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"अब्दुल्लापुर में भेदभाव: एक सच्चाई या अफवाह?"
अब्दुल्लापुर एक विविधता से भरा इलाका है, जहाँ कई जाति, धर्म और वर्ग के लोग एक साथ रहते हैं। लेकिन क्या यहाँ सभी को समान अधिकार और अवसर मिलते हैं? क्या कुछ लोगों के साथ भेदभाव होता है?
इस वीडियो/लेख में हम जानेंगे कि क्या वाकई में अब्दुल्लापुर में सामाजिक या धार्मिक आधार पर कोई भेदभाव हो रहा है या यह सिर्फ अफवाहों का हिस्सा है।

👉 जानिए सच्चाई, सुनिए लोगों की आवाज़, और समझिए कि कैसे हम एक न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ सकते हैं।
#AbdullahPurkadebdus

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Transcript
00:00कासा एल इश्ग लेके यार की खोज में निकले
00:25दो नेन दिवाने ये किस मोज में हैं निकले
00:31यार तो कर्ब में धड़के रूह में बैठा उतरके
00:38मैं सांस भी लूँ कैसे दुनिया से डर डर के
00:44वे इश्गा वे इश्गा तेरे दर्द निरा ले
00:51वे इश्गा वे इश्गा हीरा राचे खाले
00:57कभी ऐसा भी हो रूबरू तुम बैठो
01:04हमारी आँखों से जड़ा खुद को देखो
01:10कभी ऐसा भी हो रूबरू तुम बैठो
01:17हमारे दिल की लगी लगे तेरे दिल को
01:23में मुआखों से जड़ा श्वां वे इश्गा तेरे दिल को
01:43आप आप आप आप तेरी बांदी हूँ मैं तू बोले दिन साहिब जान भी दे दू मैं
02:01बड़ा शोग है अबदुलापॉल को पेवदास बनने का
02:07वो साहिब तू जीता जिन्द सारी हारी मैं
02:14पेट दो साले को ठागे बार
02:37क्या जरूरती सारे शहर के सामने गुंडागर्दी करने की
02:58क्या सोचती होगी गुलबानू
03:02अगसफोर्ट की डिग्री लेकर आया वे बेदार में और गुवणंट कोलेज से निकले वे शहरोज में कोई फर्क नहीं
03:09उस रात वो दो टके का फखरी हवेली तक उसे छोडने आया और आज तस्वीरें बनाने
03:14अगर आपकी बीवी पर कोई नजर डाले तो आग बराबर लगती है
03:22कुल्बानों को अपनी बीवी माननते हो, तो एक बात जहन में रखो
03:26किसी को अपनी बीवी के सामने इस वात मारा करो, कि वो हो से इश्क करता है
03:31औरत को पता चल जाए को इश्क करता है
03:35दिल में जगा हो या ना हो देखती जरूर है
03:39अब आप क्या चाहती है मुझसे
03:44गुल्बानों को फौरण अबदॉल्लापूर से रुखसत करो
03:47उसके बाद इस देवदास को भी देख लेंगे
04:05खचर बख़ू पक Capital
04:10वुखर अलिक्पा
04:11वालि कॉम सलाम फखर
04:13क्या हुआ ईटका यहायगी only
04:19इस अ क्या है, चोटी सी चोटे यह
04:20अ बेटा मुझे बताओ तूसे हुआ क्यू जब व नुक barbecue
04:23कॉर्ण आओ चोटी यह थी त最近
04:27कि इस अन्या सब को चुपा लिए
04:30मां कहते हैं, सीने से लगके, सब कुछ मुझे बता देते हैं
04:35क्या हुआ बिठा, मुझे बताओ
04:37बताओ मुझे, ये चोटे कैसे लगी हैं तुम्हे
04:40क्या हुआ मेरी जान
04:43आप परिशान नियो मैं
04:51आप चले मैं बताता हूं, आईए
05:00आप आप चले मेरी आया था, और शक्काम इसले खाए कि वो मुझे देखना चाहता था
05:20मुझे आप से यह उमेद नहीं थी
05:27मुझे आप से यह उमेद नहीं थी
05:29यह कमरे में आने की?
05:33किसी को इस तरहां बेदर्दी से मारने की?
05:39आपको खुशी नहीं हुई?
05:43किस बात के खुशी?
