00:00करीब एक घंटे के कच्छे रास्ते से होते हुए और जंगल के बीच से होते हुए बीना मैप के सहारे लिए गौतम रिसी पहार की ट्रैकिंग के लिए आये हैं
00:30आज का हमारा यह ट्रैकिंग सबसे खास होने वाला है और इसकी वज़ा है इस पहार की खुबसूर्ती और अचम्भित कर देने वाली रामायन काल की कहानिया
00:44गौतम रिशी परवत तक आने के लिए आपको सोंडूर डैम आना होगा जिसकी दूरी गरिया बंद से 85 किलो मेटर और धमतरी से अंठनवे किलो मेटर है
01:00मैं तो एक्साइटेड हूँ क्योंकि कल के कहानी जो सुना बहुत ही रोमांचकारी लगा और कभी सुना नहीं था यह सब हमने रमायन और पुराने जमाने के कहानियों में पढ़े थे जो बौरानिक कहानिया बोलते हैं तो आज भी हम गौतम रिशी परवत में चाड़ा है �
01:30कहा जाता है कि सब्त रिशियों में से एक रिशी गौतम रिशी इसी पहार पर रह करतब किया करते थे उन्होंने अपनी पतनी अहिल्या को गलत फहिमी में श्राप दे कर पत्थर बनाया था और इसी पहार पर स्री राम चंदर जी ने उसे श्राप मुक्त किया था
01:45तो एंट्री गेट से जैसे हमने एंट्री लिया और लगबाग 20 मीटर ही चले होंगे मुश्किल से
01:51और सबसे पहले हमें एक छोटा सा गूफा दिखाई दे रहा है जिसमें काल भैरनाज जी है
01:56तो आप यह पहला ट्रेखन यह है आप यहाँ पर देख सकते हैं साइड में एक सेर की मूर्ती भी है
02:02तो मुझकुन परवत और गौतम रिसी परवत में अंतर यह है कि यहां की जो सीड़ी है एकदम धलान वाली है
02:22मतलब सीड़ी है चड़ाओ बहुत है इसमें और यह चड़ाओ के वल कुछ दूरी के लिए है इस पहार से आपको मुझकुन पहार से भी ज़्यादा खुबसूरत घाटी दिखाई देंगे
02:52तो थोड़ा रुक रुक के चलना है जैसे हम लोग रुके हुए है यह भी हमारे केमरा में लोग है
03:07साइड हो बैठे है ठाक गए है सहते जड़ी में जिसको हफर गए है बोलते है बैठे हुए है
03:14कुछ देर चलने के बाद आखिर कार समतल रास्ता मिला आज पास की हरी भरी घास काफी खुबसूरत लग रहे है
03:35तो ऐसा नहीं कि एकदम से चड़ाव वाली जगा है हमें कुछ दूरी पर ही चड़ाव मिला था उसके बाद समतल आ गया है
03:41अब एक आल से फिर चड़ाव वाली जगा मिलेगा तो देखते हैं आगे कैसा है रास्ता
03:46तीस मिनट की चड़ाई के बाद हम पाहाड के बीच में आ चुके हैं
03:58तो थोड़ी दूर चलने के बाद हमें बड़े बड़े चटान भी दिखाई देने लगे हैं
04:03तो यहां से लेकर पूरा एरिया चटानों से गिरा हुआ है अभी हम आपको ड्रोन से दिखाते हैं कैसे दिखाई हैं
04:10चारों और चटानों से गिरे होने के कारण यह जगा एक किले के जैसा प्रतीत हो रहा है
04:22तो इस पहाड की चोटी पे लगवग हम पहुंच चुके हैं और यहां पे थोड़ा खाली अरिया है यहां पे आप थोड़ा सा राम कर सकते हैं
04:36और कोई भी ट्रैकिंग हो या पहाड की चड़ाई हो तो सबसे जरुए चीज होता है खाना और पानी तो आपको हमेशा याद रखने हैं कि आप अपने साथ खाना और पानी ले कर आए और यदि आप ले कर आए हैं तो रास्ते में भी खा सकते हैं और रास्ते में भी खाते
