00:00गणेश शतुर्थी का महपर्व भादो शुक्ल चतुर्थी को शुरू होता है और चतुर्दशी तिति को गणेश विसर्जन के साथ असका समापन हो जाता है यह तेवहार भगवान गणेश को ही समर्पित है
00:13मानिता है कि इस पवत्र घड़ी में भगवान गणेश धर्ती पर उतरते हैं और भगतों की मनोकामनाओ को पूरी करते हैं एस साल ये पर्व 27 अगस्त से 6 सितंबर तक मनाया जाएगा
00:26हिंदू पंचांग के अनुसार भादव शुक्ल चतुर्थी 26 अगस्त को दोपहर एक बचकर 24 मिनट से 27 अगस्त की दोपहर तीन बचकर 44 मिनट तक रहेगी
00:37उद्याते थी के चलते गणेश धर्ती 27 अगस्त को मना रही हैं और इसी दिन गणपती जी की स्थापना होगी
00:43चुकि गणपती स्थापना मध्यान काल में होती है इसलिए 27 अगस्त को सुबग 11 बचकर 5 मिनट से लेकर दोपहर एक बचकर 44 मिनट तक गणपती जी की स्थापना कर सकते हैं
00:55घर की उत्तर पूर्व या पूर्व दिशा में एक चौकि लगा कर उस पर लाल या पीला खपड़ा बचालें चौकि पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं और वहां अक्षत अर्पत करें
01:05इसके बाद गणपती जी की मूर्ती को दूद, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराएं अब चौकि पर भगवान की मूर्ती को स्थापत करें
01:13मूर्ती स्थापना के समय ओम गंगन पतै नमः मंत्र का जब जरूर करें इसके बाद एक कलश में गंगाजल भर कर उसके मुख पर आम के पत्ते और नारियल रखें
01:23दीपक और अगर्बती जलाएं गणपती जी की दूरवा फल फूल अर्पत करें उन्हें मोदक या लड़ों का भोग लगाएं इसके बाद भगवान गणी जी की आरती करें उनके मंत्रों का जब करें और गणपती बपा के जयकारे लगाएं
01:36अगर आपके गणपती की मूर्ती मिट्टी की बनी हुई है और ऐसे में उनका अभिशे कर पाना आपके लिए मुम्किन नहीं है तो ऐसे में किसी पात्र में भी इन चीजों को आप गणपती मंत्र का जब करते हुए अर्पित कर सकती हैं और उसके बाद पात्र में रखे ह�
02:06हुआ हुआ हुआ हुआ है
Comments