05:47यही के मुझ से बर्दाश्ट नहीं होता कि कोई आपको देखे
05:51यूजिली तो नड़कियां प्राउट फील करती है ऐसी बातों पर लेकिन आप
05:57आपके शुमार उन नड़कियों में नहीं होता
05:59anyway
06:01आपकी गाड़ी तयार है
06:03समान पैक कीजिए आपको लाहूर जाना है
06:07इस वक्त?
06:08जी
06:09अमी जान को हुकुम है शाइद आपके चचा की कॉल आई थी
06:13मैं मुलाजमा को भेशता हूँ आपकी मदद करेंगी
06:27कुलबानों भी तक में उछी
06:29तक मैं उछी
06:31तो कब की वन भासरी जा चुकी
06:35तुम्या एंतजार वे एंठे बेट जो
06:37कि वो कब उठेगी और तुम उससे
06:39सफेभ हवेली के अहलात मालूम करोगे
06:41जो अनों भी तक निए उठी
06:45लो जा दो कब की अनिभसरी जा चुटी
06:48तुम इन इंतजार वे बैटे हो
06:49कि वो कब उठेगी और तुम उससे
06:51सफय भवेली के आलात मालूम करोगे
06:56और शारोस ?
06:58बेगाना सोया पड़ा पड़ा पने कमरे में
07:01वर अजब गुल्बानो आई थी तो लाउंज में बैठावा था
07:06और उसके बाद से अपने कमरे में बंद आ
07:09ज़रूर गुल्बानो ने फिर कोई तल्ख बात कर दी हो पिरस
07:16उसने तो उसे देखा भी नहीं?
07:19गुल्बानों उसके सामने आए और वो से देखे तक नहीं है ऐसे करसे हो सकते है लड़की जब रतीब के नाम की अंगूठी पहन कर आए तो महबब करने वाले लड़की को नहीं उसकी अंगूठी को देखते है नहीं किया शहरोज है
07:39तब तक हमें लेक्शन जीत के हल्फ उठा चुके होंगे फिर दूम दाम से तुम अपने साथ हमेरी ले आओगा और जहां रहा खाला एसे अफ यार मत बुछो मेरा तो तो तौम कुट्रादा किसम से अ और वो शहज़ादा था मिला था जा जाए जाए जा तो मिला तो अम्य�
08:09कैसा था तुम्हार उस पिग्रेवे घृजन जैसा है या तुम्हार इंपॉर्टर मंगीता जैसा था जाए ता कुछ समझ मिल्या है वागार ये जरू जानते हूं कि उसने मेरे लिए मार भात कही है मार कही है उसने क्यों अबेरी में फूटोगरफर की रूप में गुसाया
08:39पर्ली बार जब मेली ना, लाइट सफ थी, बारिश हो रही थी, सही से उसकी शाकल नजर नहीं आए नजी नहीं जब बिट रहा था तब तो देखा होगा ना?
08:52करीब से देख रही थी, कि बाधर ने मेरी कलाई पकड़ी मुझे स्टेश पे लेगा, इम जनुठी पैना थी, वद्लाब हो तुमसे नहीं मिल पाया तुमसे भी नहीं मिल पाया?
