00:06राजुस्थान के रहने वाले IPS केके बिश्णोई और बरेली SP अंशिका वर्मा रविवार रात जोदपूर में शादी के बंधन में
00:12बंध गए
00:12संबल SP कृष्ण कुमार बिश्णोई ने तिलक के रस्म में शगुन का एक रूपया लिया
00:17केके बिश्णोई के भाई बजनलाल ने बताया विदाई से पहले तिलक के रस्म में एक रूपय का शगुन लिया गया
00:22परिवार ने दहेज नहीं लिया और बेटी को ही सबसे बड़ा मानते हुए शादी के रस्म पूरी की गई
00:28जोदपूर के लहरिया रिजॉर्ड में सोमवार को रिसेप्शन हुआ
00:31रिसेप्शन में दुलहे केके बिश्णोई ने कशीदा कारी का बलैक रंग का जोदपूर सूट पहन रखा था
00:36दुलहन अंशिका वर्मा ने लाल रंग का लेंगा पहन रखा था
00:39रिसेप्शन में राजस्थान के डिप्टी सीम प्रेम चंद बैर्वा समित संबल के जिला कलेक्टर विधायक और वहां के कई पुलिस
00:45अधिकारी भी पहुँचे
00:46इस किलावा राजस्थान के कई प्रिशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारी भी शामिल हुए
00:51रिसेप्शन के बाद मंगलवार को दुलह दुलहन बाड मेर जाएंगे जहां अंशिका का राजस्थानी रिती रिवाज से ग्रह पर वेश
00:57कराया जाएगा
00:58वर्माला के दौरान यूपी के प्रियाग राज की रहने वाली दुलहन अंशिका वर्मा राजस्थानी लुक में नज़र आई
01:03उन्होंने दुलहन बनकर औरेंज और पीले रंग का राजपुताना लेंगा पहना जिसमें हलका सुनहरा काम था
01:08सिर पर नारंगी चुनरी ओड़ी हुई थी माते पर मांग टीका बालों में हेड जुइलरी कानों में जुमके और हातों
01:15में हरे और सुनहरे रंग की चुड़ियां पहनी थी
01:17मेकप हलका रखा गया था जिससे पारंपरिक लुक साफ नज़र आए
01:20वही केके बिश्णोई क्रीम कलर की शहरवानी और साफे में नज़र आए
01:24उन्होंने हाथ में तलवार थाम रखी थी जो पारंपरिक राजिस्थानी अंदास को दर्शाता है
01:28बता देंगी रविवार को दोपहर 12 बजे बारात बाडमेर के धोरी मनना से रवाना हुई थी
01:33रात 8 बजे बारात जोदपूर के अजीद भवन पहुँची थी
01:36IPS केके बिश्णोई पहले रेंज रोवर कार से कुछ दूर चले थे फिर घोडी पर सबार हो गए थे
01:41पूरे रास्ते बारातियों ने जम कर डांस किया था
01:44बिश्णोई के पिता सुजाना राम बिश्णोई ने भी बारातियों का साथ दिया
01:47हलांकि सोशल मीडिया पर केके बिश्णोई के एक वीडियो तेजी से वारिल हुआ
01:50जिसमें IPS के के बिश्णोई बारात के निकलने से पहले अपनी मा के पास बैठ कर बिश्णोई समाज के इतिहासिक
01:55रस्म निभाते हुए मा का दूद पी रहे हैं
01:57दरसल राजिस्थान के बिश्णोई समाज और कुछ ग्रामिट समुदायों में ये परंपरा सदियों पुरानी है आम भाजा में आँचल पीना
02:03भी कहा जाता है वैसे सिर्फ राजिस्थान ही नहीं बलकि उत्तरप्रदेश पिहार और नेपाल के कुछ समुदायों में आज भी
02:09ये परंपरा की जाती है इस रस्म के मुदाबिक जब सजदश्गर दुलह अपनी बारात लेकर घर से निकलने वाला होता
02:15है उस वक्त वो अपनी मा के पास बैटता है और मा अपने आचल के प्रतिकात्मा गरूप से बेटे को
02:21दूद पिलाती है इसके बाद मा अपने लाल के
02:36क्यों बढ़ाना हो जाए फिलाल इस वीडियो में तो नहीं है आप क्या कहेंगे कॉमेंट सेक्शन में हमें लिख कर
02:40जरूर बताएं वीडियो को लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिलकुल नभूलें
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