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Abdullahpur Ka Devdas _ Episode 4_ Bilal Abbas Khan_ Sarah Khan_ Raza Talish(1080P_HD).mp4
"अब्दुल्लापुर में भेदभाव: एक सच्चाई या अफवाह?"
अब्दुल्लापुर एक विविधता से भरा इलाका है, जहाँ कई जाति, धर्म और वर्ग के लोग एक साथ रहते हैं। लेकिन क्या यहाँ सभी को समान अधिकार और अवसर मिलते हैं? क्या कुछ लोगों के साथ भेदभाव होता है?
इस वीडियो/लेख में हम जानेंगे कि क्या वाकई में अब्दुल्लापुर में सामाजिक या धार्मिक आधार पर कोई भेदभाव हो रहा है या यह सिर्फ अफवाहों का हिस्सा है।

👉 जानिए सच्चाई, सुनिए लोगों की आवाज़, और समझिए कि कैसे हम एक न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ सकते हैं।#अब्दुल्लापुर #भेदभाव #सचकीजांच #समाजकीसच्चाई #असलीसवाल #Discrimination #AbdullapurTruth #IndiaSocialIssues #AbdullapurNews #EqualityForAll #जातीयभेदभाव #धार्मिकभेदभाव #समानअधिकार #SocialJustice #HindiNewsabdullapur discrimination, अब्दुल्लापुर भेदभाव, abdullapur news hindi, social inequality in abdullapur, जातीय भेदभाव अब्दुल्लापुर, religious discrimination, abdullapur truth, हिन्दू मुस्लिम भेदभाव, abdullapur caste issue, hindi news today abdullapur

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00:00कासा एल इश्क लेके यार की खोज में निकले
00:25दो नेन दिवाने ये किस मोज में हैं निकले
00:31यार तो कर्म में धड़के रूह में बैठा उतरके
00:38मैं सांस भी लूँ कैसे दुनिया से डर डर के
00:44वे इश्का वे इश्का तेरे दर्द निराले
00:51वे इश्का वे इश्का हीरा राचे खा ले
00:57कभी ऐसा भी हो रूबरू तुम बैठो
01:04हमारी आँखों से जड़ा खुद को देखो
01:10कभी ऐसा भी हो रूबरू तुम बैठो
01:17हमारे दिल की लगी लगे तेरे दिल को
01:23बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस बैस �
01:53वहाँ वहाँ वहाँ यह तो एक हफ्ते में लीडर बन गया है
02:12अबे फखरी सालेफ यह क्या हुलिया बना के रखा है तुने है
02:23गले लग भाई के वहाँ बढ़ कि अबेरा फखरी नहीं फखर वजीर बोल सबका लीडर सबका भाई
02:32अबाभी वाई अबाभी वाई कियसा है तुम ठीक यार बस जब से रखारी गए साले एक दफा भी तुने मझे मुर्गे फून नहीं किया
02:40दूंद नगी कुछій लड़की तूने अपने लिए, है ना ?
02:43ऐ के कनल लड़की..
02:45बिलकुल तेरी... गुल बनु जैसी है
02:49गुल बनु जैसी
02:54तुझे जो कसे बताया गुल बनु के बारे में?
02:59एक सिकेंड एक ने
03:01अतार चा नहे बताया ना?
03:02करता है ना तूसे मेसेज़े से बात, उसी ने बताया होगा तुझे
03:05नहीं यार
03:06हाँ
03:07मेरी वाली का नाम
03:09रूबी है
03:12मैं अर्थू देपार्टमेंट में हूँ
03:14वो अंगलिश देपार्टमेंट में है
03:16उसकी यंग्रेशी तुझे लेडूपी, पिफा कूफ
03:18पाकली
03:19नहीं यार
03:20ना कुई बात, ना मुलाकात
03:22मैंने सोचा भाई पहले अपना युनिवस्टी में थोड़ा सीन बनाए
03:25ताके पली मुलाकात आखरी मुलाकात ना हो
03:32लेकिन उसके लिए ना
03:34तेरी हल्प चाहिए भाई को
03:38मेरी हल्प
03:40कैसी हल्प?
