00:00धन्तेरस इस साल 18 अप्टुबर दिन शनिवार को पढ़ रहा है।
00:30अप दीप गौधुली देला में भी चला सकते हैं।
01:00अप दीप प्रजुलित करें।
01:02मिठाई फल चांदी या सोने के सिक्के।
01:04लक्ष्मी जी की आरती की पुस्तक्या परना।
01:06आप साथ में कौडियां भी रख सकते हैं।
01:09कौडियों की संख्यां 11 होनी चाहिए।
01:11अब दीप प्रजुलित करें।
01:12सबसे पहले भगवान गनेश की पूजा करें।
01:14अब पंचाम्रत से मुवतिया तस्वीर को असनान कराएं।
01:18चांदी या सोने के सिक्को पर हल्दी कुमकुम लगाएं।
01:21अगर कौडियां रखी ही तो उन पर भी लगाए।
01:23मालक्ष्मी को उसके बाद उन्हें अर्पत करते।
01:26कुबेश जी को धन के रक्षक और संचित धन के देवता मानते हुए विशेश प्रात्ना करें।
01:31इसके बाद मंत्र ओम श्रीन महालक्ष्मे नमका 108 बार जब करें।
01:36आप चाहिए तो कुबेश जी के मंत्र का भी जब कर सकते हैं।
01:39मंत्र है ओम यक्षाय कुबे राय, वैश्णव राय, धन धन्याधी पतै नमा।
01:45पूजा संपर्न करने के बाद खरीदी हुए वस्तों को आप माता को अर्पत करें।
01:50और उनसे निवेदन करें कि इसी तरह से आपके घर में सम्रुधी हो और सुक शांतिती बनी रहे।
02:09जोरी या अलमारी में लक्षमी जी की तस्वीर रखकर पूजा कर सकते हैं।
02:13आपकी पूजा संपर्न हो गई है, अब 24 घंटे बाद माको चड़ाई हुए वस्तों को या तो आप अपनी तीजोरी में रखतें या पूजा के स्थान पर भी रख सकते हैं।
02:22फिन हाने से वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें। साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
02:52करें हार भी ना भी टो आप अपनी तीजोरी में इतना ही वीडियो कि अपनी प्रश रख सकते हैं।
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