00:00दस ओक्टुबर शुक्रवार को करवाचौत का वरत है उस रात आठ बजे की बाद चंद्रुदै होगा फिट करवाचौत का अर्ग दिया जागा और पारण होगा
00:12आईये सा विडियो में आपको बताते है कि करवाचौत पर चांद को जल चड़ाना कैसे है यानि की चंद्र अर्ग की विधी और मंत्र क्या होगे
00:22कहते हैं करवा चौध कवरत चंद्रमा को अर्ग दिये बिना पूरा नहीं होता है
00:26चंद्रमा को सुक शांती और सम्रुधी का प्रतीक मानते हैं
00:30जो महलाएं काफी समय से करवा चौध कवरत कर रही है
00:33उनको अर्ग देने की विदिय और मंत्र तो पता है
00:36लेकिन अगर आप पहली बार करवा चौत कवरत रख रही है तो ऐसे में करवा माता की पूजा करने के परशाथ आपको छत या अपने आंगन या बैलकनी में चांद के दर्शन करने चाहिए
00:478 बच कर 13 मिनट पर चंद्रोदय होगा उसके बाद पूजन की ठाली और करवा अपने साथ रखें करवे में कच्चा दूद गंगा जल अक्षत फूल सफेज चंदन आदी आप डाल सकते हैं जो कि पूजा से पहले ही आपको करना होगा फिर सबसे पहले अपनी चलनी पर एक द
01:17कर सकते हैं मंत्र है ओम भूर भुवव स्वह अम्रतागाय विद्महे कला रूपाय धीमहे तन्नो सोमो प्रचोदयाद या फिर ओम सोम सोमाय नमा फिर उसी चलनी से पती को भी देखें फिर अपने पती की लंडी आयू और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें उनके हातो
01:47की चानल को सब्सक्राइब करना न भूले
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