Skip to playerSkip to main content
  • 4 months ago
सवाईमाधोपुर. प्रकृति की मार ने इस बार खेत-खलिहान, मवेशियों व किसानों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया है, बल्कि जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को भी तगड़ा झटका दिया है। दो बार आई अतिवृष्टि से विद्युत निगम को तीन करोड़ 40 लाख रुपए का फटका लगा है। ऐसे में दर्जनों गांवों में बिजली व्यवस्थाएं सुचारू होने में देरी हो रही है। विशेषकर चम्बल में में पानी के बहाव से बाढ़पुर, जैतपुर सहित कई गांवों में अब तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है। जिले में पहली बार 30 जुलाई को अतिवृष्टि से शहर समेत जिले में पानी ही पानी हो गया। तेज बारिश से टूटे तार, विद्युत पोल व क्षतिग्रस्त हुए ट्रांसफार्मर से बिजली निगम को तीन करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही 23 अगस्त को एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई। ऐसे में तार टूटने, ट्रांसफार्मर खराब होने आदि में विद्युत निगम को 40 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। यह आंकड़े विद्युत निगम की ओर से किए गए सर्वे से पता चला है।

पानी में डूब गए थे 359 ट्रांसफार्मर
गत दिनों दो बार हुई भारी बारिश से जिले सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचा है। तेज बारिश से जिले में 359 ट्रांसफार्मर पानी में डूबकर खराब हो गए। वहीं जलभराव से 509 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इनको ठीक करने व बदलने में काफी समय लग गया।

80 से अधिक गांवों में ठप रही थी बिजली
भारी बारिश के बाद ट्रांसफार्मर खराब होने, बिजली लाइन व पोल टूटने से जिले के 80 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। इसका असर जलापूर्ति पर पर भी पड़ा। बिजली बंद होने से घरो में सुबह तीन से चार दिन तक जलापूर्ति ठप रही थी। हालांकि बाद में व्यवस्थाएं सुचारू हुई।

अतिवृष्टि से नुकसान पर एक नजर...

-जिले में क्षतिग्रस्त हुए 11 व 33 केवी पोल की संख्या-509
-बारिश से खराब हुए ट्रांसफार्मर-359

- क्षतिग्रस्त हुए टावर-27
-17 किमी तक क्षतिग्रस्त हुई 11 केवी की लाइन

-3.5 किमी तक क्षतिग्रस्त हुई 33 केवी लाइन।
-30 जुलाई को हुई थी पहली तेज बारिश।

-23 अगस्त को हुई थी दूसरी बार अतिवृष्टि।

Category

🗞
News
Transcript
00:00You
Be the first to comment
Add your comment

Recommended