03:43कॉलेज मेन लिटरी फेस्टिवल हो रहा है
03:45मेरी क्लास फलो है, कंदील
03:47सारे रहिंटन्स फो करें
03:49तुने ऐसी शारी लिखके देनी है
03:52कि अलफाज परीजात के दिल न उतर जाए
03:55अबे चब देखा ही नहीं है तो लिखोंगा कैसे?
03:58मैं तुझे बताता हूँ
04:00ऐसे लिख गुलबानों के लिए लिख रहे है
04:05जिया
04:06भाई नहीं है मेरा
04:08हम
04:13चल तेरे लिए
04:14गले लाग यार भाई मेरेदा
04:15जब से आया है खाला से मिला तू
04:17नहीं मिला ना आजा
04:19चल
04:21वात आपकी ठीक है
04:23लेकिन मेरे भी उसके साथ
04:25बड़े खिलाफात है
04:27लेकिन यह जो बिदार बख्त के खिलाफ
04:29एलेक्शन लिड़ने का फैसला की है ना उसमें
04:31वावाव
04:33दिल भी इतली है उसमें
04:35तो कह रहे हैं दिवान साथ
04:37हम उमर लड़कों के साथ द्हिया मुझती
04:39वो अलग बात है
04:41लेकिन पूरा महुला
04:43फकर की नेक नियती का इतराफ करता है
04:45आपको याद है
04:47शेख साब का एक्सिडेंट हो गया था
04:49तो चार दिन अपनी पले
04:51पकर ने खर्चा किया था और फुल दिया
04:53वो अलग से तीनी वाकिया तो ऐसे और भी बहुत सारे हैं
04:56इसलिए तो मैं आप से कहता हूं के फकर फार में सपोर्ट करना चाहिए
04:59देखिए अगर जीद गया ना तो अमारा ही फायदा है
05:01तो मारा ही फायदा है
05:02बिल्कुल ठीक
05:03यह तो गार रहा है उसका
05:04तो तो आओ अगर आपको ठागे ले दियाएंगा
05:05यह थी कह रहा है
05:06यह थी कह रहा है
05:12वो लड़का काफी नुकसान पहुंचा रहा है तुम्हे
05:19कौन लड़का
05:24देवदास
05:26पहले भरे बाजार में तुमसे उलच पड़ा
05:30उसके बाद कैमरा उठाए तस्फीरें कहिंचने के लिए हवीलिया पहुंचा
05:37अब बिल्क्शन में तुम्हारे खिलाफ कड़ा हो रहा है
05:43आप परेशान मत हो
05:45मैं संभालूगा उसके
05:47गली महले में रहने वाले उसके साथ होंगे
05:55हवा चल पड़ी है उसकी में
05:59सीट मैं ही जीदूँगा और गुल्बानो को देखने की सजाओं से जरूर मिलेगी
06:03क्योंके गुल्बानो सिर्थ मेरी है
06:07गुल्बानो की फिकर छोड़ो सीट की फिकर करो
06:10पिशली दफा आई थी तो फुल्सूम से पूछ रही थी
06:17कि अबदुल्लापूर का देवदास कौन है
06:20इस देवदास की तुम है
06:31तेर होने की खुशी
06:34और नहोने का हम
06:37एक हो जाते हैं
06:41जब भरू तेरा दम
06:47सात में तेरी खुख
06:50आँखों में तेरा नम
06:54खुश भी है मर्भोश
06:57आहवा तेरी कसम
07:00ये सितारे तुमारी आँखों के
07:12ये चांद तुमारी जबीं पर
07:16लगता है उत्रे हो तुम
07:20किसी आसमा से हमारी जमीं पर
07:24परेशा है गुल
07:27कुल बदन भी खाक हुए
07:28ऐसे लिखो कि गुल बानों के लिए लिख रहे हैं
07:35शहर में मर्ज मजनू पहला सब के रबाँ चाक हुए
07:40सुना है आँखे भी मिली हैं धोकों
07:44बेजबात है जितने सब पे पाक हुए
07:48वल्दा परष्टे शो की तुम्हारी तो मगर ठेहर जाओ यहीं कहीं
08:18यह सितारे तुम्हारी आँखों के यह चांद तुम्हारी जवीं पे लगता है उत्रे हो तुम्हारी जमी पे
08:33परिशा है गुल गुल बदन भी खाक हुए
08:43वह
08:44वह वह बहात प्रादए
08:48के भादए
09:14आप कहा जा रहे हैं इतना तयार हो के फखर जी
09:25अब मैं फखरी बल्ले बाजनी
09:27फखर वजीर बन गया हूँ
09:30अब टिप टॉप बन के तो
