जैसलमेर में आयोजित किए जा रहे चार दिवसीय मरु महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को एक तरफ विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समां बांधा तो वायुसेना के जांबाजों के शौर्य के साथ रेगिस्तान के जहाज ऊंट की ओर से दिखाए गए करतबों ने दर्शकों को चौंकने पर विवश कर दिया। दिन की शुरुआत गड़ीसर झील के सुरम्य वातावरण में योग और वाद्य संगीत के मधुर स्वरों के साथ हुई। महोत्सव की अधिकांश गतिविधियां जैसलमेर के डेडानसर मैदान में केंद्रित रहीं। रेगिस्तान के जहाज की साज-सज्जा, करतब और अनुशासन ने तीसरे दिन को पूरी तरह ने अपने नाम कर दिया। वहीं भारतीय वायु सेना की एयर वॉरियर ड्रिल ने साहस और अनुशासन का सशक्त प्रदर्शन किया। शस्त्रों के साथ शारीरिक संतुलन और सटीक तालमेल ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।
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