00:00आठ सितमबर यानि कि आठ से पित्रपक्ष का पहला यानि प्रतिपदा तिथी का श्राद है
00:06पुराणों के अनुसार देवी देवता के अलावा पितर ही अपने कुल की रक्षा करते हैं
00:11अब यही वज़ा है कि पित्रों की आत्मा की शांती के लिए पित्रपक्ष में 16 दिन नियम से तिथी अनुसार श्राद किये जाते हैं
00:19ताकि घर में हर मंगल कारे में किसी भी तरह के व्यावाधान नहीं आए
00:24वही आपको बता दे भाविश्य पुराण में 12 प्रकार के श्राद का वर्णन है
00:28आज कि इस वीडियो में हम आपको बताएंगे त्रपिंडी श्राद के बारे में और आखिर क्यूं और किसका होता है त्रपिंडी श्राद और इसे कौन कर सकता है
00:37तो चलिए आज किस वीडियो में जानते हैं
00:39त्रिपिंडी श्राद का अर्थ है पिछली तीन पीडियों के हमारे पुर्वजों के पिंडदान
00:45अगर पिछली तीन पीडियों से परिवार में अधि किसी का भी बहुत कम उम्र में बुढ़ापे या फिर अकाल मृत्यू से निधन हुआ है तो उनकी आत्मा की शान्ती के लिए त्रिपिंडी श्राद करना चाहिए
00:56अब इन तीनों प्रकार की प्रेट योनियों की पिषाच पीड़ा के निवारण के लिए त्रिपिंडी श्राद किया जाता है अब कोई भी आत्मा जो अपने जीवन में शान्त नहीं है और शरीर छोड़ चुकी है भविश्य की पीडियों को परिशान करती है अब इसलिए
01:26तमाम कठीनाईयों का सामना करना पड़ता है तो चलिए आपको बताते हैं कि पित्रपक्ष में त्रिपिंडी श्राद कब करना चाहिए पित्रपक्ष में त्रिपिंडी श्राद पंचमी अश्टमी एकादशी त्रेयोदशी चतुरदशी और आमवस्या में किसी भी दिन कि
01:56तो दोस्तों फिलालेस वीडियो में इतना ही आपको जोइन करें किसी लगी कमेंट में लिखकर ज़रूर पताएगा।
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