00:00Hello, friends, how are you all?
00:03Today I will tell you a different story.
00:08My wife is 27 years old and she is 3 years old.
00:13We both have 5 years old but we have been doing a different story.
00:20Reema is a multinational company when I work in a private school.
00:25I work in a security guard.
00:28My night duty is so long.
00:30I came to
00:53ृच्छे दोस्तों की तरह बाते करते हैं।
00:56हालांकि हमारी बातचीत सिर्फ दोस्ती तक सीमित रहती थी
01:00रोमांस की बाते कभी नहीं हुई।
01:03पिछले कुछ दिनों से मैं काफी परेशान हूँ।
01:07रीमा और मेरे बीच अकसर जगडे हो रहे हैं।
01:10She wants to make my duty so that we can do the rest of the day.
01:18But my supervisor has me day shift to the day.
01:23Reema says that I will not give her love and love.
01:28I will understand that it is a matter of time.
01:31One day when I got duty, when I got to do the phone, Reema's phone number.
01:37Name is written by Raviy.
01:39मैंने वहाँ नमबर नोट कर लिया और WhatsApp पर उसकी DP चेक की
01:44वह एक लड़के की फोटो थी
01:46मैंने Call Details देखी
01:49तो पता चला कि रोजाना उस नमबर पर 30-40 मिनिट की बातचीत होती थी
01:54थोड़ी देर बाद रीमा काम के लिए घर से निकल गई
01:59मैंने रवी का नमबर डायल किया
02:02उधर से आवाज आई हेलो कौन बोल रहे हैं
02:06मैंने कहा तुम कहा से बोल रहे हो
02:08उसने इसी शहर का नाम बताया
02:11मुझे शक हुआ कि शायद रीमा का उसके साथ कुछ चल रहा है
02:16मैंने तै कि आज इसका सच पता लगाऊंगा
02:20मैं रीमा की कंपनी के गेट तक गया
02:23वहाँ के गार ने बताया कि वहाँ थोड़ी देर पहले ही निकली है
02:28मैंने देखा कि रीमा एक आटो में बैठ कर जा रही थी
02:32थोड़ी दूर से एक लड़का भी उसी आटो में बैठा
02:36मैंने भी एक दूसरा आटो लिया और उनका पीछा किया
02:41करीब दस मिनट बाद उनका आटो एक होटिल के सामने रुका
02:45मैंने होटिल के रिसेप्शन पर जाकर सारी बात बताई
02:49थोड़ी बहस के बाद रिसेप्शनिस्ट ने रूम नमबर 205 बताया
02:54मैं धीरे-धीरे सीरिया चड़कर रूम तक पहुँचा
02:58मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था
03:01जब मैंने दर्वाजे की बेल बजाई तो वही लड़का दर्वाजे पर आया
03:06मैंने उसे धक्का देकर दर्वाजे के अंदर देखा
03:10रीमा बैड पर बैठी थी
03:13मुझे देखकर वह घबरा गई
03:16लड़का तुरंट कमरे से भाग गया
03:19मैंने गुस्से में रीमा से पूछा क्या यही तुम्हारी ड्यूटी है
03:23तुमने सारी हदे पार कर दी
03:26वह चुपचाप रोने लगी और कहने लगी तुम्हें
03:30कभी मेरे प्यार की परवाण नहीं थी
03:32मैं क्या चाती हूँ यह तुमने कभी नहीं समझा
03:36उसकी बाते सुनकर मेरा गुस्सा कुछ कम हुआ
03:39लेकिन दिल तूट गया
03:41रीमा वहां से चली गई और मैं होटल के बाहर
03:45खड़ा सोचता रह गया कि कहां गलती हुई
03:47रीमा के जाने के बाद मैं एकदम अकेला महसूस कर रहा था
03:52ऐसा लग रहा था जैसे मेरी जिन्दिगी की नीव हिल चुकी हो
03:56मैं होटल से बाहर निकला और घर वापस आ गया
04:00पूरे रास्ते दिमाग में बस यही चल रहा था कि आखिर हमारी शादी इस मोड पर क्यों आ गई
04:07घर पहुँचकर मैं बेड पर गिर पड़ा और खुद से सवाल करने लगा क्या गलती मेरी है
04:13क्या मैं रीमा को समझ नहीं पाया? उसे समय नहीं दे पाया? या फिर यह सब उसकी कमजूरी है?
