Skip to playerSkip to main content
Abdullahpur Ka Devdas _ Episode 2_ Bilal Abbas Khan_ Sarah Khan_ Raza Talish(1080P_HD).mp4
"अब्दुल्लापुर में भेदभाव: एक सच्चाई या अफवाह?"
अब्दुल्लापुर एक विविधता से भरा इलाका है, जहाँ कई जाति, धर्म और वर्ग के लोग एक साथ रहते हैं। लेकिन क्या यहाँ सभी को समान अधिकार और अवसर मिलते हैं? क्या कुछ लोगों के साथ भेदभाव होता है?
इस वीडियो/लेख में हम जानेंगे कि क्या वाकई में अब्दुल्लापुर में सामाजिक या धार्मिक आधार पर कोई भेदभाव हो रहा है या यह सिर्फ अफवाहों का हिस्सा है।

👉 जानिए सच्चाई, सुनिए लोगों की आवाज़, और समझिए कि कैसे हम एक न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ सकते हैं।#अब्दुल्लापुर #भेदभाव #सचकीजांच #समाजकीसच्चाई #असलीसवाल #Discrimination #AbdullapurTruth #IndiaSocialIssues #AbdullapurNews #EqualityForAll #जातीयभेदभाव #धार्मिकभेदभाव #समानअधिकार #SocialJustice #HindiNewsabdullapur discrimination, अब्दुल्लापुर भेदभाव, abdullapur news hindi, social inequality in abdullapur, जातीय भेदभाव अब्दुल्लापुर, religious discrimination, abdullapur truth, हिन्दू मुस्लिम भेदभाव, abdullapur caste issue, hindi news today abdullapur

Category

😹
Fun
Transcript
00:00कासा एल इश्ग लेके यार की खोज में निकले
00:25दो नेन दिवाने ये किस मोज में है निकले
00:31यार तो कर्म में धड़के रूह में बैठा उतरके
00:38मैं सांस भिलू कैसे दुनिया से डर डर के
00:44वेश का वेश का तेरे दर्द निरा ले
00:51वेश का वेश का हीरा राचे खाले
00:57कभी ऐसा भी हो रूबरू तुम बैठो
01:04हमारी आँखों से जड़ा खुद को देखो
01:10कभी ऐसा भी हो रूबरू तुम बैठो
01:17हमारे दिल की लगी लगे तेरे दिल को
01:23रूबरू बैठोश का
01:43क्या पता?
01:44अबदुल्ला के तुमें कोई ऐसा मिज़
01:46जो में तुमें सांय बिजरों से एजाद कर दें
01:53में धड़के, रूह में बैठा उतरके, मैं सांस भी लू कैसे, दुनिया से डर डर के
02:04ओ साहिब ओ साहिब तेरी बांदी हूँ मैं, तू बोले दिन साहिब जान भी दे दू मैं
02:17ओ साहिब ओ साहिब तू जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जीता जी
02:47इस नजाकत से तेरा समीटना कादल था
02:49एक तरफ भी कि हुए तुम
02:51एक तरफ गिरा हुआ जोपड़ा मेरा वक्त का
02:54इस मुफलिस को परकना कादल था
02:57यह गुटी अमारे खांदान में बरसों से है
03:03जिसे पहनाई जाती उस पर फर्ज है
03:06किस हवीली की बहु बने
03:08इसका मतलब यह जाए कि आप भी मुझे सलाबत चाचा की तरह अपने काबू में करना चाहती है
03:17मुझे में और सलाबत में जमीन आस्मान का फर्क है
03:20वो तुम्हें नहीं
03:23अपने मरहूम भाई की जायदाद को हासिल करना चाहता है
03:26जो तुम्हारे नाम पर है
03:31मुझे सिर्फ अपनी बहन की बेटी
03:37अपने बेटे के लिए हमसफर चाहिए
03:40तो फिर मुझे शेरोज या बेदार में से किसी एक को चुना होगा
03:44अगर को तीसरे के बारे में सोचना भी नहीं
