कोलकाता में मिट्टी के बर्तन बनाने वालों की बस्ती कुमारतुली में दुर्गा पूजा के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू देवी दुर्गा की मूर्तियों का श्रृंगार है. यहां के कारीगर देवी की मूर्ति के लिए सजावटी मुकुट, हार और अन्य आभूषण बनाने के लिए कार्डबोर्ड, कागज, सुनहरे धागे, मोतियों और शीशों का इस्तेमाल करते हैं. कारीगरों का कहना है कि इस साल पहले के मुकाबले ज्यादा मांग है और इसी वजह से उन्हें अभी से बहुत काम मिल गया है. इस बाजार में कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य शहरों से ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोग यहां पहुंचते हैं. जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आता है, कुमारतुली में बने आभूषणों की मांग में लगातार इजाफा होता है. इस साल दुर्गा पूजा उत्सव 28 सितंबर से शुरू होगा.
00:00Kolkata में मिटी के बर्तन बनाने वालों की बस्ती कुमार तुली में दुर्गा पूजा के लिए तयारियां शुरू हो गई हैं
00:08इस्तियोहार का सबसे महत्वपून पहलु देवी दुर्गा की मूर्तियों का श्रंगार है
00:13यहां के कारिगर देवी की मूर्ति के लिए सजावटी मुकुट, हार और अन्य आभूशन बनाने के लिए कार्डबोर्ट, कागज, सुनहरे धागे, मोतियों और शीशों का इस्तिमाल करते हैं
00:26कारिगरु का कहना है कि इस साल पहले के मुकाबले ज्यादा मांग है और इसी वजह से उन्हें अभी से बहुत काम मिल गया है
00:48और काम भी बनिया हो रहा है
00:49This
01:09दुर्गार मुर्टी का सब जाहाई चुडी, अमलेट, हार, मटुक, बल्ली है सब। आप लोग का जो गहना तेयार होता है, यह कहा का जाता है आपको इधर से। बाहर में जाता है, उरिस्टा, आसाम, यूपी, बियार।
01:29इस बाजार में कॉलकता और पस्चिम बंगाल के अन्य शहरों से ही नहीं, बलकि पूरे देश के लोग यहां पहुचते हैं
01:38यहां की बहतरीन कारिगरी के मुरीद श्रधालू दुर्गा पूजा से पहले यहां आते हैं
01:44पश्चिम बंगाल का सबसे लोकप्रिय त्योहार दुर्गा पूजा पूरे भारत में मनाया जाता है
02:10जैसे जैसे त्योहार नजदीक आता है, कुमार तुली में बने आभूशनों और मूर्तियों की मांग में लगातार इजाफा होता है
02:18इस साल दुर्गा पूजा उत्सव 28 सितंबर से शुरू होगा
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