00:00पैतन धर्म में समय के साथ श्रीक्रष्ण के भक्तों की तादाद भी बढ़ती जा रही है
00:13लेकिन इस्लाम श्रीक्रष्ण के बारे में क्या कहता है? आईए आपको इसो विडियो में बताते हैं
00:19दरसल इसलाम में श्रे कृष्ण का सीधा जिक्र कुरान या हदीस में नहीं मिलता लेकिन इसलामे द्रश्ट कौन से कुछ विद्धवान मानते हैं कि श्रे कृष्ण एक एतिहासिक व्यक्तितु या किसी कौम के लिए भेजे गए नभी या संदेश्टा हो सकते हैं
00:36क्योंकि इसलाम का मानना है कि हमने हर कौम के पास एक रसूल भेजा और ऐसे रसूल भी भेजे जिने हमने तुम्हें नहीं बताया
00:45यनि इसलाम का मानना है कि अल्लाह ने अलग-अलग इलाकों और कौमों में हजारों पैगंबर भेजे जिन में से कई के नाम कुरान में दिये गए हैं
00:54कुछ मुसलिम विद्वान जैसे मौलाना अबुल कलाम आजाद और मौलाना नदवी ने ये राय रखी कि कुछन एक धर्मात्मा विक्ति, समाज सुधारक या संभवत नभी हो सकते थे
01:06जिनका असली संदेश समय के साथ बदल कर हिंदू ग्रंतों में अलग रूप से आ गया
01:12हलकि इसलाम में कोई सर्वमान्य मत नहीं है, कुछ मुसलमान इसे मानते हैं तो कुछ नहीं
01:18कुरान और हदीस में कृष्ण का नाम भी नहीं है, इसलाम मानता है कि हर कौम में अल्ला के संदेश वहक आए इसलिए क्रिश्न का श्रेनी में होना संभव माना जा सकता है
01:30वहीं दलीले दी गई कि इसलाम में नभी कभी भी खुद को ईश्वर या ईश्वर का अवतार नहीं मानते
01:36हिंदु धर्म में कृष्ण को विश्णु का अवतार और ईश्वर मानना इसलामी तोहीद से टकराता है
01:42इसलिए कुछ विद्वान कहते हैं कि वो नभी नहीं बलकि एक महान राजा या नीता थे
01:48स्लाम मानता है कि पहले कि धर्मगरंत समय के साथ बदल गए
01:52तो कृष्ण की असल सिक्षाएं और आज की धर्मिक स्वरूप में फर्क हो सकता है
01:58अगर मूल संदेश तोहीद पर था तो बाद में बहुदेव वाद से मिल गया
02:03यहां तक की कुछ असलामिक स्कॉलर्स का भी कहना है कि कृष्ण एक धर्मात्मा नेता संभवता एक महान राजा थे
02:11यानि उनके होने का जिक्र मुस्लिम समुदाय में भी गुप्चुप तरीके से होता जरूर है
02:17लेकिन ये सकॉम में मदभेद का ही विशय है
02:20ऐसे में कृष्ण को मानना या ना मानना इमान के लिए जरूरी नहीं है
02:41झाल से लिए जरूरी नहीं है
03:11झाल से लिए जरूरी नहीं है
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