00:00उदन्ती सीतन अधिर टाइगर रिजर्व के चोकसिल पहाडी और वन भैसप रजनन केंद्र की भ्रमन करने के बाद हम सब तौरेंगा रेश्ट हाउस में नास्ते किये और यहीं के खुबसूरत नधी पर नहाएं
00:12और सीधे ओड आमा मुरा के लिए जा रहे हैं जो की मैन पूर से करीब 22 किलोमेटर दूर है
00:27रास्ते जंगलों से घिरा हुआ है जिसमें ओपन जिपसी की सवारी करने का कुछ अलग ही मज़ा होता है
00:57अभी हम कुलहारी घाट छेत्र में हैं जिसे टाइगर सफारी जोन वन के नाम से भी जाना जाता है
01:18अभी हम ओड के लिए निकले हैं एक नाका है एक कहे जाए तो बीच का जगा है
01:23वहाँ पर हम रुके हुए हैं मैनपूर से यहां तक की दूरी लगवए गठारे क्लम्टर है और मैनपूर में ही हमने जिपसी लिया था कि राय पर जो वन विभा की ओर से है वहाँ पर आपको चार्जेस पे करना होता है उसके बाद आप उसको बूक कर सकते हैं वहां से यह
01:53उतनी जानकारी है निए उसके बारे में तो यई पे गाइट की वाससर होते हैं रहेगी लोकल जो यहां के निवास TV होते ह्यो esas वे वहां कोशेंगे हम किसी से कि क्या है कैसे जाना होगा क्या कर मिलेगा हमें आपर यह जो छेथ्र ह ändern है क्वां पारिज्ज़ेत्र है क्योंकि
02:23टाइगर सफारी जोन में हमें वन विभाग के कर्मेचारी मिले
02:47और हमारी सुविधा के लिए एक ग्रामीन को हमारे साथ जाने के लिए कहा
02:52जो हमारे साथ सफर में मौझूद रहेंगे
02:54और इस सफारी जोन के सभी चिज़ों की जानकारी बारीकी से देंगे
02:59छेतर में नदी, झरड़े, तलाब और बांस के पौधे होने के कारण हाथियों के लिए अनुकूल छेतर है
03:06सीका सार हाथी दल भी इसी छेत्र में विचरन करते रहते हैं
03:11इसके साथ ही बाग, भालू और अन्यमानसाहरी जानवरों का भी विचरन छेत्र है
03:16साथियों यह एक अनेक्स्प्रोड छेत्र है
03:19यूट्यूब और अन्य आन्लाइन प्लेटफॉर्म पर आपको इस जगह के बारे में साथ ही कोई ऐसा वीडियो देखने को मिलेगा
03:36ओर गाओं के पास हम अपना कैम्पिंग टेंट लगा रहे हैं
03:39कैम्पिंग टेंट के लिए यह जगह काफी बढ़िया है
03:49यहाँ पर हमने बहुत सारे फोटोग्राप्स और रिल्स बनाने के लिए वीडियो रिकॉड किये
04:04यहाँ का व्यूपॉइंट काफी बढ़िया है
04:08लेकिन इस छेत्र में काफी खतरनाक और मांसाहरी जानवरों का भी खत्रा बना रहता है
04:13इसलिए हमने गाउं के पास वाला इलाका ठेंट के लिए चुना
04:31वन अधिकारियों से मिली जानकारी के नुसार जल्द ही इस छेत्र के गाउं में होमिष्टे की भी सुमिधा रहेगी
04:38जहां रुक कर आप इस छेत्र का अच्छे से उलोकन कर सकेंगे
04:41इसके साथ ही आपको आदिवासियों और कमारों के जीवन सेली को भी जानने को मिलेगा
04:47हमारे गाम ओर जो है बहुत दूर्गम इलाका है रस्ता बहुत कठनाई से आना जाना करना पड़ता है लेकिन अभी जो भारेश्टर के द्वारा अभी जोट का मिरामत प्राम चर रहा है
05:05उदंती सितनती टाइगर रिजर्व का कूल 6 त्रफल 1842 वर्ग क्लियूमिटर है जो खुबसूरत होने के साथ-साथ खतरनाग भी है
05:14हमारे गाइड ने हमें बताया कि पिछले कई वर्षों से बाग के मल और पग मार्ग निरंतर अंदराल पर वन विभाग को मिल रहे हैं
05:35अभी छेत्रों में कैमरा ट्रेप लगाए गए जिसके परिणाम सरुव बाग के ताजा फोटोग्राफ 31 अक्टूबर 2022 को कैमरा ट्रेप में कैद हुए हैं
05:45इसके साथ ही बिज्जू, तेंदुआ, भारतिय काकर और भालू जैसे खतरनाक जानवरों के फोटोज यहां के कैमरा ट्रेप में कैद होते रहे हैं
05:55और इस खतरनाक शेत्रों की पेट्रोलिंग करने में महिला फॉरेस गाट की भी काफी एक्टिव हैं
06:01अभी हम भांग मौहा के लिए जा रहे हैं
