Skip to playerSkip to main content
वैश्विक Oil Crisis और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत ने बांग्लादेश को डीजल सप्लाई शुरू कर दी है।भारत ने करीब 5,000 टन Diesel बांग्लादेश को India–Bangladesh Friendship Pipeline के जरिए भेजा है।यह डीजल असम की Numaligarh Refinery Limited से सप्लाई किया जा रहा है।दरअसल भारत और बांग्लादेश के बीच हर साल 1,80,000 टन डीजल सप्लाई करने का समझौता है।Bangladesh Petroleum Corporation के चेयरमैन मुहम्मद रेज़ानुर रहमान ने बताया कि यह उसी समझौते का हिस्सा है।लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब दुनिया में तेल संकट गहरा रहा है, तब भारत यह सप्लाई क्यों कर रहा है।विशेषज्ञ इसे दक्षिण एशिया में भारत की energy diplomacy और रणनीतिक कदम मान रहे हैं।इस फैसले को Narendra Modi सरकार की क्षेत्रीय रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।अब यह कदम सिर्फ ऊर्जा सहयोग है या कोई बड़ा भू-राजनीतिक संदेश, इस पर चर्चा तेज हो गई है।

Amid the ongoing global oil crisis and rising tensions in West Asia, India has started supplying diesel to Bangladesh.Around 5,000 tonnes of diesel have been sent through the India–Bangladesh Friendship Pipeline.The fuel is being pumped from Assam’s Numaligarh Refinery Limited.This supply is part of an annual agreement under which India will send 180,000 tonnes of diesel to Bangladesh.According to the Bangladesh Petroleum Corporation chairman Muhammad Rezanur Rahman, the shipment is part of the planned supply scheduleHowever, the move has raised questions as the world is facing an energy crunch.Some experts see this as India’s effort to strengthen regional energy diplomacy.The decision is also being linked to the strategic vision of Prime Minister Narendra Modi.The development has triggered debate about whether this is a routine supply or a calculated geopolitical move.

#OilCrisis #IndiaBangladesh #DieselSupply #GlobalEnergyCrisis #ModiGovernment #EnergyDiplomacy #WestAsiaCrisis #BangladeshNews #IndiaNews

