपसे कह रहा था
22:22निर्यात है �
22:23पूरे अग्रिकल्चर सेक्टर की वो पाँच लाग करोर की है अच्छी गती से बढ़ रही है तो उसको अगर हम
22:30पचास बिलियन की बात कर रहे हैं तो उसमें पचास पचपन की तो ब्रीस प्रतिशत जो है वो है प्रोसेस्ट
22:38फूड की आच्छा बीस प्रतिशत यानि दस �
22:41इसमें की यह कम है लेकिन आने वाले समय में यह दुगुना होगी तीन गुना होगी यह इसमें कोई दो
22:50राय नहीं और सबसे अच्छी बात यह है कि जो पहले इसका शेर 13.5% होता था प्रोसेस्ट का
22:58अग्रिकल्चर एक्सपोर्ट में अब वो 20% हो गया यानि कि अब भारत
23:02से ज्यादा तेजी से वैल्यू आड़िट प्रोडट्स की एक्सपोर्ट सो तो उसका फायदा है कि आपकी एक्सपोर्ट अर्निंग ज्यादा होती
23:11है यहां एम्प्लॉइम्मेंट होती है और फिर मार्केट में यह डिफरिंट सप्लाइ चेन होती है तो वो ज्यादा स्टे�
23:32उसके लिए उसमें दो चीजें की दो मतलब इनिशेटिव की बहुत जरूरत है. एक, यहां हमारे एक्सपोर्टर्स को एजुकेट करना.
23:41क्योंकि हर मार्केट की अपनी एक स्टैंडर्स होती है, अपनी रेगुलेशन होती है. यॉरोप में बड़ी कठीन रेगुलेशन होती ह
23:50उसको हम नॉन टारिफ पैरियर की तरह से भी कहते हैं, लेकिन उनके रेगुलेशन है. क्या हम अपने एक्सपोर्टर्स को
23:56ट्रेनिंग दे सकते हैं, कि पेस्टिसाइड में नहीं यूस करो, यह किमिकल नहीं यूस करो, यह प्रोसेसी करो, फिर हम
24:03किस प्रकार की टेस्टिं�
24:05यहां लगा सके हैं, तो ट्रेनिंग, स्किलिंग इस वन एस्पेक्ट, टेस्टिंग, जो वहां पे अशॉरंस जिसको मिल सके हैं, कि
24:14हाँ यह टेस्टिंग ठीक है, हमारे कंजमिशन के लिए, और फिर प्रोमोशन, वहां हमें बड़े अग्रेसिवली अपने एक्सपोर्ट क
24:24को प्रोमोट करना होगा, तो यह तीन लेयर्स हैं, और इसमें हम लोग आई टी पी ओ, भारे सरकार के
24:31मिलके, हम लोग आने वाले समय में इन चीज़ों पर बेल देंगे, ताकि हम सामोही क्रूप से ट्रेड को प्रोमोट
24:37कर सकें, ना केबल ट्रेड फेर की दृष्टी से, ज
24:51चोटी चोटी और बड़े से बड़े देशों में देखें, इंडियन रेस्टरांट्स, इंडियन होस्पिटालिटी और होटेल्स जो हैं, बहुत अच्छा कर
24:58रहे हैं, खाने के काफी मांग है, लेकिन वहां तक खानों का पहुचना और सही धंग से उनके मानतों पर
25:03खरा उ
25:15ही है, तो वो शाम को दफ्टर से लोटते हैं, फ्रिज से वो रेड़ी टू इट निकालते हैं चलिए, और
25:22उसको दस पंदरे मिनिट में बनाके थोड़ी सी गार्निशिंग्स करके वो फिर खाते हैं, तो इसमें दो चीज़े मुझे लगता
25:28है, मैसे मेरा अनुभव था बाह
25:43पड़िये, उनके तो आप अपने खाने को प्रचलित करें, दूसरा, शेल्व पे जो मार्केट हैं, सूपर मार्केट हैं, ग्रोसरी स्टोर्स
25:56हैं, वहाँ पे शेल्व पे आप देखेंगे, जैपनीज फूड होगा, थाइफ फूड होगा, इटालियन है, फ्रेंच है, वहा