06:10यहां पर घास के बड़े-बड़े मैदान हैं और इस घास को चरने के लिए खरगोज जैसे खुटूरत ज्यानवर भारी संख्या में आते हैं
06:31इसके साथ ही यह छेत्र बर्ड वाचिंग के लिए काफी बढ़िया है
06:39यहां पर माला बार पाइड हॉर्ण बिल जैसे खुबसूरत पक्षियों को भी इस छेत्र में देखे जाते हैं
06:46इस छेत्र की बनावट इतनी अच्छी है कि आप यहां आगर प्राकृतिक खुबसूरती में खो जाएंगे
07:03वापस हम अपने टेंट पर जा रहे हैं और नास्ता का आनंद ले रहे हैं
07:07यदि आप इस छेत्र में कैम्पिंग करना चाहते हैं तो वन विभाग से कैम्पिंग टेंट एक गाइड या किसी ग्रामीन को साथ में जरूर रखे
07:25इसके बाद हम एक गाउं ओन के लिए जा रहे हैं
07:28इस गाउं की खूद सुर्थी और रहे हैं
07:58और ग्रामीनों की जीवन सैली एकदम अलग है
08:00इस गाउं में मयूर का दिखना आम बात है
08:05यहां के ग्रामीनों के द्वारा हमारे राश्ट्री पक्षियों की सरक्षन और देखवाल अच्छी तरह से किया जाता है
08:17जंगलों और पहाडों के होने के कारण यहां पर गर्मियों में तापमान काफी कम रहती है
08:41खास कर रात्री के समय इसे हम गर्याबंद का हिल स्टेशन भी कह सकते हैं
08:47गाउं भ्रमन करने के बाद हम सीधे इस छेत्र के विसाल वाटरफॉल बनिया धस के लिए जा रहे हैं
09:00साम होने को है और हम तेजी से चल रहे हैं
09:03यह चेत्र पूरा दुर्गम है और मानसा हरी जानवरों का विचरन चेत्र भी है
09:14तो हम वाटरफॉल के पास पहुंच ही गए है बस सव मिटर का अंत्राल है और यहां पे जो साइड में देख रहे हैं वो नदी है
09:32तो हम वाटरफॉल के पास पहुंच ही गए है बस सव मिटर का अंत्राल है और यहां पे जो साइड में देख रहे है वो नदी है यहां से दिखाई दे रहे हैं जो जगह है थोड़ा सा नीचे है तो चलने में थोड़ा से तकलिफ होगा लेकिन मजा रहेगा आपको
09:53हुआ है जो नदी है उसको क्रॉस की है उसके बाद फुरस आ गया है और इस रास्टे से हमें जाना है अंदर
10:18कि यहां से आप जढ़ने की अवाज सुन सकते हैं यहां तक सुनाई देता है जहने की आवाज काफी
10:30नजदीख है आख म rarely्त και काठा है कि यहां को आरा कंदीला है तो इसे बच क्या आणा हुगा कि रास्ता बन जाएगा इसात्युक्त
10:44करीब पांच मिनट के पैदल सफर के बाद हम बनिया धस वाटरफॉल तक आ चुके हैं
10:54और ये वाटरफॉल बेहद ही विसाल है करीब साट फीट के उचाई से पानी नीचे खाई में गेटती है
11:00आज पास के पाड़ी इस वाटरफॉल की खुबसूरती पर और चार चांद लगा रही है
11:11ये जहर्ना का नाम है बनियतस बोलते हैं इसको और ये बनियतस जो है इसका नीचे से उचाई इसका साथ पिठ है
11:21और इसका अंदर भी पानी के गड़ाई इसका वोई लगवक 30 फीट 40 फीट का अंतर गफ है और ये जहर्ना के है यहां जहर्ना और से 500 मिटर पड़ता है
11:32दिन भर समय बिताने के बाद हम सब अब वापस आ रहे हैं
11:51अगले वीडियो में हम आपको टांगरी डोंगरी पहाडी और खलारी माता मंदिर की रहस्य में कहानी को बताएंगे
12:07आसा करते हैं कि आप हमारे पिछरे वीडियो को जरूर देखेंगे और इस वीडियो को दूसरे लोगों तक शेयर कर हमारा उत्साहवरधन करेंगे
12:15इस शेत्र में आने के लिए यदि आपको किसी प्रकार की जानकारी या वोकिंग संबंधी जानकारी चाहिए तो स्क्रीन पर दिये गए वेबसाइट पर जाकर वन विभाग से जरूर संपर्क करें
12:26जै जोहार
12:45कर दो करेंगे
12:49कर दो सुष्पाट प्रकारी traffic
12:51झाल
12:52कमंदी जास आपकतीरो मैं आने कि जाकर व भुरड़ा कम से तो शेयर हुआ ड़ार कि जाज्यर किया हमां
Be the first to comment