09:02अ, तास्यो क्यों साद।
09:04सिंकार निकल यहां से बाहर निकल यहां सामने तुझे दो लड़ का नजराएंगी।
09:26दो एक बैठी पाड़ी उस प्रोकस नहीं करना आँ भाई।
09:32दूसरी तुझे नजराएगी मूदली कि तुना टेल के रटेल गागागी है, उस पे फोकस करना है, जा मेर भाई, हाँ, उसका नाम और देपार्टम्ट, दोनों पतार देलागा, नाम देपार्टम्ट, शावज है, मैं यू गया और यू आया, यू आया, जाजा, ठीके नज
10:02जाई उस पे करा है, फोकस कर, और जिसको फोकस करना चाहिए, उसको करे इगनोर कर, इतनी देड लगादी, जानती हो मुलाकात का वक्त है, आपने खुदी तो कहा था, कि उस देवदास के बारे में सब कुछ मालूम करके है ना, क्या पता चला तुम्हें? माबाब नहीं है
10:32किर्कित बहुत अची है, अच्छा बस, बिलावजे की तफसील में माँ चाओ, आगे ये समझ मुझे, कंगला है, कौन कहता है कि तुम कंगले हो, तुम तो शेहजादे हो मेरे, और शेहजादे कंगले नहीं होते हैं, कहा तो किसी नहीं है लेकन कुलबानों के हैसित के ला�
11:02अपनी हैसित देखता हूं तो डर लगता है कि वानु फाप में देखने से तो अब क्या करोगे अब अब ये है कि बस बेदारबत के खिलाफ एलेक्शन लड़ूंगा तो तुम मार खाकर आयो उसका असर वा तुमारे तिमाग पर किसी अच्छे से डॉक्टरों को जाकर अ�
11:32मुझे अपने कत्मों पर गिराया था खड़ दो है मुझे तुम नोकरी कर लो क्यों चोटा मोटा कारूबार कर लो एलेक्शन लड़कर यू सब कुछ मद दूबो अबदुलापूर में बदारबक से जीतना नामुंकिन है अपनी दुकाने घर अपनी दुकाने घर अपना �
12:02अब देखी जाएगी हार जीत उस से मुकाबला गरके बद उसको यह दिखाना है कि मैं अतना हलकानी चुछ इतना मुझे समाजता है यह भी त़यार होगया अपना अपना अपना कम्रे की बच्छा के और दर्वाजा बंद करके रखना मैं आऊंगी तो
12:32मखसूस तरीके से दर्वाजे पे तस्तिक दूंगी फ़रान खोल लेना समझ की जी बेगम सहबादा अपना हाई लड़की किन सोचा में गुमाओ
13:02अपना आए लावत कर बस चलता ना तो मेरी सोच पर भी दो चार पहरेदार बिठा देते हो तुम बेदार के बारे में सोच रही हो
13:22जब लड़की किसी के नाम के अंगुटी पहन लेना तो उस पहनाने वाले के बारे में सोचने का हख मिल जाता है उसे और अगर अंगुटी उतर जाए तो
13:38तो किसी चचा जात नीम पागल कजन के साथ चादी होने का खत्रा रहता है
13:49मगा मैं किसी और के बारे में सोच रही हूँ किस के बारे में तेवतास के बारे में अच्छा तो बताओ क्या सोच रही थी
14:08सब्तों ऑना रहतावाः ि मैं अख़सा देखा थाथा डैलती है कि और भ�ag झाला जो कि अगए बेजा कि तुम्हे तुम्हारे चक्छा बला रहे हैं
14:20मud
14:28पर खत्रे में होगी ना उसकी तुमसें कर बइठाऑ थाए थी
14:32अगर उसकी महबब सच्छी हुई तो जान से खेल कर भी वह तुमारे पास पहुंच जाएगा जाहे वो अखरी साँ से क्यो ना ले रहा हूं।
14:42मैं मेदार की मंगेतर हूं।
14:45किसली आएगा वो मेरी ली हाँ?
14:48कि महबब से वफा करने वालों के साथ महबब भी वफा करती है।
14:52और यह तो सिर्फ एक अंगेजमेंट है।
14:53यह तो निका तक टूट जाते हैं।
15:08और यह आप?
15:10परकर जी आप?
15:11वो मैं जाहा था
15:13है मैं मर गगई?
15:14यह चोट किसने लगाई आपको?
15:16नाम बताएं, जमीला कून पीजाएगी उसका?
15:18यह चोट नहीं है, वो मेरा अक्षिनेंट हो गया था
15:21बस टीको मागरा
15:23कस्मे?
15:27कस्मे
15:29आने दो रहान कभूतर को
15:31परकाट तूंगी उसके
15:33वैसे तो मिनेट मिनेट की खबर देता है मुझे
15:35अब आपको चोट लग गए उसे मुझे पताया है नहीं
15:37चाचा के तरें दुकान पर नजर नहीं आरे?
15:39हाँ, तुकान. मैं जारू मिनने
15:42अफर जी
15:49कहां जारे?
15:56कहीं भी?
