00:00राखे सिर्फ बहन का प्यार नहीं, भाई के जिम्मेदारी भी है, कभी तकरा, कभी मस्ती, लेकिन दिल से एक दूजे की परवा, रिष्टे की ये डोर सिर्फ धागा नहीं, एक एहसास है, एक वादा है कि मैं हमेशा तेरे साथ हूँ.
00:14रक्षा बंधन का ये तिवहार बहुती पवित्र होता है, लेकिन कई लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या कोई पतनी अपने पती को रक्षा बंधन पर राखी बान सकती है?
00:35दरसल राखी या रक्षा सुत्र एक ऐसा पवित्र धागा है जिससे बहन अपने भाई की कलाई पर बानती है ये उसकी दिरगायू, सुरक्षा और सम्रिधी की कामना का प्रतीक होता है लेकिन पत्नी द्वारा पती को राखी बानने के बारे में सक्त मनाई है पत्नी का रिष्
01:05और समाजिक परंपरा का उलंगन माना चाता है जो तीशियो और सास्त्रे द्रिस्टी से पती को राखी बानना उसके बीच के दामपत्य भाव को नस्ट कर सकता है जिससे वेवाहिक जीवन में बांधाये आ सकती है राखी बानने की प्रकरिया एक विश्रिष्ट मंत्र और �
01:35झाल झाल
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