00:00नमस्ते दोस्तों, मेरे चैनल में आपका स्वागत है
00:04आज हम बात करेंगे भगवद गीता से 21 जीवन बदलने वाले सबकों के बारे में
00:11भगवद गीता सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बलकि यह जीवन जीने का विभ्यान है
00:17इसके अध्धुत उपदेश हमें शान्ती, कर्तव्य और आध्यात्मिक ग्यान की ओर ले जाते हैं
00:25अगर आप जीवन में संधर्श कर रहे हैं, उद्देश्य की तलाश में हैं या मानसिक शान्ती चाहते हैं, तो यह विडियो आपके लिए हैं
00:35अंत तक जरूर देखें क्योंकि यह ज्यान आपका जीवन बदल सकता है
00:41तो चलिए शुरू करते हैं
00:44पहला भाग आत्म ज्यान और आत्मा की अमरता
00:47सबक एक आप यह शरीर नहीं हैं, बलकि आप आत्मा है
00:52भगवद गीता हमें याद दिलाती है कि हमारा सच्चा अस्तित्व अमर आत्मा है
00:59यह शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा हमेशा जीवित रहती है
01:04सबक दो अपने कर्म पर ध्यान दे, परिनाम पर नहीं
01:10गीता कहती है कि हमें अपने कर्तव्य को बिना किसी लालच या परिणाम की चिंता किये पूरा करना चाहिए
01:17जब हम परिणाम से मुक्त हो जाते हैं तब हमें असली शान्ती मिलती है
01:23सबक तीन आपका मन आपका सबसे अच्छा मित्र या सबसे बड़ा शत्रू है
01:29अगर मन पर नियंत्रण है तो यह हमारा मित्र है वरना यह हमारी परिशानियों का कारण बन जाता है
01:37सबक चार इच्छाए दुहक का कारण है
01:41जब हम इच्छाओं के पीछे भागते हैं तब कभी संतुष्ट नहीं हो पाते
01:48सच्ची खुशी आत्मनियंत्रण से मिलती है
01:51सबक पाँच आत्मा न तो मरती है नहीं नश्ट होती है
01:57मृत्यू सिर्फ एक परिवर्तन है
02:00आत्मा अमर है और इसे कोई नश्ट नहीं कर सकता
02:05इससे मृत्यू का भय समाप्थ हो जाता है
02:09यह कुछ महत्वपून उप्देश हैं आक्मज्ञान के बारे में
02:14अब हम बढ़ते हैं कर्म के विशय की ओग
02:17दूसरा भाग कर्म योग निरलित कर्म
02:21सबक छे अपना कर्तव्यन स्वार्थ भाव से करें
02:25जब हम स्वार्थ रहित होकर काम करते हैं
02:29तब हम अपने जीवन के उच्च उदेश से जुरते हैं
02:33सबक साथ अकर्मन्यता भी एक प्रकार का कर्म है
02:37कुछ न करना भी एक निर्नय है
02:41सही समय पर सही कर्म करना जरूरी है
02:45सबक आठ जीवन में काम और आराम का संतुलन बनाए
02:50संतुलन से ही शांती मिलती है
03:00सबक नौ उदाहरन प्रस्तुत करें
03:04दूसरे लोग हमारे कारियों से प्रेणा लेते हैं
03:09सही कर्म कर हम दूसरों को भी सही मार्ग दिखा सकते हैं
03:14सबक दस समर्पन भाव से किया गया हर कर्म इश्वरिय बन जाता है
03:19जब हम अपने हर कार्य को इश्वर को समर्पित करते हैं
03:24तब हमारा जीवन सार्थक हो जाता है
03:26कर्म योग हमें सिखाता है कि अपने प्रयासों पर ध्यान दें
03:32और परिनाम को इश्वर पर छोड़ दें
03:34अब बात करते हैं मन और ध्यान के विशय पर
03:38तीसरा भाग मन का नियंत्रण और ध्यान
03:42सबक ज्यारह चंचल मन ही दुहक का कारण है
03:46अगर हमारा मन अशांत है तो सुख हम से दूर रहता है
03:51सबक बारह ध्यान से मन को शांती और शक्ती मिलती है
03:56नियमित ध्यान हमारे मन को शांत करता है और हमें अंदर से मजबूत बनाता है
04:04सबक 13 बाहरी चीजों से ध्यान हटाकर अंदर की ओर ध्यान दे
04:09गीता हमें सिखाती है कि अपनी इंद्रियों को नियंत्रित कर हम अंदर की शांती पा सकते है
04:16सबक 14, अपने विचारों को नदी के पानी की तरह बहने दें
04:22विचारों को पकड़ने की कोशिश न करें
04:25उन्हें जाने दें
04:27इससे मानसिक शांती मिलती है
04:30सबक 15, सासों पर नियंतरन से मन पर नियंतरन मिलता है
04:36सांस लेने के सरल अभ्यास से हम कठिन परिस्थितियों में भी शांत रह सकते हैं
04:43मन पर नियंतरन से हम अपने जीवन में शांती और स्पष्टता पा सकते हैं
04:49चौथा भाग वैराग्य और सच्ची खुशी
04:53सबक 16, सच्ची खुशी वैराग्य में है
04:56जब हम चीजों और परिणामों से मुक्ठ हो जाते हैं तब हमें असली आनंद मिलता है
05:03दुनिया में रहो लेकिन दुनिया के गुलाम मत बनो
05:08भौतिक दुनिया में रहते हुए भी हमें इससे उपर उठना सीखना चाहिए
05:13सबक 18, भौतिक और आध्यात्मिक जीवन में संतुलन रखो
05:18संसारिक कर्तवियों के साथ आध्यात्मिक साधना भी जरूरी है
05:24सबक 19, परिवर्तन को स्वीकार करो
05:28इस दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं है
05:32परिवर्तन को अपना कर हम शांत रह सकते हैं
05:35सबक 20, वैराग्य से निर्णय लेने की शक्ती बढ़ती है
05:41जब हम मोह और लालच से मुक्त होते हैं
05:45तब हमारा निर्णय सही होता है
05:47सबक 21, ईश्वर पर समर्पन करो और चिन्ता से मुक्त हो जाओ
05:53तो दोस्तों, यह थे भगवत गीता के 101 जीवन बदलने वाले उपदेश
05:59गीता हमें सिखाती है कि सही कर्म करें, मन को नियंत्रित रखें
06:05और सक्ची खुशी को अपने अंदर खोजें
06:07अगर यह वीडियो आपको पसंद आया हो
06:11तो इसे लाइक, शेयर और सब्सक्राइब जरूर करें
06:14नीचे कमेंट करके बताईए कि आपका पसंदीदा उपदेश कौन सा है
06:20अगर आप किसी विशेश अध्याय या विशेपर गहराई से चर्चा चाहते हैं
06:26तो मुझे बताईए
06:27आपके सुझाव मेरे लिए महत्वकूर्ण है
06:31धन्यवाद और आपके जीवन में शांती, प्रेम और ज्यान की कामना करता हूँ
06:37जय श्री कृष्ण
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