15:58किसी ऐसी जगा जांकुलपान हो ना
16:02इसर आओ, बैठो
16:11बलके हर उस जगा जाओ
16:13जहां गुलबानों हो
16:16बत्तमीजी मत करो
16:18उस्सा मत दिखाओ
16:20उसको अपने होने का एहसास दिलाओ
16:24तुमारे प्यार से चिड़ती है ना
16:26फोगेट डैट क्राप
16:28छोड़ दो महबत
16:30बस उसका ख्याल रखो
16:33तो आपको क्या लगता है ये
16:35ये सब करने से बेदार बख्त के अंगूठी उतार के फैंक दे की वो
16:43अंगूठी का मामला तुम मुझ पर छोड़ दो
16:46बस तुम उसको अपने होने का एहसास दिलाओ
16:51ताके मुश्किल वक्त में वो तुम्हारा इंतिखाब करे
16:54अपने का मुश्किल आपकरे
16:56युजर उमान
17:15अब ये सब क्या है
17:18अब ये सब क्या है
17:24वो एम शॉरी कहना है ताया उस रोस भीच रास्ते में सबके सामने तुमें सब्रदस्ती काड़ी सुतारा सब्रदस्ती इंगुटी पहना ही मुझे अच्छा नहीं लगा वाकी बहुत गलत बात थी तो बस अपनी गलती का एसास हो गया मुझे
17:49इसका मतलब है कि तुमने मान लिया है कि मैं अब किसी और की हूँ
17:58महपत में सबरदस्ती नहीं कुल पाना हूँ दिल चीते जाते है बस यही मान लिया मैंने
18:19अब इसे क्या देख रहे हुँ तुम देख रहे हुँ कि जब कोई इस तरह बदल जाये ना तस बात का कैसे अंदाजा लगाया जाए
18:32कि वो वाक़ी बदल गया है या ढूंग रहे जा रहे है
18:38ये फैसला जाना कुल बाना ये जब दो जो जो छोड़ दो खुट दो खुट बहुट यकीन आजा जा तुमाना है
18:49और ये वह बदे वह उस दिन के लिया इस दिन के लिए प्रश्री दोग दो दो दो जाए
18:57सिर्व
19:00सिर्व
19:15दम इज प्रूट
19:18सुर्ड़
19:21चुर्य
19:23यू था है
19:24जी डैड, हाँ कर आया हूं सौरी में गुल्मानों को, पता नी डैड, मुझे नी लगता कि इस बार वो मुझे माफ करी, माफ कर दिया तमने उसे, अगर कोई साड़क पे रोक ले ना, तब बदस्ती हाथ पकर ले, पूल दे जाने पे उसे माफ यानी मिला करती, क्या पता वो
19:54तो बदला वा नहीं, संझाया वा लग रहा था, अगर समझ भी जाए तो काफी है तुमारे लिए, शायद तुम ठीक कहारी हो, हूँ, मॉम की कॉल आरी है, तुम खाना बना दो अज प्लीज, थेंक यू, तुमारे अर्या अमेरिका से बैट के पता नहीं कैसे पता चल ज़
20:24तुमारे मॉम, हार यू?
20:54अब यूहीं दुलन बनी खड़ी रोगी और उतारोगी सब कुछ? जी पेकम सहब, अभी आते हैं
21:24मॉम कम सहब, इसि मॉम सहब आरे हैं
21:44में आरे सिर्थ मॉम कर्देख, इसिताव हमेरिकान बना, इसिताव हमेरिकान आरляется हैं
21:52आप सम्टाए इसना अगर इसे खत्म कर दिया होता तो आज ये आपके मुकाबले पे खड़ाना होता
22:15मारेंगे
22:22इसमार ऐसी जगा मारेंगे हमारे मुकाबले में तो क्या कबर से निकलना भी मुश्किल हो जाएगा इसके लिए
22:46वह मैं सोच रही कि क्यों ना हम अबदुल्ला पर चलेंगे क्यों अबदुल्ला पर चलेंगे
22:50क्यों?
22:52मैंने सोचा के तुम्हें भी दो तीन दिन का ब्रेक मिल जागा शहरोस से और इसी बहाने मैं बेदार से भी मिलोंगे
22:58अच्छा
23:00अच्छा
23:01अच्छा
23:02अच्छा
23:03तुम्हें पर चाहीं अच्छा
23:04और तुम कहारी में अबदुल्ला पूर जाके बेठ चागा
23:06ताकि बेदारबक्त अपने आप काईने में और तेखिए
23:09और तेखिए
23:10कि वह बेदारबक्त
23:11तुम्हारे पीछे तु लड़की माल मिटी
23:12तुम्हाल मिटी
23:19काईशी
23:29हेलो
23:31हेलो
23:32हाँ
23:35वैसे तुम्हारी शायरी कुछ खास नहीं है
23:38मगर तुम्हारी चॉइस बात अच्छी है
23:40यह लड़की अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने
24:10प्रिफेसर कुदी और टीम इंचार्ज हूं मैं
24:16तो मैं तुम्हें मुका दे सकती हूं
24:18अपने दिल की बात तजबी मैं पिरोग कर उस तक पयान करते हूं
24:22हो सकता है कोई एक मिसा सीधा उसके दिल पर जालागी
24:26इसके लिए तो अब दुल्लापुर जाना पड़ेगा
24:40रहें तो मुझे भी सुनना थो कहता क्या हूं
24:42अहां
24:44एक में ऐखन आप व्या प्रश दुन है तुम्हारी भी बात करा दो इसलों
24:46एक हूं
24:47एक चलो
24:54वाकन दील
24:55क्या आइडिया दिया दूने
24:57तन्ठी भाष्ट
25:01है यह आपके जिद है यह आपके दिल की
25:05ना मेरी जिद है ना मेरे दिल की बस खौाहिश है कि आप अब दूला बोरा है
25:16और अगर इंकार कर तूँ?