05:06छोटी मंदिर का निर्मान करवाए हैं
05:09इस गूफा के उपर जाने पर आपको आस पास के घने जंगल का खुबसूरत द्रिश्य दिखाई देगा
05:15यदि गूफा के साइड से चढ़े थोड़ा से उपर चढ़ाई करें
05:20थोड़े थोड़े चटान है
05:22इस चटान को पार करते हैं आप उपर पर आएके थोड़ा चोटी जैसे लगएगा पार की
05:27लेकिन ये साइड है साइड विउ बोल सकते हैं इछे करना जारत काफी खुबसूरत है यहां पर हरे भरे अभी थोड़ा बारिश के करान दूंद जैसे लग रहा है
05:35कोहरे बोल सकते हैं लेकिन आखों से काफी खुबसूरत दिखाए देंगे ये द्रिश्य तो आप इसका भी मज़ा ले सकते हैं यहां पर वीडियो ले सकते हैं फोड़ोग्राफिय भी कर सकते हैं काफी अच्छा जेगा है
05:47नीचे उतर कर पश्चिम की ओर तीन सो मीटर दूर आने पर आपको एक खुला शेत्र मिलेगा जहां पर छोटी छोटी मूर्तियां और गुफाये मौजूद है
06:05यहीं पर गौतम रिसी की मूर्ति विराजित है यहां के इस्थानी निवासियों के नुसार अहिल्या एक अपसरा थी
06:18उनकी खुबसूर्थी को देखकर इंद्र देव मोहित हो गए और महिट सी गौतम रिसी का रूप लेकर इसी जगह पर आकर अहिल्या से चल पुरकुस का सतित्व भंग किया
06:28रमायन के नुसार मध्यरात्री में चंद्रमा को मूर्गा बनाकर बांग दिलवाया गया और नकली सुबा होने का वातावरेन तैयार कर इंद्र देव ने साजी स्रची
06:40चंद्रा सूर्या को मुर्गा बना दिया बासने के लिए और आपन चोरी करेबन लेंगे कोटिया में उस समय गौतम जी नीचे उतर के गंगा मिश्णान करने गया बारा बज़े रात को वहां गंगा महिया ने उसको बहुत बोला अभी चार नहीं बजा है तुमको धोका द
07:10ऐसे करके वहां से फिर वापस आजया गंगा से वतम जी वह आयके देखा तो वाजीब में यहां एंद्रे ने चोरी करेबन कुछ गया था आयके देखा उसके कंबंड़ से जल छिड़ा करके नारी अहिलना को सराब दीजिया पक्थर बन जाब लिए और उसको चंद्रक भी
07:40चंद्र जी के द्वारा इसी स्थान पर अहिल्या को सराब्त मुक्त किया
08:10और मेरे ख्याल से यह इस पहाण की सबसे ऊपर की छोटी है सबसे टॉप पर हम लोग आया काया है और यहां पर बहुत सारे लोग भी आयो है पहले से चले हम बात करते हैं इस जगह के बारे में उन्हीं से जानने का प्रियास करते हैं
08:40ग्रामिनों के नुसार पहाड की ये चोटी गौतम रिसी का तब करने का स्थान है और इसी स्थान की उत्तर की और एक पत्थर है मान्यताओं के नुसार गौतम रिसी के लिए एक यादो महिला दूध दही लाने का कारे करती थी लेकिन अहिल्या को श्राब देने के साथ ही �
09:10यहां आकर हमें प्रकृति के इस खुबसूरत पहाडों और इस पहाड के चट्टानों, घाटियों और खुबसूरत नजारों को देख कर हमें किसी एडवेंचर से कम नहीं लग रही है
09:20गुजारिस है कि आप भी यहां आईए और इस खुबसूरत वादियों और इस खुबसूरत वादियों
09:50में खो जाएं, आपके ट्रेकिंग के लिए यह 36 गड़ में सबसे बेश्च स्थान होगा, जो किसी एडवेंचर से कम नहीं है