09:32रहना ही पड़ेगा ना जमीला जी
09:34इतनी क्यूट ते सही रहा आती हैं आपकी इस्तिहारों में
09:38दिल जलता है मेरा
09:39पूरे अबदुलापूर की लड़किया इश्तिहार सजाए फिरती हैं
09:42ये दो अची बात है ना जादा वोट मिलेंगे मुझे
09:44एक काम करो अपने घर के भारना एक बड़ा सा पैनफलेक्स लगवाओ
09:49बता चले फखर वजीर का गर है
09:51पैनफलेक्स की बगएर भी वो गर आपका ही है
09:55अरे जो बताने आई थी वो तो भूली गई
09:57अबबा तुमारे इस पैसले पर बहुत खोश है
10:00कह रहे थे जिस दिन तुमारा जलसा होगा
10:02उस दिन अपनी दुकान से सब को फ्री कैवा पिलाएंगे
10:04तुम तुमेग काम करो तुम अपने दुस्तों एक घड़ जाओ उनको कहो
10:13मेरी तस्वीर नी इंतिखाबी निशान देखें
10:16पैरेट पेपर पर तस्वीर नी इंतिखाबी निशान देखा जाता है
10:20हम्
10:21और भाइ आज पर वो इगाड़ी-चॉप में खराब करी है
10:25मैं आता हम पाख़ जी बात तो सुने
10:55सुनो ये अबदुल्लापुर्ट का देवदास कौन है आप भी उसी का पूछ रही है पिछली बार बीबी आई थी तो उसी के बारे में पूछ रही थी हम और तुमने जाके सीधा खाला जहारा को सब बता दिया था
11:20बेगम साइबा को हर बात बताना मेरा फार्ज है इस हवेली के निजबत से हमारे घर का चूला जलता है और इस हवेली की आने वाली बेगम साइबा ये हैं तुम्हारी बीबी जी इनकी बात मानो की तो जादा फाइदे में रहोगी
11:36क्या पूछना है पूछे ठीक है देवदास को जानती हो
11:52हाँ जानती हूँ
11:55ठीक है ये पकड़ो ये तुम्हे तुम्हे तेवदास को जाके देना है अगर ये बात किसी को पतानी चलनी चाहिए हाँ
12:12ये लो
12:15कुल्सूम
12:17कुल्सूम
12:19कहां ती मैं कबसे आवाजें देरी हूं तुम्हें जा के किचिनमस का हाथ बटाओ नीचे
12:24जाओ बटाओ नीचे
12:25जी बेगम सहबा
12:30असलाम अलेकम खाला कैसी हाँ?
12:32वालेकम असलाम
12:36तुम्हे देखती हूं तो आपा की याद आती है
12:43किस कदर शकल मिलती है हुसेनारा से
12:50किसी भी चीज़ की जरूरत हो तो कुल्सूम को आवाज देना
12:54जी
12:57थेंक यू
12:58ठाज़ देना
12:59पहुष्ट
13:05अधुष्ट
13:06व्माइ गॉड़
13:08अधुड़
13:09तो अधुड़
13:10देखाए तो उसकी शगल को
13:11वेखानी तो उसकी शगन को
13:13अजय को
13:19बेबी जी
13:20हम
13:23आपको पता है?
13:25बुल्बानो बीपी कहा है?
13:27तुम बताओगी नहीं तुम बता कैसे चलेगा?
13:29आप पूछेंगे तो मैं बताओँगी ना?
13:41यहलो
13:45बताओगी
13:47रात मेरे मिया ना घर नहीं आए
13:51फोन पे बता थी कि आया तो देर उजाएगी
13:54सुब होते ही ना बुल्बानो बीपी को लेकर हवेली के लिए निकल लाए
14:02अशे तुम जाओ मेरे तुरा कोफी लेगा
14:04अभी लाई
14:11उसकी खाला का घर है जब चाहे यहाँ सकती है
14:18आपको एतराज नहीं होना चाहिए
14:20मैं भी उसके बाप की जगा हूँ
14:23कहां जाती है और क्यों जाती है
14:25मुझे बताना उसका पर्ज़ है
14:28आप अगर उसके बाप की जगा होते
14:30अगल जगा होते, गुल्बानों आपको अपना बाप समझती, तो आपको बता के नहीं, अजासत लेकर जाती है, हकीकत तो ये है कि वो आपको अपना चाचा भी नहीं मानती, तुम उसको मेरे खिलाब भढ़का कर अच्छा नहीं कर लियो जारा, वो मेरी मरहूम बहन की बेट
15:00से बता देती, उसके माबाप की मौत जिस कार एकसिडेंट में हुई, वो किस ने करवाया था?