03:47तुम्हारी अमी ने सिर्फ रिष्ता नहीं किया
03:49मुझे से वादा किया था
03:51कि तुम सिर्फ मेरी बहु बनाोगी
03:53अगर कोई तीसरे है तू बता दो
03:57तुमें हासिल करने के लिए
04:00इस हुएली की देवारों से टकराना पड़ेगा
04:03हासिल वो ही करेगा तुमें
04:07जिसे मरने का हुसला हो
04:10कोई दीसरा है नहीं
04:14होगा तो ज़रूर बता दूमी
04:17मैंने में सोफिया खान एड़ एड़ एड़ने के लिए इस कमरे में मुझूद है
04:36इसलिए ये बात अभी से जहन निशीन कर लें
04:40कि मेरी कलास में कोई भी अंग्रेजी नहीं बोलेगा
04:44सोफिया अगर आपको अर्दू बोलने में दिक्ट या शिर्मिंदगी महसूस होती है
04:50तो आप अंग्रेजी अदब का इंतखाब कर सकती है
04:53मजामीन की तबदीले के लिए परफेसर अजगरबुटा से मिल सकती है
04:58मेरा नाम कंदील है ग्रेजवेशन मेरा मेजर उर्दू था मैने टॉप किया है
05:11और इसके साथ साथ में अपने कॉलिज के महनामा की अडिटर भी रह चुकी है
05:15और अब मैं अर्दू अफसाना निगारी मैं अपना नाम बनाना चाहती है
05:18मेजर टाप और एडिटर इन तीन अलफादों के मतबादल हैं आपके पास
05:25अब बैठ जएए अब बैट जएएँ
05:28आप
05:32स्वाल ले कुम सर
05:36मेरा नाम काषिफ है और
05:41और मैं शायरी का शूग हर्खता हूँ
05:43मेरा नाम काशिफ है, मैं शारी का शोग रखता हूँ
05:47इससे आगे आपकी उर्दू है? तो कुछ शेर कहिए
05:51अर्स किया है
05:55इशाराँ शाराँ
05:57आँखों में थोड़ा पानी बचा रखो
06:02वाँ वाँ
06:04आँखों में थोड़ा पानी बचा रखो उसे फिर महबत होगी
06:09अर्स किया है आँखों में थोड़ा पानी बचा रखो उसे फिर महबत होगी
06:14कुछ बातें, कुछ कहानी बचा रखो उसे फिर महबत होगी
06:18अर्स किया है
06:23अब शारी पे इतना बुरा वक्त
06:26काशिफ तुम ने तो हमें इस खपती प्रूफैसर से बचाई ली
06:56लाकता है रात भर कुर्सी पहीं सोय रहे है
07:09क्यूंस हम ने इए खाला क्यूंद
07:15क्यों एंगा GitHub डिजा कवलगा है
07:18कि कव्या इंग कवा तो हम्ह� cutter हम्ह।
07:25कल रात अफनक पुर एक परी उतरी
07:30मुझे ऐखे एॉट रहा हो के नीन नी आई
07:32लेकिन अभी-तक कुम नीन मे ओ
07:35मैं है नी मैँ ने चाहता कि यहां पर परी नहीं उतरी
07:38सच बता रहा हूँ
07:41सच में परी थी
07:44पतानि किस को देखा है
07:46जिसके त्वी इवाने होगे
07:55अज़िए भी तेखना हमसे हूँ लिगें पीटा ग्टा जा रहा हूँ जा हूँ जा रहा हूँ आधको बाद मिको भीटा नाश्टा तो करते जाओ अचला ही होगिया अंगूठी कैसे लगी आपको अज़ी है पस अमी जान की ज़द है कि हम आपको वह अंगूठी पेनाए व
08:25तो कमल हो जाएगी?
08:28साल के आखिर तक.
08:30अच्छा है.
08:32अलेक्शन जीतने के बाद हम भी वजारत का हल्फ उठा लेंगे.
08:35फिर धूमदान से लाएंगे आपको इस हवेली में.
08:48यूं तो हवेली में चहल पहल रहती है.
08:51बेदार के दोस्त अक्सर डेरा जमाते हैं.
08:55अलाके के सियास्त दानू का भी आना जाना लगा रहते हैं.
08:58लेकिन...
09:01लेकिन यहां खर का इसास दिलाने वाली कोई चीज नहीं है.
09:08हो सकता है कि तुम आजाओ.
09:12तो कोई हो जो इसे खर कह सके.
