00:30गौतम रिसी परवत की ट्रैकिंग के दौरान हमारी मुलाकात यहां के DFO साहब से हुई
00:47उसी समय उन्हें सूचना मिली की पास में ही कहीं पर हाथियों का दल विचरन कर रहे हैं
00:53तो ट्रैकिंग से जैसे ही नीचे आए तो DFO सर को जानकारी मिले की आसपास में हाथि विचरन कर रहे हैं
01:04तो अभी हम उसी हाथि को देखने के लिए जा रहे हैं
01:07आपको दिखाएंगे कि क्या क्या होने वाला है और जो भी हाथि दिखेगा हमा को वीडियो में दिखाएंगे
01:12मैं और मेरी पूरी टीम DFO सर के साथ हाथि देखने के लिए निकल गए
01:19जंगल काफी घने है और यहाँ पर गारी चलाना भी चुनोती है
01:27ट्रेकर्स की टीम से हमारा वाकी टॉकी से संपरक है और ट्रेकर्स के द्वारा बताये गए लोकेशन पर हम लोग जा रहे हैं
01:44इस जंगल पर पैदल चलना हमें अलग ही मज़ा दे रही है
01:47जो किसी टीवी चैनल के डिस्कावरी में होने के जैसा एहसास दिला रही है
01:52जंगल में लगभग एक किलोमीटर दूर जाने के बाद हम उस जगा पे पहुँचे हैं जहां पर हाथियों के दलने विश्राम किया था
02:03वन रक्षोको की पूरी टीम यहां पर है जो हमें हाथियों के बारे में जानकारियां दे रहे हैं
02:13है हमारे यह यह ट्रेकर लोग हैं इसके अलावा हमारे हाथि दल के पिछे में अभी चार पांच लोग और ट्रेकर हैं
02:21हम लोग समाझ नीपाते क्या है ट्रेकर मतलब इनके हर गतिव रिधी लूकेशन को देखने वाला और पीछे करने वाला इन ही
02:32अध्यम से हम सभी को एक्जेक्ट लोकेशन की जानकारी मिलती है कि हाथी कहां जा रहा है क्या खा रहा है कहां नुक्सान कर रहा है कहां बैठा हुआ है कहां आराम कर रहा है कहां नाहा रहा है इनके पल-पल की खबर हमको हमारे इन ट्रेकरों से मिलता है यह आप ट्रेक देख
03:02पिर वो विजरन के दावरान किधर मुवमेंट है उसका कहा जा सकता है यह परफेक्ट लोकेशन फिर हम अपने उच्छा अधिकारी को सेयर करते हैं और वैसा रिपोर्ट बनाते हैं हम एक एक चीज बारिकी से देखते हैं हाथी का लोकेशन खासकर गर्मियों में इसलिए दि
03:32परत जमा होता है उस दवरान बहुत दिक्कत होता है तो इतने बारिकी से हमें ट्रेकिंग करना पड़ता है एक एक बारिक से बारिक हमको प्रमान को ढूणना होता है उसके अधार पर फिर हम ट्रेकिंग करते हैं और अक्सर यह जो है देर सबेर हमारे वाटर होल में पानी �
04:02फोटो वीडियो का और दूसरा क्या है अभी जैसे बताया हमारे डिप्टी साहब ने गाउंवाले थोड़ा आक्रोसित तो होते ही हैं तो हमको गाउंवालों को भी देखना है हमारे हाथी और अन्यों अन्यों प्राणियों को भी देखना है उस अधार पे समझ जासे बना के �
04:32तो उनकी संख्या कैसे पता लगाते हैं इनकी संख्या हम लोग या तो रोड क्रासिंग या तलाब अगरा में नहते हुए थोड़ा ओपन एरिया में आते हैं तभी हम काउंट कर पाते हैं उसमें भी एक्जेक्ट काउंट इसलिए नहीं हो पाता कि उनमें बच्चे भी होत
05:02आते हैं ताकि आदमी ना देख पाएं यह असा उनका प्रोटेक्शन सिस्टम है तो वह बहुत ही उनको समेदन सील होते हैं जब बच्चे रहते हैं तो और उनको बिल्कुल प्रोटेक्ट करके चलते हैं केसी का नजार ना पड़े यह उनका मंसा रहता है इसलिए कांटिंग म
05:32हातियों को क्या चीज है जो भरका देती है मतलब उत्तेजित कर देती है क्या नहीं करना चाहिए मतलब लोग करता है आदमी की उपस्थिती ही उनको अक्रामक करता है उसके बाद आदमी जो गतिविधी करता है उनके विपरीत जैसे होहला करना फटाका फोड़ना सोरगुल
06:02लगभख 40 मिनट के बाद हम हाथियों के सबसे पास वरी लोकेशन पर पहुँचे
06:32आगे बढ़े हैं यहां नालों में इस तरीके से लोग उतरते हैं बड़े ही असानि remix कोई ज्यादा अगर वह है तो घिसल के भी उतरते हैं जैसे जिसल पक्न बच्चे घिसलते उस तरीके से करके पार होते आर जब ज्यादा फटा बच्च और अजब वह Feld वहां
06:57वो पार मी हो सकता चाहे नदीन अला भो यह खंडर है पार मी हो पाता तो उसको फिर बड़े मादा यह नरओ लोग मिल उसको आसानी
07:07तो लगभग एक लिए उटर हम लोग जंगल के अंदर आये हैं और अभी कुछ देर में हम उस जगह पे पहुंचे थे जहां पे हाथियों ने विश्राम किया था उनकी जो दल है वहाँ पे रुके थे थोड़ी देर तो थोड़ा एक्साइटमेंट है देखने का
07:27यहीं से हमें हाथियों के चिंग हरने की आवाज सुनाई दिया जिससे हम सब एलर्ट हो गए जंगल में हाथियों की आवाज को दूर से सुना जा सकता है जानकारियों के निसार हम हाथियों से केवल 400 मिटर दूर हैं लेकिन हाथियों को हमारे यहां होने की भनक लग गई है इ
07:57से रहाती दल इस खेत में घुज गये थे आमजहर गाओं के खेत है ये और इसमें सभी धान अभी वह गर्वधान का समय है उखाडते हैं और बड़िया ऐसा जटकार के जड़ के मिट्टी को साफ करते हैं उसके बाद खाते हैं तो ये भी उनका एक प्रीभोजन है और इसके �
08:27कुछ देर बाद हमें आखिर का रहाती दिख गई
08:57इसके साथ ही हमें वन रक्षकों के द्वारा बहुत सारी वास्तवी घटनाओं को सुना और उसके साहत से भरे कार्यों को जाना जो किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है
09:07इसका छूरा अभी को तो सामने पहंच जाते हैं नहीं के लिगे गतरां के लिगते हैं
09:18गहां सब जाने के फिर फिछे गुष्टे Lord को सामने इस जो भी देखता है यह दिखता है में दब जीदी बर कुछ अगरावाज सेफेर फिर फिर फिर पिछे हो जाते हैं
09:37अब रात हो चुकी है और हम सीधे अपने रेश्ट हाउस जा रहे हैं
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