09:57अभी भी लोग इस जगह के बारे में बहुत कम जानते हैं, इसलिए इस जगह से काफी ज़्यादा लोग अंजान है
10:04वन विभा की ओर से इस छेत्र को एक्स्प्लोर करने के लिए जिपसी और ठरने के लिए लकड़ी से बने खुबसूरत घर की विवस्था करवाई गई है
10:13तो ट्रेकिंग से वापस जब आ रहा है थे, तो हमारी मुलकात यहां के DFO से हो गई
10:23और जो हमारे साथ में है, तो DFO सर, सब्सक्राइब तो जहिन, जहिन
10:29हमें आप बताईए, हमने यहां पे पूरे एलिया को घूमा, कल हम लोग वहां गये थे, मुझकुन परवत, उसके बाद यहां है ट्रेकिंग के लिए, तो हमें काफी अच्छा लगा, बहुत सारे पॉइंट्स दे के हमने, हैर एक चीजों को हमने अच्छे से इंजॉय किया
10:59अच्छे से जाफी अन-एक्स्प्लोड रहा है, तो इसमें हम इको पर्रेटन को भड़ावा दे रहे हैं, जैसे हमने एक इको पर्रेटन सर्किट, जो सब्तरिशी सर्किट है, उसको हम डेवलप कर रहे हैं, जैसे यहां जहां हम खड़े हैं अभी, यह गौतम रिशी परव
11:29पर्रेटन का भी आनन्द मिल सकें, बोटिंग का भी कर लें और हम बर्ड वाचिंग और ऐसे जो नेचर से जुड़े हुए कैम्स हैं वो भी आयोजित करेंगे यहां पर, और कुछ ही दिनों में ओपन जिपसी रहेगी, जो सफारी करते हुए आएंगे और इस जगे का आनन
11:59मुझकुंद रिशी में हमारा एको पार्क है, एको पार्क मेच का, वहाँ पर वन प्रवंदन समिति के मादधम से हम दो नग जो है ट्री हाउसेज वहाँ बनवा रहे हैं, ताकि अगर उसका हम रेस्पॉंस देखेंगे कि परेटकों का कैसा रहता, अगर और अच्छा रहत
12:29उसी में होम स्टे का जैसे कंसेट रहता है, तो वह अगर यहाँ पर चलने है तो वह भी हम ट्राय करेंगे, हमने मुझकुंद देखा उसके बाद यह गौतम रिशी परवत, तो इसके लावा और कोई छेत्र है जहां पर ट्रेकिंग के लिए लोग आ सकते हैं, ट्रेकिंग क
12:59कोईबा में, जो की गरियवन जिले में पड़ता है, हमारा ही टाइगर इदर काई पार्ट है, तो वहाँ भी ट्रेकिंग रूट काफी अच्छा है, और वहाँ भी लोग आनंद ले सकते हैं, ट्रेकिंग का, कई बार होता है कि यह बहुत घने जंगल अरिया बाल भी है, हमन
13:29रहेंगे, क्योंकि गाइड को पता है कि कौन सी जगह में विचरन रहता है, गाइड जो है, वहीं की लोकल व्यक्ती ही रहेंगे, तो वह आपको व्यूपोइंट भी जादा से जादा बताएंगे, और जो सुरक्षित आपको वापिस ले के भी आएंगे, अगर नए लोग �
13:59रसाइन कर सकते हैं, और नहीं तो अभी हम यहाँ पर जैसे आप सोन्डूर में जाएंगे, मेचका में, तो वहाँ पर समीती ही पूरा देखरेक कर रहा है इसका, तो वहाँ पर आपको गाइड भी वहाँ अवेलेबल हो जाएंगे, उनका हम जो गाइड के नंबर और जो भ
14:29अने एक्स्प्लोर्ड है, मेरे चैनल पर मुझकुंद रिसी परवट ट्रैक, गौतम रिसी परवट ट्रैक, सोन्डूर डैम नौका विहार और इको पार का मेचका पराधारित वीडियोज हैं, जिसे आप देखना ना भूलें, किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए आप न
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