25:19अब है आपका दिल माने तो आएगा
25:28दिल ना माना फिर?
25:31फिर बैट के दिल को मनाएगा
25:36बैट कर मनाने पर भी ना माना तो
25:43फिर खुद मान जाएगा
25:45आप मान जाएगी तो दिल भी मान जाएगा
25:49गुट नाइट
25:52उसने इंकार का हग देकर अबदुला पुराना फर्स कर दिया तुम पर
26:05तुमने गुलबानों को हवेली पुलाया है
26:11बता दिया उसने आपको
26:14हाँ उसने तो मुझे यह भी बताया के उसका दिल मनाने की गदान किया तुमने
26:22इतना सब शेयर किया आपसे
26:25उसकी मा के मजले के वाद उसकी सबसे पहली सहेली उसकी खाला है
26:30खेर यह बात अपने जल तक रखना
26:34अपना दिल उसके सामने ना रखते
26:38क्या वो आरही है
26:43सबा होते ही निकल पड़ेगी
26:47अब इतनों भी क्या सोचना उसने बुलाया तो चलते हैं न वहां
27:06और क्या पता अबदुल्लापुर में तुम्हे तुम्हारा देवदास भी मिल जाए
27:10मिल ही न जाय मुझे मेरा देवदास
27:13देवदास
27:19दिखे तु नजरों में ठहर जाता है
27:23या दिल में उतराता है
27:25दिल के लावा कहां रहता यह नहीं जानती
27:29कौन सी गली है कान नंबर क्या है
27:33अच्छ नहीं पता है
27:35तुम इसकी फिकर ना करो
27:37तुम्हे देखने के लिए
27:39हवेली आकर अच्छी खासी मार खाई थी उसने
27:41मतलब हवेली की हर खबर से बाख़बर है वो
27:43तुम एक बार इतला तो दो
27:45देखना खुदा पहुँचेगा
27:47और अगर खबर पाकर भी नहीं पाचा तो तो तुम बुला ले ना उसे
27:53हवेली में कितने मुलाजम हैं
27:56कोई न कोई तो जानता होगा ना उसे
28:17हो पागुतर कोई तो जा रहा है
28:25अभी के ढूंड़ा था मैं
28:26हाँ देन योगी तुझे जमीला की खबर
28:29जी नहीं गुल्बानो की
28:33क्या गुल्बानो की?
28:35पता नहीं क्या बाती भूल लें गए
28:37बता ना अच्छा बता रहा हूँ
28:39कल गुल्बानो लुहर से आरी है
28:45तुझे किसने बताया?
28:47अम्मा ने
28:48कहुआ थी कल देर से आँए जब भेली से लोटी
28:50मैंने पूछा क्यों
28:51तो कहने लगी कल गुल्बानो लुहर से लुहर से
28:57अच्छी खबर रहा है?
29:00बहुत अच्छी
29:09हमारे यंखो
29:11से जला खुद हो बेखो
29:15कभी ऐसा भी हो
29:18रूबरू तुंबे तो
29:21हमारे दिल लगी
29:25लगे तेरे दो
29:27अच्छी
29:29अच्छी
29:31अच्छी
29:33अच्छी
29:35अच्छी
29:37भी पैसा
29:39गु़ब हो
29:41जेतु अच्छी
29:43अच्छी
29:46सामने नहीं जैना
29:47तेवी बाशाघा
29:50दिल बुड़ की
29:52अच्छी
29:54कर दो कर दो
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