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  • 5 months ago
उत्तर प्रदेश के वाराणासी का एक छोटा किसान बागवानी से बड़ी कमाई कर रहा है. शैलेंद्र ने 2006 में अमरूद की बागवानी शुरू की. और सालाना ये 50 से 60 लाख की कमाई कर रहे हैं. 2011 में इन्होंने अपनी नर्सरी शुरू की. आज इस नर्सरी में 14 से ज्यादा अमरुद की वैरायटी मौजूद हैं.जिनमें लखनऊ-49, रेड डायमंड, ब्लैक डायमंड और थाई पिंक जैसी प्रजातियां शामिल हैं एक पेड़ से साल में तीन बार 40 से 50 किलो फल का प्रोडेक्शन होता है.देश भर के 1000 हजार से ज्यादा युवा किसान आज उनसे जुड़े हुए हैं. वो इन युवा किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाते हैं. इन युवाओं को बागवानी और कमाई के गुर सिखा रहे हैं.यही नहीं जहां किसान अमरूद की पत्तियां फेंक देते हैं,वहीं शैलेंद्र इन्हें 40 रुपये किलो के हिसाब से बेंगलुरु की कंपनी को बेचते हैं. त्तों से हर्बल दवाइयां और ब्यूटी प्रोडक्ट बनते हैं.

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00:00ुत्र प्रदेश के वारनसी के एक छोटे से गाउ भाव के रहने वाले शेलेंदर सिंग्
00:22जिन्होंने M.E. की पढ़ाई के बाद नौकरी नहीं बलकि खेती को चुना और आज 14 वेराइटी के अमरों दुगा कर सालाना 50 से 60 लाक रुपे कमा रहे हैं
00:322006 में महस 2000 पौधों से शुरुवात की थी सघन बागवानी यानि कम जगह में ज्याद़ पौधे लगा कर उन्होंने इंटर क्रॉपिंग की हल्दी अद्रक और जिमिकन के साथ जिससे शुरुवाती सालों में भी लगातार कमाई हो दी रही
00:49आज इनके बाग में 14 वराइटी के अमरूद है जिनमें लखना उननचास, रेड डायमेंड, ब्लैक डायमेंड और थाई पिंक जैसी प्रजातिया शामिल है
01:01एक पेड से साल में 3 बार 40 से 50 किलो फल का प्रड़क्शन होता है
01:06जहां किसान अमरूद की पत्या फेक देते हैं वही शैलेंदर सिंग इनने 40 रुपे किलो के हिसाब से बंगलूरू की एक कमपनी को बेचते हैं
01:16पत्तों से हरबल दवाईया और ब्यूटी प्रोड़क्ट बनाए जाते हैं
01:20आज शैलेंदर ने अमरूद की नरसरे भी शुरू कर दी है जिससे किसान आसानी से नई किस्म के पौधे ले सकते हैं
01:28एक एकड की बागवानी से किसान डेड़ से धाई लाख रुपे तक का मुनाफ़ा कमा सकते हैं
01:33ATV भारत के लिए उत्तरप्रदेश के वरन रसी से प्रतिमा तिवारिकी रिपोर्ट
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