09:15तुम्हारी डिग्री अब खतम हो रही है?
09:22एक साल बाद.
09:24सलावत किसी बात पे जोर जबरदस्ती तो नहीं करता है?
09:36अभी तक तुन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया.
09:39मगर अग्से चेक साइं कराने के लिए आ जाते हैं.
09:43लालच ने तो जनम ये उसके साथ लिया.
09:45खतम भी उसके साथ ही होगा.
09:49वकील साथ, इसके अलावा कोई हल बताएं.
09:54आपके मरूम भाई की जायदत दो ही सूर्तों में आपकी हो सकती है.
10:02या तो गुल्बानो व जायदत आपके नाम करते,
10:07या शेरोस का निका गुल्बानों से कर दिया जाए.
10:12इसके अलावा?
10:18नए.
10:20इसके अलावा और कोई हल नहीं है.
10:23वैसे मेरा आपको मश्वरा है कि जिस तरह भी मुम्किन हो,
10:27निकाह को यकीनी बनाएं.
10:29आप तो जानते हैं कि आपके मरूम भाई की वस्यत के मताबिक,
10:32एकिस के होते ही गुल्बानों पर सरपरस्ती का हक आप खो देंगे.
10:37और यह बात भी आप अच्छी जानते हैं कि एक महाँ बाद वो एकिस की हो जाएगी.
10:53कोई चीज जगा पर नहीं रखता.
10:55पतानी, कैसे जहलती हैं आप इसे?
10:58यह तो तो तेरा होसला है, बेटा.
11:00कि तो आके सब कुछ संभाल लेती हैं.
11:02वरन्ना मैं तो सवाल सवाल के सब ठक जाती हूँ.
11:20जादी क्यों नहीं करतेती हैं इसके?
11:22जादी के लिए वो तैयारी नहीं होता.
11:24माने तब ना?
11:26यह कोई चक्कर वक्रत नहीं चल रहा?
11:28मेरा मतलब यह है,
11:30कि यह जो लड़कियां होती है, यह बड़ी तेज होती है.
11:33कब डोरे डालने पता ही नहीं चलता है?
11:35नहीं.
11:37काशी फिर भी ताका जाकी कर लेता है.
11:41फखर ऐसा नहीं है.
11:43लेकिन कल रात को पता नहीं उसे क्या हो गया था?
11:47पूरी रात कुर्सी पे बैठा रहा.
11:50और सुबह सवेरे हो दे ही बगार नश्ता किये चला गया.
11:54कहने लगा किसी परी को देखने जा रहा हूं.
11:57मैं जा रहा हूं.
12:07मैं जा रही हूं खाला.
12:08कोई काम हो तो फोन कर लीजेगा.
12:10अच्छ.
12:13कैसी लगी गुल्बानू?
12:15पूर या परी?
12:18हम्...
12:22दोनों से बेता है.
12:26तुमारे जजबात का अंदाजा तो उसी वक्त मैंने लगा लिया था.
12:30जब सवालों का जवाब उसकी जगा खुद दे रहे थे.
12:34महबत करने से रोकनी रही हूं मैं.
12:37लेकिन ये बेताबी सही नहीं है.
12:41अपने आप पे काबू रखो.
12:43और उरत को अंदाजा हो जाए कि मर्द उस पे मर मिटता है.
12:46तो उसे मार भी सकती है.
12:48बाहर कुछ वर्कर्स मेरा पेट कर रहे हैं.
13:06क्या मैं जाओ?
13:09बीवी और महबूबा की महबत में फर्क समझोगे.
13:12तो सियासत भी समझा जाएगी.
13:16जाओ, शाम से पहले काम निटाब के आना.
13:39आगे हो लोग?
13:40जी वो तो कबसे है बैटे है?
13:42और वो देव दास.
13:45वो उस सियासत में कहां निकला?
13:59जानते हो किसको देखा है उसने?
14:02गुलबानों को.
14:08वो गुलबानों जिसको देखकर बेदार बख्त पी देवतासी पर उतराता है.
14:13और वो तो फिर ठहरा गली का वरा मसाच.
14:20वरा मसाच.
14:21वो आची अ...
14:22अची, है?
14:27यहाँ.
14:28अची आओ.
