00:00अनंत चतुरदशी के दिन अगर आप भी अपनी कलाई पर अनंत सूत्र यानिकी अनंत धागा बांधने की सोच रही हैं
00:11तो इस वीडियो को अन्त तक जरूर देखें क्योंकि हम इस वीडियो में आपको बताएंगे अनंत धागा बांधने की विधी और उतारने के नियम क्या है
00:19पूजा से पहले लाल या पीले रंग के धागे में 14 गांठे लगाए
00:23ये आप वरत या बिनावरत रखे भी कर सकते हैं
00:27पूजा के समय इस धागे को भगवान वश्नु या अनंत देव के समक्ष रखकर पूजा करें
00:32उस पर हल्दी कुमखुम और फूल चड़ हैं
00:34पूजा पूण होने पर पूरुष अपने दाहिने हाथ में और महलाए अपने बाएं हाथ में ये धागा बांधे
00:40बांधते समय ओम अनंताय नमव मंत्र का जब करें
00:44ये धागा परिवार में किसी बड़े, पंडित, पती-पत्नी या घर के किसी भी सदस्य द्वारा बांधा जा सकता है
00:50अब आती है बात इसे उतारने की
00:52वैसे तो परंपर अनुसार ये धागा एक साल तक बांधते हैं
00:56और अगली अनन्त चतुर देशी पर पूजा के बाद उतार कर पवित्र नदी तालाब या पीपल के पेड़ के नीचे से विसर्जुत करते हैं
01:03यदि कोई पूरा साल नहीं बानना चाहता तो कम से कम 14 दिनों तक तो इसे श्रद्धा के साथ जरूर धारन करें
01:10ध्यान रहें अगर आप इसे 14 दिनों तक पहन रहे हैं तो अगले 14 दिनों तक आपको सात्विक भोजन ही ग्रहन करना है
01:17प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा, आदी चीजों से दूरी बना कर रख
01:22इसे अपवित्र कारेों के समय स्वयम से ना खोलें और यदि किसी कारणवर्ष खोलना पड़े तो इसे नदी या जल या किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर दें
01:31यानि कि अगर एक बार आपने अनंत धागा खूल दिया है तो आपको इसे दुबारा नहीं बान सकते
01:36वही माननेता है कि अनंत सूत्र धारन करने से जीवन में आने वाली कठिनाईया दूर होती है घर परिवार सुख और शांती बनी रहती है
01:44अब सवाल ही उठता है कि अनंत धागा क्यों बांदे हिंदु धर में श्रिष्टि को 14 लोकों साथ उपर और साथ नीचे में बाटा गया है
01:51अनंत सूत्र की ये 14 गाठे इन सभी लोकों की रक्ष और संतुलन का ही प्रतीक है
01:57समुद्र मंथन के दोरान 14 रखनों का प्रतिन धित्व करती है जिसे भगवान विश्णु ने धारन किया हुआ है
02:03मैं गाठे जीवन के 14 प्रमुक आयामो धर्म अर्थ काम नोक्ष सहित अन्य दस उपमार्ग को बांधने और उन्हें संतुलित रखने का प्रतीक है
02:11फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
Comments