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कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा में एक आभार रैली के दौरान एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। रैली के दौरान समर्थकों ने क्रेन की मदद से सैकड़ों किलो ताजे सेब और फूलों से बनी एक विशाल माला से उनका स्वागत किया। इस दौरान सीएम शिवकुमार ने माला से सेब तोड़कर उसे चखा और उसका जूठा हिस्सा सामने खड़ी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता की भीड़ पर फेंक दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो गया और इसने एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक तरफ विपक्ष और आम जनता के कई लोग इसे सत्ता का अहंकार और आम जनता का घोर अपमान बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थकों का दावा है कि यह कोई घमंड नहीं बल्कि जनता की मांग पर दिया गया 'प्रसाद' था। एक मुख्यमंत्री के रूप में इस तरह के सार्वजनिक व्यवहार के ऑप्टिक्स और मर्यादा को लेकर अब देश भर में तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं।

The newly-elected Chief Minister of Karnataka, D.K. Shivakumar, has found himself at the center of a massive political storm during a thanksgiving rally in his stronghold constituency, Kanakapura. To celebrate his elevation, local supporters welcomed him with a giant, multi-kilogram fruit garland lifted by a crane. In a move caught on camera, the Chief Minister plucked an apple from the garland, took a bite out of it, and tossed the remaining piece directly into the cheering crowd of party workers. The video quickly went viral on social media, sparking intense outrage and split reactions across the country. While critics and opposition parties heavily slammed the act as a display of arrogance and disrespect toward ordinary citizens, his supporters defended it as a light-hearted, emotional gesture intended as 'prasad' upon public demand. The incident raises serious journalistic questions about the optics of political leadership and the boundaries of power in a democracy.

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~HT.318~PR.512~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:00क्या CM शिफकुमार ने जनता पर जूटे सेब फैकी हैं?
00:03क्या वो खुट को भगवान समझने लगे जाएं?
00:17क्या एक नेता जनता से बड़ा होता है?
00:20क्या पावर का निशान इंसान को इतना मगरूर बना देता है
00:23कि वो आम लोगों को इंसान नहीं भेडबकरी समझने लगता है
00:27आप देख रहे हैं हमारा स्पेशल सेगमेंट
00:29और आज हम बात कर रहे हैं करनाटका के नई चीफ मिनिस्टर डी के शिफकुमार की
00:34जिनका एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पे आख की तरह फैल रहा है
00:39एक ऐसा वीडियो जिसने पूरे देश में एक नई बहस छेड़ दी है
00:43कि क्या ये जनता का प्यार था या फिर सत्ता का खुला घमन
00:47सवाल बड़ा है क्या सीम शिफकुमार ने जनता पर जूटे सेब फैके हैं
00:52क्या वो खुद को भगवान समझने लगे हैं
00:55चलिए पूरी कहानी को सिलसिलवार तरीके से समझते हैं
00:59पूरा मामला शुरू होता है करनाटका के कनाकपुरा में
01:02कनाकपुरा यानि डीके शिफकुमार का अपना घर