14:30जब जब इसे को दो कि अच्छ एप मते ही ते डिश।
14:38सुछ कबूतर सुछ। क्या सोचूँ।
14:43सुछ कबूतर सुछ। उस परी को कैसे देखा जा सकता है।
14:48तिमाग लगा बेटा।
14:50क्या कर रही है।
14:54क्या कर रह रहा है?
15:01सोच रहूं? एसी सोच थे तो आप भी तो ऐसी सोच रहे थे?
15:08आता अज अबडुलापुर में क्या रेखा तुने?
15:11सबसे पहले तो मैंने जमीला को आपके घर की तरफ जाते देखा ठीक है और बराबर वाले सिदीकी सावे ना उनको अपनी बेगम से पिटते वे देखा और हाँ राजू को स्कूल के सामने खड़ी टीचर को तारते वे देखा ठीक है बस बता रहा हूं वो अपने पकवान वा
15:41सफेद हवेली की तरफ जाते देखा है है हवेली है तो मतलब फंक्शन भी होगा इसी फंक्शन में आने के लिए आपकी परी अबदुल्लापूर आ गई है फंक्शन है तो वीडियो बनेगी तस्पीरे बनेगी और इसी लिए हमें अपने क्रिकेट टीम में कैप्टन अली क
16:11नहीं मैं चले जाओंगा आज के लिए तनी ख़बर आपी है चल मरजी है
16:19इस एलेक्शन में हमारी हमायत आपको हासिल तो होगी मगर खुल कर कहें क्या बात करना चाहते है हमी की जगह दिलवा दे
16:41क्यावा खाना आप ये जगह खाली करवा दें आपकी सारे बोड़ आप पर अपकर रहे हैं आपका काम हो जाएगा
17:1110,000 का घाटा खाकर उठाइए कमेटी चालिस हज़ारे क्या जरूरती देस हज़ार का नुक्सान करने की
17:39अपनी बारी पर कमेटी उठा लेती एक महीने की तो बात थी
17:43सकीना खाला बतारी थी रात भर सोया नहीं है वो नाष्ता भी नहीं किया उसने
17:49किसी परी के बारे में बात कर रहा था तनी किस चुडहल को देख लिया उसने उच्से या एक मिनिट नहीं गुजर रहा आप पूरे महीने की बात कर रहें एंगा
17:57कम लीना बन तुस्से ज्यादा सोनी पूरे अबदुल्लापूर में नहीं यह तो नजर की बात है नजर में कोई कोजी आ जाए ना तो वो ही सोनी लगने लगती है है ना
18:11अच्छा चल ना छोड मैं हूं ना फिकर की क्या बात है मैं कराओंगी तेरे रिष्टा सब हो जाएगा
18:32बेगम साहबा कह रही है यह जोड़ा एक पहन कर देख लें अच्छा सुनो जी बेबी जी
18:41किसी देवदास को जानते हूं कोई एक हो तो बता हूं हर छिछोरा लड़का बाजू पर बलेट से लिकवा कर फिरता है नहीं कोई ऐसा लड़का जो जीन्स पहनता हूं वो भी बहुत से हैं सिवल हस्पिताल के साथ ही एक सस्ता बजार लगता है सस्ते अदामों खरीद ले
19:11कि खुद को देवदास कहता हूं जब रात को घर जाती हूं तो गली मोहले में दोचार ऐसे मिले जाते हैं जो फोन पे लगे रहते हैं पारो पारो पारो कोई और निशानी बताएं ऐसे तो पता नी चलेगा कोई और निशानी आप ठीक से याद कर ले जब तक मैं बेक्रम स
19:41इसकी कमी नहीं होनी जाहिए जी बेटर फोटोग्राफर को ज़रूर बुलाना रस्तम की तस्वीर खेच के सलावत को तोफे के तोर पेजेंगे
19:50हो सकता है फिर वो गुलबानों को तंग करना छोड़ दें
20:11जाहि करना छोड़ देजेंगे ने जाहिए नाज रवास में रखा टाहिए लाज ने जाए आज अशाए अब एफिकर है पारीश जग गई यह दूप निख नगाए यह इंद ने इन्साम कर रहे है चलो आयर करो ना लाइट वाला कि इदर किया ही ए जल्ली करो ए
20:30यह प्रोग्राफर के नहीं ने मुझे कहाई यार
20:41मेरी जगा तुम कैसे जाओगे यह मत पूछ जाओगा
20:47कूछ अपर नहीं जाओगा मड तो नहीं जाओगा
20:52अच्छुण नहीं जाएगा तो बर जाएगा
20:56पागल है तूँ अभी पिछले दिनों भरे बाजार में तेरी बेदार के साथ मुह मारी हुई है अभी उसके खळड़की दिखने जाएगा वह वाकी में मार देगा तुझे
21:08गुलबानों मेरे सामने हो निग दारभख मुझे मार डाले तूफ रहा है और्यों यह क्या बता हो मतुझे भाई अच्छाए कश्छ नहीं हो सकता अच्छा यह रुक अच्छी है चैम्रा के ला कर देतो है यह लेग देले के जले जाना
21:26कुल्बानो ने पुछा है तुमसे वो देवदास का देवदास ने देवदास?
