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Radha Ashtami Vrat Parana Time 2025: पौराणिक कथाओं के मुताबिक राधा जी का जन्म अष्टमी तिथि के अर्धदिवस में हुआ था, इसलिए इस व्रत को अर्धदिवसीय व्रत के नाम से भी जाना जाता है. भक्त सूर्योदय से लेकर दोपहर तक इस दिन उपवास रखते हैं और दोपहर के बाद पूजा अर्चना कर व्रत का पारण करते हैं.Radha Ashtami Vrat Parana Time 2025:Radha Ashtami Vrat Parana Samay,Upvas Kya Khakar Khole?

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Transcript
00:00क्या आप भी पहली बार राधा अश्टमी का वरत करने वाली है जो कि इस साल 31 अगस्त दिन रविवार को पढ़ रही है अगर हां तो आपको बता दें कि राधा अश्टमी वरत को अर्ध दिवस कहा गया है कारण राधा जी का जन्म अश्टमी तिति के अर्ध दिवस में हु�
00:30पूजा अर्चना कर वरत का पारण कर देते हैं कहते हैं कि राधा राने को सबसे भोली और करुणा मई माना गया है राधा जी अपने भक्तों को किसी भी तरह का कष्ट नहीं देती इसी वज़े से राधा अश्टमी का वरत भी ब्रह्मु मुहुर्त में शुरू होकर दोप
01:00आप फलहार ग्रहन कर सकती हैं ध्यान रहे वरत का पारण करते समय सब सबसे पहले राधारानी को चड़ाया गया भोग ही प्रसाद स्वरूप ग्रहन करें इस दिन वरत पारण के समय अर्भी के सबजी खाना बेहत जरूरी माना गया है फिलहाल से वीडियो में इतना ही वी�
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