01:56और मलेसिया जैसे देशों में वन भैसा बड़ी संख्या में पाय जाते थे
02:00लेकिन पिछले कुछ वर्सों में ही यह वन भैसा कई देशों के नक्से से गायब हो गए हैं
02:06वहीं बात करे भारत की तो आधी सदी के पहले तक
02:10अरुनाचल प्रदेश, बंगाल, उडिसा, आंधर प्रदेश, महाराष्ट और बिहार की इलाकों में भी वन भैसों की अच्छी अबादी के प्रमान मिलते हैं
02:18लेकिन धीरे धीरे वन भैसों की संख्या कम होती चली गई
02:22विशे सग्यों का कहना है कि भारत में वन भैसों की सुध्ध नसल अब केवल असम और 36 गड़ में ही बची हुई है
02:30जिनमें करीश साथ वन भैसा उदंती सितनदी टाइगर रिजर्व में है
02:34जिनमें से राजा नाम का वन भैसा जंगलों में स्वचंद विचरन कर रहे हैं
02:39भविस्य के खत्रों को देखते हुए वन विभाग 24 गंटे वाइल्ड बोफेलों की निगरानी करते रहते हैं
02:48स्वासे संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या आने पर डॉक्टर्स की विशेष टीम को बुलाया जाता है
02:53यहाँ पर सभी वन भैसो के नाम आपको एंट्री गेट के साइन बोट पर मिल जाएंगे
02:58वन भैसो के चारे के लिए विशेश प्रकार के घास उगाये जाते हैं
03:06जिन में वन भैसो के प्रिय भोजन जैसे नेपियर, यस्वंद और एलिफेंट ग्रास सामिल है
03:12यह है यस्वंद ग्रास जिसे वन भैसो को प्रती दिन सुबा काज के दिया जाते हैं
03:22इसके लावा हमारे पास नेपियर घास है और एलिफेंट घास है, किनुप्रकाक बजाती है कि घास का डेली प्रती दीन कचिंग करके दिया जाता है वन भैंसों को.
03:34दसरी छेत्र ये जगा का नाम है वन भैंसा सनच्छने और समर्धम प्रचेत्र दक्षन उदंती यह चेत्र है ये श्ट्यार उदंती सित्र टैगर रिजर्व गरह बनके अंदर गदाता है इस छेत्र को बनाने का मुख्य उदेश यह रहा है कि हमारे राज की अपसु मतलब व
04:04साथ से प्योर वन हैसा है इनका हम लग सरच्छन कर रहे हैं और भुष्ष्य के लिए बचा रहे हैं यह एक ऐसा प्रजाती है हमारे चप्षगड का राज के पसु कहलाता है तो इनका समर्धन करना सबसे महतुपूर्ण काम है समर्धन सरच्छन का मतलब यह होता है कि कोई �
04:34पर्क्टिकुलर्स छेतर में लाके उसका देखभाल करना है उनका खाना रहवास हर एक चीज का देखभाल करना है
04:41आएए जानते हैं वनभैसो के बारे में कुछ रोचक तत्य है वनभैसा 36 गड का राज की पसू है
04:49वन भैसों की संख्या 2022 तक 36 गड़ में करीब 20 से 25 है और पूरी दुनिया में करीब 4000 की संख्या में वन भैसा है इसलिए यह प्रजाती दुजलव और संकट गर्स में गिना जाता है
05:01आसा नाम की एक मादा वन भैसा को 2005 से उदंती सितनदी टाइगा रिजर्व में रखा गया था और उसकी मौद के बाद उसके कान के हिस्से से दिपासा नाम के वन भैसे का क्लोन बनाया गया जो की नंदर वन जंगल सफारी में है
05:16वन भैसा बेहत ही खतरनाक और खूखार जानवर होता है
05:21आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि जब अंग्रेजों के जमाने में उदंती गेम रिजर्व था तब कुछ पैसे देकर जानवरों का सिकार कराया जाता था
05:30उस जमाने में बाग की सिकार के लिए अर्थाद बाग को मारने के लिए 25 रुपय का फीस तै किया गया था
05:37तो वहीं वन भैसा को मारने के लिए 150 रुपय का फीस तै किया गया था
05:41शाम हो चुकी है और हम अब सीधे तौरेंगा रेश्ट हाउस के लिए जा रहे हैं
06:01वन विभाग के अफीसिल वेबसाइट से हमने कमरा जीपसी और टेंट बुक किया था
06:07तो हमेंसे कुछ लोग टेंट में रात्री विश्राम करने वाले हैं
06:18कल सुबह हम टांगरी डोंगरी के लिए निकलने वाले हैं
06:22तो वीडियोस को पूरा जरूर देखें
06:24इसके साथ ही नीचे डिस्क्रिप्सन बॉक्स में जाकर
06:27उदंती सीतन अदी टाइगर रिजर्व के सभी खुबसूरत वीडियोस को जरूर देखें
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