00:00पश्चिम बंगाल की राजनीती में एक बार फिर ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसने मम्ता बैनर जी और उनकी पार्टी
00:06त्रिणमोल कॉंग्रेस की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।
00:09जिस नेता को कभी मम्ता बैनर जी का भरोसे मन चहरा माना जाता था, अब वही नेता पार्टी से अलग
00:14हो चुकी है।
00:39जी भी नेताओं में गिना जाता था, ऐसे में उनका अचानक पार्टी छोड़ना टीमसी के लिए एक बड़े जटके के
00:44रूप में देखा जा रहा है।
01:12सुष्मिता देव का राजनेतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है।
01:15वो लंबे समय तक कॉंग्रेस से जुड़ी रही और पार्टी का प्रमुक चहरा मानी जाती थी।
01:20लेकिन साल 2021 में उन्होंने कॉंग्रेस छोड़ दी और त्रणमूल कॉंग्रेस में शामिल हो गई।
01:25ममता बेनरजी ने उन पर भरोसा जताते हुए पार्टी में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उन्हें राजसभा भेज
01:30दिया।
01:31इसके बाद उन्होंने संसत की कई महत्वपूर्ण समितियों में काम किया और महिला मुद्धों से जुड़े विश्यों पर लगातार अपनी
01:37बात रखी।
01:38लेकिन अब उनका इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब त्रणमूल कॉंग्रिस पहले से ही कई राजनीतिक चुनावतियों का सामना
01:44कर रही है।
02:08अलग रुख अपनाने की चर्चा ने भी पार्टी नेत्रित्व की चिंता बढ़ाई। इन घटनावने विपक्ष को भी TMC पर सवाल
02:14उठाने का मौखा दिया।
02:43राजसभा में भी पार्टी को जटका लग चुका है।
02:45लेकिन लगातार दो स्टीफों के बाद अब ये संख्या घटकर 11 रह गई है।
02:49राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सुश्मिता देव का आगला कदम काफी हहम होगा।
02:54अगर वो बीजेपी में शामिल होती हैं तो इसका असर सिर्फ असम ही नहीं बलकि बंगाल की राजनीती पर भी
02:59पढ़ सकता है।
03:00फिलहाल इतना तय है कि उनके स्टीफे ने ममता बैनर जी और त्रिनमूल कॉंग्रिस के सामने एक नहीं चुनौती खड़ी
03:05कर दी है।
03:06अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सुश्मिता देव आगे कौन सा राजनीतिक रास्ता चुनती हैं और
03:10टीमसी इस जटके से कैसे उभरती है।
Comments