21:43लहूर से आई है फिल्मी बातें करे तुम्हें परेशान करें वन आजकल के जमाने में कौन देवदास
21:56है अलवा सामले कुछा एप अलवाले कॉमानों
22:00तोम्हागी बातें वहागी तुम्हारी वातें कर रहे ह 같은데
22:06मेरे बारे में क्या बात कर र्रही थी?
22:08यही कि बता्निंही तुम्हे जोडा पसंद भी आयाई के नए?
22:11जोड़ा तो बहुत हसीन था लेकिन स्टरी करते हुए दुबटा जल गया उसका
22:18इतनी सी बात पर तुम्हारा चेहरा उतर गया कोई बात नहीं अगर दुबटा जल गया
22:22अगर आप इजाज़न दे तो मैं अबदुल्लापूर की मार्केट जाके नया जुड़ा ले आँ अपने लिए
22:28कोई जरूरत नहीं अबदुलापूर की मार्केट में बिरूने की बहुत से और कप्डरे मंगवाएं तुमारे लिए जाओ कुलसूम ले आएगी
22:37और दुबटे की फिकर मत करो बाद में कुलसूम जाके एक और दुबटे ले आएगी
22:43जी
22:46और किसके बारे में पूछ रही थी?
22:57बस वो देवदास की पात कर रही थी के वो
23:00अब्दॉल्लापुर्ग
23:02तो बत्ता वी था नहीं थे था?
23:16जलादियों बाहर पे नहीं जाने दिया
23:46पॉर्षाः जयाँ जयाएं
24:02पॉर्षाई ओयाँ नहीं।
24:04वहां सारे में माना चुके तुम्हें बुला रहें जल्ली से आज़ा आज़ा असलाम लेकूम
24:12हाँ इधर आप बोड़ शुक्रिया थैंक यू थैंक यू थैंक यू बड़ी मच्छ
24:29कभी ऐसा भी हो
24:32हमारी आखों से जड़ा खुद को देखो कभी ऐसा भी हो
24:45हमारे दिल की लगी लगे तेरे दिल को
24:55कर दिल के ओरे वज़ा टारा अगरा अब इढ़ाई थैंको
25:02कि आप बनाए जाएगी तस्फीरे ज़ा ची बना लेना अभी दाओनाना जाखिती तस्फीरे जरा अची बना लेनादाना एट्धा
25:17अभी अंगूठी बेनाए जाएगी तस्फीरें जरा अच्छी बना लेना
25:47वे बूट बूट बूट बूट इस लड़के को क्यूं मार रहे है जाके पता कर वा
26:06ड़िख ती का उसको?
26:14उस दिन समान छोड़ने आया था
26:16आज गुलबानो की तसुईरें बना रहा है
26:23अब ही निकासर तेरी देटासी
26:28पड़ा शॉक हैना अब दिलापुर का देटास पनने का
26:31जाया तो है
26:32भुरा नहीं है भुरा
26:34कि एक तो साले को तरदी निराले
26:44कि एक तो साले को डागे वार
26:55हमारे दिल के लगें लगें देले दिल को
27:25कर दो कर दो
27:55जे पूर्ठियां दे सामने नहीं जैना
28:09जे बीबा साथा दिल मुड़ गे
Comments

Recommended