15:30कर दो आप लो
16:00कर दो पर जूज़ाँ है।
16:18तो दीदे भार पार के किसे लिख़ी है?
16:21खरी को
16:22क्यो? बाई लगता है तरा खरी?
16:25बाई नहीं लगता.
16:27इसलिए लेक्री नहीं को
16:30हाँ हाँ है इसे क्या हुआ इसे क्या हुआ
16:49अपे यार यार यह फुल्ट टॉफ नहीं बॉल होती है यार जागा हम यार पैरो में डालना यार उसके
17:00एक बड़े बड़े इस पखर को दे देना गुल्बानों ने दिया है अच्छा जाओ
17:15फखरी बईया अमा वीली स्याई इस गुल्बानों ने ख़त बेजा आपके लिए
17:25गुल्बानों ने ख़त बेज आपके लिए
17:27सुना है अब्दुल्लापूर में तितलियां भी नकाफ पहन कर निकलती हैं
17:43भफरें बड़े ही आशिक मिजाज हैं कब खुस्ताखी कर बैठें कोई अतबार नहीं
17:48जैसे उस रात किसी हवारा मिजाज ने नाम पूछने पर बजिस्तगी से कहटाला था
17:53अब्दुल्लापूर का देवदास लगता है अज तक किसी का अंजाम देवदासा नहीं हुआ
17:59खेर शब गहरी होते ही हवेली के पिछले दर्वाजे से आकर अपना च्छाता ले जाएगा
18:05भुली हुवी चीजे हम नहीं रखते हैं गुल्बानू
18:19रेक तू कुछ भी कर ले तुज़ी दूना मैं खालास को सब्जास को देगा नहीं
18:23क्या है तुझे हाग
18:25क्या कर रहे हो तुझे नहीं नहीं
18:27मैं जिस्ट आपी
18:28यार भाई नहीं मेरा
18:31एक सकंद एक सकंद एक सकंद आपस थाओ
18:34तुझे यार
18:35इतने बडे को गे लेकिन ये लोग निसोत अदने वाओ
18:40चल भाई निकाल दे पड़की देरों पचे
18:44भाई अपनी येगा पे लेकिन
18:46वाबबद पर पॉम्रमाईजने भाई
18:50तुझे नहीं एर
18:52कि यहारा?
19:05देदे यहार?
19:08देदे यहार?
19:12कि यह उसने ख़त लेगा के खाला कुई नह देदिया हो?
19:15कि तना दाका हम और वह वेगे?
19:17पचास में जो गए बी तक नहीं है.
19:20अगर रातिंग तुम्हें फिकार करने की जूरूत नहीं है
19:22अगर खाला के हाथ लग गया होता ना तो अब तक तुम्हारी शामत आ चुकी होती है
19:25खत बेदार के हाथ भी तो लग सकता है ना
19:28अगर यह खत बेदार के हाथ लगता तो इस खिड़की से तुम्हें अबदुल्लापुर की जामा मस्जिद से तेवदास के ऐलाने मर्की आवाज आरी होती इस वक्ति यह हो
19:39खत दिया के नहीं दिया
19:40आइस्ता बोले अगर किसी ने सुन लिया तो मैं बढ़ जाओंगी
19:43खत दिया के नहीं दिया दे दिया है अब आप एक काम करें नीचे जाएं बेदार साहब और बेगम साहबा के साथ जाकर कुछ वक्त गुजारें वरना उनको शक हो जाएगा
19:52जाएगा
20:02यह पैसे अपने पास रखना
20:04रात को देवतास हवेली आएगा उसे अंदर लाना तुम्हारा काम है
20:08आप विकर मत करें जैसे वो आएंगे मा को इतला कर दोंगी
20:17यह जाएगी ना
20:18यह जाएगी ना
20:19डूरी बारी बारी
20:22लुटर दो लुटरा
20:24वाथ आटेसिया सब विद्ध जाना
20:26इसाय। आएगा
20:28रुटरावी यह ना
20:30यह ज़े खाएगा
20:31पुटरावी
20:34द्ञाड
20:37द्ञाड
20:38द्ञाड
20:39द्ञाड
20:40द्ञाड
20:42बढ़े अबसाप तो गरपे नही है
20:44अगगे वह?