04:22शाम होते होते मैंने तै कि इस रिष्टे का भविश्य मुझे खुद ही तै करना होगा
04:27मैं चाहता था कि रीमा से एक बार बात करूँ लेकिन मेरा गुसा और उसका धोखा मेरे दिल पर हावी था
04:36अगले दिन मैंने उसकी बहन से बात की उसने बताया कि रीमा पिछले कुछ महीनों से बहुत तनाव में थी
04:43उसकी शिकायते जायश थी, लेकिन उसने जो किया वह भी सही नहीं था
04:49फिर मैंने रीमा को एक मैसेज किया हमें इस रिष्टे पर बात करनी होगी
04:54जो कुछ भी हुआ उसे खत्म करना होगा
04:58शाम को रीमा घर आई
05:00उसकी आखे सूजी हुई थी
05:03उसने मुझसे बात करने की कोशिश की लेकिन मैंने उसे रोक कर कहा
05:08रीमा यह जो कुछ भी हुआ इसका समाधान करना जरूरी है
05:12हम दोनों गलत थे लेकिन क्या यह रिष्टा बचाने लायक है
05:16क्या हम एक नई शुरुवात कर सकते है
05:19रीमा फूट फूट कर रो पड़ी
05:22उसने कहा मैंने बहुत बड़ी गलती की है
05:25लेकिन सच कहूं तो मैं तुम्हें कभी छोड़ना नहीं चाहती थी
05:30मुझे बस तुम्हारा समय चाहिए था
05:33मैं अकेला पन सहन नहीं कर पा रही थी
05:36उसकी बाते सुनकर मेरा गुसा थोड़ा शान्थ हुआ
05:40मैंने उससे कहा रीमा अगर हमें इस रिष्टे को बचाना है
05:45तो हमें एक दूसरे को समय देना होगा
05:47लेकिन इस बार यह आखिरी मौका है
05:50विश्वास का पुल तूट जाएं तो उसे फिर से बनाना मुश्किल होता है
05:55हमने तै किया कि अपनी समस्याओं को सुलजाने के लिए
05:59हम एक काउंसलर से मिलेंगे
06:01हम दोनों ने एक दूसरे से वादा किया
06:04कि आगे से इमानदारी और प्यार को प्रात्मिक्ता देंगे
06:08इसके बाद मैंने अपनी नाइट ड्यूटी बदलवा ली
06:12अब मैं दिन की ड्यूटी करने लगा ताकि रीमा और मैं साथ में समय बिता सके
06:17धीरे धीरे हमारे रिष्टे में फिर से गर्माहट आने लगी
06:34पर चलकर रीमा और मैं अब पहले से ज्यादा मजबूत और खुशाल है
06:40इस अनुभव ने हमें सिखाया कि रिष्टे को बचाने के लिए दोनों पक्षों का प्रयास जरूरी है
06:46कुछ महीनों बाद हमारी जिन्दगी धीरे-धीरे सामान्य हो गई
06:50लेकिन उस घटना के निशान पूरी तरह मिटे नहीं थे
06:54हालां की काउंसलिंग और एक दूसरे को समय देने से हम दोनों में एक नया भरोसा पैदा हुआ था
07:01रीमा ने अपनी नौकरी से ब्रेक लेने का फैसला किया
07:06उसने कहा मैं खुद को समय देना चाहती हूँ
07:09मैं चाहती हूँ कि हम दोनों का रिष्टा फिर से पहले जैसा मजबूत बने
07:15मैंने उसकी बात को समझा और उसका साथ दिया
07:19मैंने भी कोशिश की कि जितना हो सके उसे खुश रखूँ
07:23हम दोनों ने विकेंड्स पर साथ समय बिताना शुरू किया
07:28कभी मूवी देखने जाते तो कभी लंबी ड्राइफ पर
07:32ये छोटी-छोटी चीजे हमारे रिष्टे को फिर से संजोने लगी
07:36एक दिन जब मैं ड्यूटी पर था तो रीमा ने मुझे फोन किया
07:41वह बोली आज रात तुम्हें जल्दी घर आना है
07:45मैंने तुम्हारे लिए कुछ खास बनाया है
07:48मैं थोड़ा हैरान था क्योंकि ऐसा उसने पहले कभी नहीं कहा था
07:53जब मैं घर पहुचा तो उसने कैंडल लाइट डिनर का इंतिजाम किया था
07:58उसने मुझ से कहा यह मेरी तरफ से एक नई शुरुवात के लिए है
08:03मैं वादा करती हूँ कि अब मैं हमेशा तुम्हारा साथ दूंगी और तुम्हारे साथ इमानदार रहूंगी
08:10उस रात पहली बार मैंने महसूस किया कि शायद हमारे रिष्टे को एक दूसरा मौका देना सही फैसला था
08:17कुछ समय बाद रीमा ने मुझसे कहा कि वह फिर से नौकरी शुरू करना चाहती है
08:23लेकिन इस बार किसी कम तनाफूर्ण काम की तलाश करेगी
08:27मैंने उसका समर्थन किया और उसे ऐसा काम मिला जो उसे खोश रखे और हमारे रिष्टे को प्रभावित न करे
08:35लेकिन जिन्दगी ने फिर एक चुनौती दी
08:38कुछ महीनों बाद रीमा प्रेगनेंट हो गए
08:41यहाँ खबर हमारे लिए खुशी का सबसे बड़ा कारण बनी
08:45हम दोनों ने इस नए सफर को शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी
08:50मैंने दिनरात मेहनत की ताकी मैं अपने परिवार को हर खुशी दे सकूँ
08:56रीमा ने कहा अब मैं चाहती हूँ
