00:00यह ग्रहन जो है कुमराशी पर पढ़ रहा है यह ग्रहन बारत में जंपून बारत में दिखाई देगा
00:08उस ग्रहन काल के अंदर उस तक काल के अंदर कोई भोजन नहीं करना चाहिए
00:15आज रात्री को नो बज कर 57 मिनट से रात्री के एक बज कर 26 मिनट तक चंद्रगहन रहेगा
00:30चंद्रगहन का स्पस जो नो बज कर 57 मिनट से होगा और इसका मोक्षी जो है वो एक बज कर 26 मिनट तक होगा
00:36चंद्र ग्रहन का सूर तक बारा बज़ कर 57 मिनट से शुरू हो जाएगा चंद्र ग्रहन के समय जो है यह कोई भी गुढ़े रोगियों और गर्विडी इस्तियों को छोड़ कर कोई भोजन नहीं करना चाहिए और साथिक आचार विचार रखते हुए अपने जो है मंत्र का ज
01:06उसका विषय स्वीर रूपसे होगा है उसकर कैम्बराशी के जो जातक हैं वह अपने साभदानी बर्टे जयता सम्बब मामर्त नम्यम मंत्र का जब करे तो की जो है इसका प्रभाव उनके स्वास्त सेमय जो है प्रतिकूल प्रहोब
01:24पड़ेगा इस ग्रहेंड का जो शुब फल जो है मेश राशी गृष्षिक राशी और धोनु राशी पर तो शुब है बाकिशेश राचियों पर जो इसका जो है दुश्परभाव पड़ेगा उन सभी अनिराशी वालों को जो है ऐसे में चंद्रमा के मंत्र का ओम स्राम स्री
01:54प्रतिकूल प्रभाव ना पड़े, जिन लोगोंने मंत्र तिख्शा ले रखी है वो जो गुरु मंत्र ले रखा है, वो अपने उस मंत्र का जो है अनुश्चान करें और इसका जब करें यतासंबाव स्तोत्रपर का पाठ करें या अगर संबब हो सके तो मद्य काले जो हवन �
02:24दिखाई देगा और इस एक हग्राज चैन्दर कहने जो है कुछ चैत्रों में जो है अमरिका वगारा में जो है प्रस्चमी उसको छोड़कर वह बाकिसे चैत्रों में दिखाई देगा ग्रहन काल के समय जब से सुतक प्राणम में होता है जैसे 12 बच कर 57 मिनट से सुतक लगे�
02:54और नाकुन में कोई छोर कर्म नहीं करना चाहिए उसके अलावा ग्रहन काल के अंदर जिन लोगों ने मंत्र दिख्षा ले रखी है वो जो है अपने मंत्र का जो अनुस्ठान करें ऐसा करने से मंत्र शिद्धी होती है और बाकी जो लोग स्वास्त हैं वो जो है मतलब मिज
03:24अपस्थाब आब सुषाब आपने यूप लिए इन प्यूपक्राइब लोग स्वान इंद टानलोग ऑ्वान जीजिए अपनू स्वान काढ़ मनें लोगों लोगों इंद एन ट्वान अंट जन एब रश्पकिन यूद्धी करें लोगों इंद काःश्ड ओंद आपने ची
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