00:00केरल में ओडम उत्सव की शुरुवात हो चुकी है इस मौके पर त्रिशूर के एतिहासिक वडुकम नादिन बंदिर के दक्षणी द्वार पर डेड़ सो से ज्यादा स्वायम सेवक इखटा हुए उन्होंने सुभा से ही अपना काम शुरू कर दिया और पंदरा सो किलोग्रा
00:30पराणिक राजा महाबली के स्वागत के लिए बनाया गया था ये सम्रिध्धी का प्रतीक है जिसे एक मुश्किल फूल की डिजाइन में बनाया जाता है
01:00त्रिशूर में ओडम उत्सव सिर्फ पूकलम तक ही सीमित नहीं है
01:11दस दिन तक चलने वाले इस उत्सव के लिए भव्वे तैयारियां की गई है
01:15जगेह जगेह सांस्कृतिक कारिक्रम, पारंपरिक प्रदर्शन और अनुष्ठान किये जाएंगे
01:20तेरू वादिरा जैसा पारंपरिक नृत्ते भी उत्सव का हिस्सा होगा
01:26जो केरल की समरिध, विरासत और सांप्रदाइक भावना को दिखाता है
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