20:45वो बेगम साहिबा को लेकर गे आज उनका जनम दिन है ना अच्छा ठीक जाओ
21:06पिक अप्ट फोन
21:15वो पिक अप्टो मुड्टो अ अप्कल गव अप्कलब
21:23अप्कलप
21:25मिया मारा हुआ हुआ इसाओ अप्कलप
21:29क्योंपकोनई
21:31क्योंपकोनई
21:34अप्टो
21:36अज़
21:41हुआ हुआ हुआ हुआ
22:12वहाच को के अवैली अवैली?
22:16बहुत अट्छी
22:18तंदे ने वरी गाड़ के अवैली तुड्टी
22:21अटी सारी बिल्ट्रेश बीक्ट्रेश्ट छेछली है और में अउना अटाओ आइ छारी में अगागा घराद को पहेज़ आदे तू
22:31स्वीट
22:32आपकी दोस्त हमेशा से कम बोलती है या हमारे साथ ही ऐसा सुलूप बढ़ता जा रहा है अच्छी बात आप से नपे तुले अंदाज में बात करती है वर्ना शेरोज के साथ जो इसने किया था ना
22:52एक तो शेरोज क्या Jour datasets इसे रोज आता है गुलाण तो से पर वर्ले यह पुछे नहीं आता है
23:01कभी उनिवर्सटी कभी अपार्टमेंट आपक थे लोगा अपक परना है अच्छी आप चाहिंगा पशीर नामकी देखते है नामचर एक चैना
23:22एकोर्स दानाम क्या जर्वति शहरोज का नाम डेनें की?
23:31अब यह नहीं बतातें कि अब बदुल्लापूरम डेवदास के लिया हैं.
23:35वी, तर बैसे भी उशाम्म्हे आने बाला है.
23:39और और भी ज़ो.
23:52झाल
24:22क्यों करते हो ऐसा है समझाया भी था उसने अपने का था आपने का था कि बद्टमीजी नहीं करो गुसा मत दिखाओ बल्के उसे अपने होने का इसास दिलाओ खाक इसास दिलाओ मैं डैड वो फिर आवेली चली गई है
24:52अगर तुमें गुलबानों नो नुझाए तो तुम कहीं सारी हर्कदे छोड़ दो गया था क्यो भ people मिझे ए किया वाक़ वो मिझे मिल सकती है
25:06क्झा मान पाई कैसे मिल सकती है वैदार से तो इसा कि रही ऋने वाली है
25:17कि अच्छादी होने वाली है, भी तो नहीं, और नहीं होगी.
25:29Let me set this right for you, hmm? Trust me.
25:35Give me a hug, Shabash.
25:47तो जानता है वेली के बार कितना पहरा लगा होगा?
25:51जानता हूँ.
25:53जानता हूँ. जानता हूँ. तो पागल हो गया, मौत के मुह में जा रहा है.
25:57भे, खत मिला है मुझे.
25:59शब करी में दर्वाजे के पीछे से बलाया मुझे.
26:03जानता है मुझे.
26:06और मुझे बैखने वालों के महभबत की सफ़ में जानी ही मुथती.
26:09सफ़े, पहली महभबत रात के आखरी पहर में दी एंड कर दी जाती है.
26:14तो बिदार बक्त ना यह ना छोड़ा का तुझे है.
26:18तु भूल जा.
26:19तु बहुल जाएगा.
26:21मिल के दिखाँगा तुझे.
26:23एव जफ़ा मुझे स्की आखरी माभबत दिख गई ना.
26:26एव दफ़ा की कसम जान देलू ना बिदार बाक्त की.
26:31तु पागल बागल तो नहीं हो गया है?
26:32तो तु पागल बागल तो नहीं हो गया है?
26:33सोच टी आएग मैंने याट.