01:05उनका पॉलिटिकल स्ट्रॉंग होल जहां से वो आठ बार MLH उने जा चुके हैं
01:10तीन जून को ही उन्होंने करनाटका के 25 चीफ मिनिस्टर के तौर पर शपत ली थी
01:15और सत्ता पर कबिज होने के बाद शिफकुमार अपने इस घर में एक ठैंक्स गिविन टूर
01:21यानि जनता का अभार जताने के लिए रैली पर निकले थी
01:24हरहुली टाउन में उनका स्वागत किसी राजा महराजा की तरह किया गया
01:29फूलो की बारिश हुई पताके और हर तरफ गूंच्टी अवाज डी के डी के
01:34लेकिन इस वागत का जो सबसे बड़ा अट्राक्शन था वो था एक विशाल का जाइंट गज माला
01:39सेकडों किलो ताजे सेब और फूलो से बनी इस विशाल माला को जनता के बीच से उठाने के लिए
01:45बकाइदा क्रेंज और जेसी बीस का भी इस्तमाल किया गया था
01:48शिफ कुमार अपनी गाड़ी की उपर खड़े थे और जनता का अभिनंदन स्वीकार कर रहे थे
01:53और इसी दोरान वो होता है जोब एक बड़ी कॉंट्रोवर्सी बन चुका है
01:57सीएम शिफ कुमार ने उस क्रेंज से लटकती हुए जाइंट माला सेक से तोड़ा
02:01उसे खाया मू लगाया एक बाइट ली और बचा हुआ जूटा हिस्सा सामने खड़ी भीड पर उच्छाल दिया
02:08उन्होंने ऐसा एक नहीं बलकि दो बार किया
02:11सोशल मीडिया पर ये वीडियो आते ही कहराम मच गया
02:14एक तरफ ओपोजिशन और आम जंता का एक बड़ा वर्ग गुस्से में है
02:19लोगतंत्र में जंता को जनारदन यानी भगवान के रूप में माना जाता है
02:22उस जंता पर अपना जूटा खाना फैकना क्या ये उन लोगों का अपमान नहीं है
02:27जिन्होंने उन्हें इस कुरसी तक पहुँचाया है
02:30एक यूजर ने यहां तक लिख दिया कि क्या शिफकुमार खुद को देवता समझते हैं
02:34एक नेता का ऐसा बरताव बिल्कुल अनक्सेप्टिबल है
02:38लेकिन चलिए अब इस स्टोरी के दूसरे पहलू को भी समझते हैं
02:42जिसे ग्राउंड पर मौझूद उनके सपोर्टर्स और कॉंग्रेस वर्कर सही टहरा रहे हैं
02:46सपोर्टर्स का कहना है कि ये कोई घमन नहीं
02:49बलकि एक नेता और उसके जनता के बीच का एक बहुत ही पुराना इमोशनल कनेक्शन था
02:55ग्राउंड से जो खबरे आ रही है उनके मुताबित जब वो जाइंट आपल गार्लैंड वहां लाया गया
03:00तो भीड में कुछ सपोर्टर्स ने उन्हें डेमी गौड की तरह देखते हुए चिला चला कर गुजारिश की
03:05कि सीएम साब उन्हें उस माला से प्रसाद दे
03:08हमारे देश में कई जगा ऐसी परमपर आ रही है जहां लोग अपने पसंदीदा नेता
03:13या गुरू के चुए हुए या चखे हुए फल को प्रसाद समझकर मांगते हैं
03:17उनके सपोर्टर्स के मुताबित शिफ कुमार ने बस उसी भीड की डिमांट पर
03:22उन्हें खुश करने के लिए एक लाइट हाटेड जेस्टर के रूप में वो सेब उनकी तरफ फैका था
03:44सपोर्टर्स के लिए ये प्यार हो लेकिन एक स्टेट के चीफ मिनिस्टर के तौर पर उन्हें इस बात का ख्याल
03:50रखना चाहिए था कि कैमरा पर इसके ऑप्टिक्स कैसे देखेंगे
03:53एक नेता जब जनता की तरफ जूटे फल उचालता है तो वो एक गलत प्रेसिडेंट सेट करता है
03:59सत्ता का घमंड और जनता का प्यार इन दोनों के बीच एक बहुत ही बारीक लाइन होती है और एक
04:04नेता को हमेशा उस लाइन की मरियादा का ध्यान रखना चाहिए
04:08आपको क्या लगता है क्या ये वाकई उनके सपोर्टर्स के लिए एक नेता का प्रसाद और प्यार था या फिर
04:13ये वाकई पावर का वो नशा है जहां नेता जनता को अपने से छोटा समझने लगते हैं
04:18आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं हमें कमेंट करके ज़रूर बताईएगा अब देख रहे हैं One India मैं
04:24हूँ आखरुश कॉश
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