26:17अच्छी पैकेजिंग हो, देखने में सही रहे, और मुझे लगता है कि, और हमारी जो भारत की जो विवीदिता है,
26:27जो डाइवरसिटी है, जो अतुर्णिय है, उसका एक श्री तो आप जलक खान में देखते हैं, और मैंने बाहर, मैं
26:35आपको बताओं, इम्बेसीज में हमे
26:43बता रहा हूँ, पैरिस पे हमने फ्रेंच MPs को हमने बुलाया था, घर पे 25-30 MPs थे वो खाने
26:51पे, तो हमने पांच कोर्स थी, पांच भारत के छेत्रे से, और सब के साथ एक उस जगह की क्लासिकल
26:59डान्स फॉप भी हमने हर कोर्स के साथ रखी थी, तो खान के और कल्चर का क
27:13अच्छा, और उसमें हमारे मानने मंत्री भी कोईल जी भी आये थे, बिजने समिट भी किया था उसके साथ में,
27:21तो उसमें हमने करीब करीब चार कोर्स में 12-13 स्टेट्स के खाने का कहीं ना कहीं उसमें लगागी थी,
27:30तो ये हमारी जो विविद्धता है, उसको हम दिखाते
27:35हैं, भाशामें देखते हैं, संस्कृति में देखते हैं, लेकिन मेरे विचार से जिस प्रकायर से खाना में, खान्पान में जो
27:43विविद्धता है, और जो स्वाद है, हर छेतर का अलग, और वहाँ की एको सिस्टम से जुड़ा वाए है, आप
27:50देखेंगे, किस तरका प्रि�
28:05कि क्योंकि हमारे कई दर्शक जो वीदेशों में जाकर रहे हैं और कुछ समय के लिए आ जाते हैं या
28:12इनके मित्र अगर वीदेशों से उनके आते हैं
28:15तो आपने हमेशा देखा होगा कि वो अपने साथ अपने देश की कुछ प्रॉसेस फूड जरूर करते हैं और हमें
28:21और आपको जो भारती ये बाहर जाते हैं उनके लिए भी कई ऐसे खादुपदार्थ अवेलिवल हैं ये अच्छी बात है
28:28आज हमें जानने को मिला कि कैसे वो
28:30वहां तक पहुंचते हैं और कैसे वो उतने ही शुद्ध और परिश्वित होकर जरूर हमारे खाने लाइक बने रहते हैं
28:36जरूर साब आहार दोहजार चबीस अल्मोस्ट अब बिगुल बच चुका है शुबात हो चुकी है चौदा माच तक ये खारिकरम
28:42चलने वाला है भार
29:00हमारी शुब कामनाए है हम चाहेंगे कि आपका समय आपकी इंवेस्टमेंट सफल हो और आपकी बिजनिस बड़ी तेजी से बढ़े
29:11और अगले साल आप वापिस यहां आए उसी उत्सा उसी जोश के साथ यहां पर दुवारा भाग ले और भारत
29:19के निर्यात को बढ़ाने मे
29:23भारत में के अंदर भी बिजनिस को बढ़ाने में आहार एक बड़ा प्लैटफॉर्म है और आपका उस पूरी तरह से
29:31इसको प्रियोग करें साथ सी साथ मैं इन से यह भी कहूंगा हमें फीड़बैक दें कि हम इसे और किस
29:37तरह से अच्छा बना सकते हैं और बस यही मेरा एक
29:43जावेदा श्रफ साव अब प्लेजर तो कि यहां पर आपको भारत के और विदेशों के फूद प्रोसेसिंग और हॉस्पिटालिटे सेक्टर
30:01से कई बड़े दिगज खिलाडी और साथी साथ कई छोटे प्लेयर्स भी आपको नजर आएंगे अपने प्रोड़क्स को आप त
30:12वन इंडिया पर एस विशेश पॉड़कास को देखने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद
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