26:35वे!
26:36मैं भी जलता हूं तरे साथ.
26:38नहीं नहीं.
26:39तु खागला के साथ गर रहे.
26:41इसी एक कर रहना लाजनी उनके साथ.
26:45चाल.
26:50वावी.
26:56क्या हुआ?
27:01खाला सोच चुकी है.
27:03अबेदार के मदुलापूर से बाहर गया है.
27:06तू चार दिल में वापसायागा.
27:07उल्सून बता रही ते.
27:09तु मतलब मिलने का मुगा अच्छा है?
27:11वाप तक आया क्यो नहीं?
27:13तुम ने इस हुएली के सेक्योरटी देखी है?
27:15सेक्योरिटी देखिए लगा होगा किसी दिवार के साथ तरा मासून नहीं है वो उस दिमी थावेली में गुसाया था था नहीं हम मिलने का मौका तो मिल जाएगा हमें लेकिन ये बताओ जब तुम मिलोगी तो पूछोगी क्या मैंने क्या बात कहनी है चत्री वापिस करूंग
27:45क्या मैंने क्या है इतना बड़ा खत्रा मोल लिया है तुमने उसके लिए उसको बिठा के पूछो कि जब ही तुम्हारी रिंग उत्रेगी तो तुम सिषादी करेगा
28:15मैं गल्विच माला पाईये
28:18मेरी आशिक अखियान उड़ादी तो दर्वादे पर जाओ चलो
28:45कासा एं इश्ड लेके यार की खोज में निकले
29:05दो नेन दिवाने ये किस मोज में है निकले यार तो कल्म में धड़के
29:15रूह में बैठा उतरके मैं सांस भिलू कैसे दुनिया से डर डर के
29:25ओ साहिब ओ साहिब तेरी बांदी हूँ मैं तू बोले दिल साहिब जान भी दे दू मैं
29:38ओ साहिब ओ साहिब तेरे वारी वारी मैं ओ साहिब तू जीता कित सारी हारी मैं
29:51कभी ऐसा भी हो, रूबरू तुम बेठो, हमारी आखों से, जड़ा खुद को देखो, कभी ऐसा भी हो
30:07यहीं रुको, मैं उपर जा कर कहकर आती हूं, अगर कोई आजाए, तो सीडियो से उपर आजाना, दाएं तरफ का पहला कमरा गुलबानो का है, समझे?
30:21दोत्तव को अखरश तो सीडिम बेईना, भी हो अबसिए, चुछों से, तो सीडियो से, भी हो गोलना से, ये हो ये हो, इा दुम के दो, तो सीजियो से, जझे हो मैं lessना, गयाँ तो सीचे से, ये हो, दो, आ रहोड़ा П 5000います
30:51हुआ है ।
31:21वाँ, मान गए तुमारी देवदासी को
31:46महबत और स्यासत में बहुत फर्क है
31:49महबत में इनसान अपनी जान पर खेल जाता है
31:57और स्यासत में दूसरे की जान पर और तुम ठहरे तेवदासी
32:20अंधर राख लुस हो
32:22झाल झाल
32:52कुल्बानों से मेरी शादी होने ही वाली थी
33:12अच्छी भली आश्की और रुस्वाई मिलती तुम्हें
33:19यह ख्याल शेंचाई नहीं आता तो तेवदासी जच्छी तुम्हारी शकर पर
33:29वो खत हमने ही विजवाया था
33:39ले जाओ यह खत
34:03और जाकर देदो अस देवदास को
34:09और सुनों
34:19बसुनों
34:21गुल्बानों को गतन पता नहीं लगना चाहिए कि मैं इस खाब के बारे में जानता हूं
34:27खत्म करतो अबदल्लापुर के आखरी देवदास को
34:47खत्म करतो अबदल्लापुर के आखरी देवदास को
34:53भी खत्म करतो अबदल्लापुर के आखरी देवदास को
34:59टाखरी अबदल्लापुर के अबदल्लापुर को
35:01जाखरी वेदास को
35:15तेतास
35:16ओ साहिब तेरे लाम की मैं गल्विच माला पाईए
35:26मेरी आशिक अखियानु डाड़ी तेरे हिजर ने आतिश लाईए
35:46जे पूर्खियान दे सामने नी जैना ये बीपा साथा दिल बुड़ गे
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