00:00नारियल का इस्तमाल कर लोग इसके खोल को फेक देते हैं लेकिन ओडिसा की किंद्रपाड़ा कीन महिलाओ ने इसके रेशे को कमाई का जरिया बना लिया महिलाओ ने मा बंगला नाम का प्रोडक्शन ग्रूप बनाया और अब इको फ्रेंडली होम डेकोर बना रही हैं
00:20मुझे कोई फोर्माल ट्रेंडिंग नहीं मिली थी मुझे घर बेठे ये आइडिया आया और मैंने खुद ही काम करना सुरू कर दिया
00:33बहुत बात में मैंने अपना काम पोड़ोशों के दिखाया और धीरे-धीरे महिलाओ मेरे साथ जूड़ गई
00:39मैं के महिला को प्रोजेक्ट बनाने भी सिखाया है
00:43तीस से चालिस उर्पे प्रति किलो के हिसाब से ये नारियल के रेशे खरिती हैं
00:51और इसके साथ कपड़ा, उन, कागज, पत्थर और सुखे पत्तों का इस्तमाल कर हाथी, गोड़े, हीरन, कचुए, घोसले जैसे सजावटी सामान बनाती है
01:04एक बार जब हमने काम सुरू किया तो हमने पीछे मुड़ कर नहीं देखा
01:09हमने अपने समय का सही इस्तमाल करके फेस लगिया
01:13इसमें जादतर लोग सुभा 10 बज़े से साड़े 11 बज़े तक और फिर दोपर 3 बज़े से 5 बज़े तक काम करते हैं
01:21घर पर खाली बेटना अब हमारे लिए कोई ओफ्शन में
01:25ये महिलाएं गाउं में लगने वाले मेलों में स्टॉल लगाती हैं
01:30जिसमें 70 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक प्रति समान बेच कर अच्छी कमाई कर लेती हैं
01:36मैं घर पर बेटी थी जब मैंने काम देखा और मुझे इसमें दिल ज़स्पी हुई
01:47बिना किसी खास प्रसिक्षन के ये महिलाएं आत्म निर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं
02:05बस इनको सरकारी मदद की दरकार है
02:07एटीवी भारत के लिए केंदर पाड़ा से राधा कांत मुहंती की रिपोर्ट
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