~PR.512~GR.122~HT.96~

Category

🗞
News
Transcript
00:00ग्लोबल ओयल क्राइसिस के बीच भारत का एक कदम सबका ध्यान अपनी तरफ खीच रहा है
00:05कि भाईया जब पूरी तेल में तेल की कमी से हाहाकार मचा हुआ है
00:10तो आप बांगलादेश को डीजल क्यों दे रहे हों?
00:13जब वेस्ट एशिया वार की वज़े से दुनिया भर में फ्यूल सप्लाई पर प्रेशर है
00:18तब इंडिया ने बांगलादेश को 5,000 टन डीजल भेजना शुरू भी कर दिया है
00:23अब सवाल ये उठ रहा है कि ओईल क्राइसिस के दुरान इंडिया बांगलादेश को डीजल आखिर भेज क्यों रहा है
00:31क्या ये सिरफ एक एग्रीमेंट है या फिर प्रदान मंत्री नरेंद्र मोदी का कोई स्ट्राटेजिक्स मास्टर प्लैन
00:38सबसे पहले आपको खबर के बारे में दरसल भारत ने बांगलादेश को डीजल सप्लाई इंडिया बांगलादेश फ्रेंशिप पाइपलाइन के जरिये
00:47शुरू कर दिया है
00:48ये डीजल असाम की नुमलिगर्ड रिफाइनरी से बांगलादेश बिचा जा रहा है
00:53और पहली शिप्मिन में ही लगबग 5,000 टर्न डीजल बांगलादेश पहुच रहा है
00:59यानि दुनिया जहां डीजल के लिए तरस रही है वहां हम बांगलादेश को डे रहे हैं
01:04बांगलादेश पेट्रोलियम कौपरेशन के चेर्मेन मुहम्मद रिजना और रहमान के मताबित
01:09ये सप्लाइ बारत और बांगलादेश के बीच पहले से हुए एक एनरजी एग्रीमेंट का हिस्सा है
01:16तो क्या है ये एग्रीमेंट जिसकी वज़े से भारत को बांगलादेश को ऐसे महल में भी तेल भेजना पड़ा
01:22इस एग्रीमेंट के तहत इंडिया हर साल बांगलादेश को 1,80,000 टन डीजल सप्राइब करेगा
01:29डील के मताबित हर 6 महीने में कम से कम 90,000 टन डीजल बांगलादेश को मिलना चाहिए भारत की
01:37तरफ से
01:37जो 5,000 का कंसाइनमेंट अभी भेजा गया है वो इसी सप्लाइ साइकल का पहला स्टेप है
01:44आने वाले दो महीने में बाकी डीजल भी सप्लाइ किया जाएगा
01:49कहीं ऐसा तो नहीं है इस एक अग्रीमेंट के चकर में भारत को मुकसान हो जाए
01:56लेकिन वही दरशकों एक दूसरा पहलू है इस वक्त भांगलादेश एक सीरियस फ्यूल शॉर्टेज का सामना कर रहा है
02:03ग्लोबल ओयल सप्लाई पर असर पढ़ रहा है यूएस इसरेल इरान बॉर की वज़े से और वेस्ट एशिया में चल
02:09रही इस जंग ने दुनिया भर की एनरजी मार्केट्स को हिला दिया है
02:13इसी वज़े से बांगलादेश चैसे देशों में फ्यूल सप्लाई पर प्रेशर बेहद बढ़ गया है और तेल के बना तो
02:21कोई भी कॉड़िमी जिना थे इसके बाद एक स्पोर्ट्स का मानना है कि इंडिया ये स्टेप सरफ एनरजी सप्लाई तक
02:29लिमिटेड नहीं रख �
02:31बांगलादेश में शेक हसीना के एक्जट के बाद दोनों देशों के रिलेशन्स को लेकर कई सवाल उखेंगे तो ऐसे में
02:38इंडिया का डीजल सप्लाई शुरू करना एक सिगनल हो सकता है कि दिल्ली धाका के साथ अपनी शाटेजिक और एनरजी
02:46टाइस को मजबूत रखना
02:48चाहता है पिछले दो-तीन साल में जो कुछ भी हुआ उसको भुला के बांगलादेश का साथ देना चाहता है
02:55ताकि बांगलादेश को समय जा सके कि असल में उसका दोस्त कौन है और भारत का साथ दे सके और
03:02इसके पीछे सवाल यह है दर्शकों कि पाकिस्तान तो एक तरफ स
03:10हो रही है लेकिन चाइना के और ऐसे में अगर थ्री साइड तीसरी साइड बांगला देश से भी दुश्मनी होगी
03:17तो यह इंडिया के फीचर के लिए से नहीं है और अगर ओयल क्राइसिस में हम उन्हें डीजल ऐसे ही
03:24भीजते रहते हैं यह भरोसा तो जीतेगा अब बड़ा
03:28सवाल यह है कि क्या यह सिरफ एक रूटीन फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट है या फिर ग्लोबल ओयल क्राइसिस के बीच
03:35इंडिया अपनी रीजनल डिप्लमिसी को और स्ट्रॉंग कर रहा है इंडिया बाहर देश-विदेश में तो दोस्त बना ही रहा
03:42है लोकिन परोसियों
03:44से भी अपनी सुलाव एक बात साफ है एनर्जी और जियो पॉलिटिक्स दोनों के बीच इंडिया का ये कदम साउथ
03:51एश्या की पॉलिटिक्स में काफी माईने रख सकता है क्योंकि पाकिस्तान भी देखकर है क्योंकि पाकिस्तान तो किसी की मदद
03:58करने की हालत में नहीं है �
04:01तो खुद ही वहां तो खुद ही फ्यूल का लॉक्डाउन लगा हुआ है ऐसे में अगर भारत बंगलादेश की मदब
04:08करता है तो बंगलादेश की लोयल्टी भारत की करना सकती है और यही है दान मंत्री मोधी का मास्टर क्राइम
04:16लेकिन दर्शकों इसके बाद सवाल कहीं उ
04:30सबस्क्राइब करने सबस्क्राइब कर लिह है प期待 कि
Comments

Recommended