00:00ओनम दक्षन भारत में मनाय जाने वाला बेहत खास तेवहार है।
00:30दूसरे दिन गर की सास जावट की जाती है।
00:53लोग एक दूसरे को पहार और कपड़े भी देते हैं।
01:23यानि की आखरी दिन। इस दिन राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलते हैं।
01:53केरल के बड़े ही दयालू और नयाय प्रिय शासक थे। उनके शासनकाल में सब लोग सुखी थे। देवताओं को ये लगा कि उनकी लोग प्रियता बढ़ने से इंद्रासन डगमगा सकता है।
02:03इसलिए भगवान वर्ष्णु ने वामन अवतार लिया। वामन ने तीग दिंपग भूमी मागी। दो पगों में उन्होंने पुई प्रत्वी और आकाश नाप लिया।
02:11तीसरे पग में महबली ने अपना सिर्ही अर्पित कर दिया। विश्णु ने उनके बलिदान और भक्ती से प्रसन्न होकर उन्हें पाताल लोग सौप दिया। लेकिन हर साल वो एक बार अपनी प्रजा से मिलने केरल भूमी पर आते हैं।
02:25मानेता है कि ओनम पर महबली अपनी प्रजा से जरूर मिलते हैं।
02:55मानेता है कि ओनम पर आते हैं।
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