08:59कि हमारे बच्चे को ऐसा घर और माहौल मिले जहां प्यार और भरोसे की कोई कमी न हो
09:04बच्चे के आने के बाद हमारी दुनिया बदल गई
09:08अब हमारा पूरा ध्यान उसके भविश्य को लेकर था
09:12उस घटना का असर अब कहीं नहीं था
09:15हमारी कहानी यह बताती है कि हर रिष्टा उतार्चधाव से गुजरता है
09:20लेकिन अगर आप एक दूसरे को समझे माफ करें
09:23और साथ खड़े रहें तो कोई भी मुश्किल आपके रिष्टे को खत नहीं कर सकती
09:28प्यार और विश्वास दोनों की बराबर जरूरत होती है
09:32रीमा और मेरा रिष्टा आज भी मजबूत है
09:36हमारे बच्चे ने हमारे रिष्टे को और भी गहरा बना दिया है
09:40यह सफर आसान नहीं था लेकिन हमारी महन और एक दूसरे के प्रती प्यार ने इसे सफल बनाया
09:47हमारा बेटा जिसे हमने आरव नाम दिया हमारी जिन्दगी का केंद्र बन गया
09:53उसकी मासूम मुस्कान और ननहे कदमों ने हमारे घर को खुशियों से भर दिया
09:58रीमा ने बच्चे की देखभाल के लिए कुछ समय के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी और मैंने अपनी जिम्मेदारियों को दोगुना कर दिया
10:07आरव बड़ा होने लगा और उसके हर कदम ने हमें और करीब ला दिया
10:12उसकी पहली मुस्कान पहला शब और पहला कदम हर पल हमारे रिष्टे को मजबूत कर रहा था
10:18रीमा ने कहा आरव की वज़ा से मुझे एहसास हुआ की परिवार का महत्वक कितना बड़ा है
10:24वह हमारी दूसरी शुरुआत का सबसे खूपसूरत हिस्सा है
10:29लेकिन जिन्दगी ने एक बार फिर हमें परखा
10:32मेरी कमपनी में आर्थिक दिक्कते आई और मुझे कुछ महीनों के लिए बिना सेलरी काम करना पड़ा
10:39यह समय मुश्किल था लेकिन रीमा ने पूरे धहर्य और साहस के साथ मेरा साथ दिया
10:45उसने कहा हम दोनों ने पहले भी मुश्किले देखी है
10:49यह समय भी बीच जाएगा
10:52रीमा ने घर पर रहते हुए छोटे बच्चों को ट्यूशन देना शुरू किया ताकि हम अपनी जरूरते पूरी कर सके
10:59मैंने उसकी महनत और लगन को देख कर महसूस किया कि उसने सच मुझ हमारे रिष्टे को एक नई दिशा दी है
11:07कुछ समय बाद मेरी महनत रंग लाई और मुझे एक नई नौकरी मिल गई
11:12यहाँ नौकरी बहतर सैलरी और बहतर शिफ्ट की थी
11:16हमने सोचा कि अब हमें कुछ नया करना चाहिए
11:20रीमा और मैंने मिलकर फैसला किया कि हम एक छोटा सा घर खरी देंगे
11:25यहाँ हमारे लिए एक बड़ा सपना था जिसे हमने मिलकर पूरा किया
11:30वह दिन जब हम अपने नये घर में शिफ्ट हुए हमारे लिए एक नई शुरुआत जैसा था
11:36आरव अप स्कूल जाने लगा था
11:39उसके स्कूल के फंक्शन और उसकी छोटी छोटी जीतों ने हमें और गर्व महसूस कराया
11:45रीमा ने फिर से अपनी नौकरी शुरू कर दी लेकिन इस बार वह एक ऐसी भूमिका में थी जो उसे खुशी देती थी
11:53एक दिन आरव ने मुझसे पूछा पापा आप और मम्मी हमेशा एक दूसरे से इतना प्यार कैसे करते हो
12:00मैंने मुस्कुरा कर कहा बेटा प्यार का मतलब एक दूसरे की गलतियों को समझना और उन्हें माफ करना है
12:07अगर रिष्टे में भरोसा और सम्मान हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है
12:12अब हमारी जिन्दगी स्थिर और खुशाल है
12:15हमने अपने अतीद की गलतियों से सीखा और उसे अपने रिष्टे को भैतर बनाने का जरिया बनाया
12:23रिमा ने एक बार मुझसे कहा अगर हम दोनों उस मुश्किल समय में हार मान लेते तो आज ये खुशी नहीं होती
12:30यह सब इसलिए है क्योंकि हमने एक दूसरे पर भरोसा किया
12:35यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती क्योंकि जिन्दगी में हर दिन एक नई कहानी लिखने का मौका देती है
12:42But now we have to understand that love and understanding of each other and understanding of each other and understanding of each other.
12:50Every relationship is difficult, but this is the most important thing that is the most important thing.
13:00If you are working on this relationship, then no one can do your relationship.
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