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Pithori Amavasya 2025 Date Time: इस साल भाद्रपद अमावस्या की तिथि 22 अगस्त की सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरू हो रही है और इसका समापन 23 अगस्त की सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में 23 अगस्त को ही अमावस्या मनाई जाएगी. शनिवार के दिन पड़ने के चलते इसे शनिचरी अमावस्या (Shanichari Amavasya) भी कहते हैं.Pithori Amavasya 2025 Date Time: 22 Ya 23 August Pithori Amavasya Kab,Snan Daan Muhurat.

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~HT.318~PR.115~ED.120~
Transcript
00:00प्यारे मित्रों जैशिया राम जैमाता दिमित्रों आज आप से चर्चा करते हैं भाद्र प्रदमाश की अमावश्या कब है और पित्रों का पूजन करने के लिए ये अमावस्या महत्तुपूर्ण बताई गई है
00:15तो भाद्र प्रदमाश की अमावस्या 23 अगस्त 2025 दिन सनी मार को मनाई जाएगी बाद्र प्रदमाश की अमावस्या जो प्रारंब हो रही है ये 22 तारिक को दोपाहर में 11 बच करके 58 मिनिट पर प्रारंब हो रही है तो 22 तारिक को जो पित्र कार रहे है यह दोपाहर के समय किय
00:45तो आज के दिन की जो मावस्यातिति है दान इत्यादि की मावस्यातिति के लिए उपयुकत है और इसके साथ ही आज की ये मावस्यातिति कुशा इत्यादि संग्रह किया जाता है कुश इत्यादि ले करके आये जाते हैं बाहर से तो उसके लिए भी मंगल में है तो आईए हम �
01:15जूकि भादरप्रदमास की जो अमावश्या तिति है इसको भगवान स्रीकृष्ण की भक्ति का महिना भी बताया गया है।
01:31सनीमार को पढ़ रही है तो कहीं न कहीं हम लोग सनिश्चरी अमावश्या के नाम से भी जानते हैं।
01:37स्राध्यादी कर्व में इस्तेमाल किये जाने वाला एक जो कुशा होता है वो एक कुशा भी आज के दिन उखाड करके लाया जाता है और इसको अमावस्या तिथी के दिन भाद्र प्रदमास की अमावस्या तिथी के दिन ले करके आए और एक वर्स तक आप इसका प्रियोग क
02:07बादों की अमावस्या में जो कुशा आता है यह पूरे एक वर्स तक आप इसका यूज कर सकते हैं और आज की जो तिथी है इश्नान दान तरपन के लिए मावस्या तिथी का अधिक महत्तु बताया गया है और इस दिन बहुत से सुन्दर योग भी बनते हैं मावस्या तिथी
02:37अधिक्वाइश शूर को अरग दीजिए और थोड़े से तिल लेकर के अपने पित्रों के नाम से भी जलका दान करिएगा पित्र प्रसंद होते हैं नदी के तड़ पर पित्रों की आत्मा की सांती के लिए पिंद्दान करना चाहिए और गरीब व्यक्तियों को या ब्राम्
03:07के लिए पीपल ब्रक्ष की आपको परिक्रमा भी करनी चाहिए और मावश्या के दिन शनीद्यों का पावन दिन पढ़ रहा है इसलिए आप गरीब असहाय लोगों को भोजन इत्यादी भी कराईए तो मित्रों हमने आपको बताया मावस्याति थी भाद्र प्रद्मास की क�
03:37वीडियो में तब तक के लिए दीजे इजाज़त जयमाता दीजय मागंगे
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