पितृ पक्ष के दौरान गया आने वाले श्रद्धालुओं की नजर ढाई फीट की रीता रानी प्रसाद पर अचानक ठहर जाती है. व्हील चेयर से दिव्यांगों और बुजुर्गों को पिंड वेदी और मंदिर तक पहुंचाना हो या फिर मेले की व्यवस्था संभालना. रीता रानी प्रसाद हर जगह नजर आती हैं. पितृ पक्ष मेले में अब तक वह करीब 1000 दिव्यांगों और बुजुर्गों को व्हील चेयर की सुविधा मुहैया करा चुकी हैं. देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालु रीता रानी की सेवा भावना और जज्बे को देखकर हैरान हैं. वो रीता रानी के हौसले को सलाम कर रहे हैं. घरेलू हिंसा के डर से रीता रानी ने शादी नहीं की. छोटे कद के कारण उन्हें बचपन से ही भेदभाव का सामना करना पड़ता था, तभी उन्होंने तय कर लिया कि वो खुद को साबित करके रहेंगी. आज समाज सेवा की बदौलत रेखा रानी की अलग पहचान है.
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