00:00सन्नो देवी रविष्टे आपो भवन्तु प्रीते शैयो रविष्ट रवन्तुना प्यारे मित्रों जैश्याराम जैमाताद मित्रों जी आज आप से चर्चा करता हूँ
00:09गरुण पुराण के अनुशार वैतरणी नदी का क्या महत्तु है इसी विषय पे करूँगा चर्चा
00:17गरुण पुराण में बताया गया है कि यमलोक का रास्ता बड़ा ही भयंकर और पीड़ा देने वाला है
00:24वहां एक नदी बहती है जो की सो योजन अर्थात एक सो बीस किलो मीटर है और इस नदी में जल के स्थान पर रक्त, मवाद, पीप, इत्यादी ही बहता है
00:42और इसके तट पर हड्डियों के ढाचे हैं, मगरमच्छ सुई के समान मुखवाले, भयानक, क्रमी पक्षी, मच्छी, वज्र जैसी चोचवाले गिद्धों का समू यहां पर निवाश करता है
00:58यम के दूद्ध, जब धरती से लाए हुए व्यक्ति को इस नदी के समीप लाकर के छोण देते हैं, तो नदी जोड जोड से गरजने लगती है, आवाजे आने लगती है
01:11और नदीज से प्रवाहित रक्त उफनाने लगता है, उफनाने लगता है, पापी प्राणी जो जीवात्मा है, डर के मारे वह है, थर-थर का अपने लगता है
01:24और किवल एक नाव के राही की तरह नदी को पार किया जा सकता है, उस नाव का नाविक एक प्रेत है, जो पिंड से बने सरीर से, बासी अन से प्रश्ण है, करता है कि किस पुन्न के बल पर तुम इस नदी को पार करोगे
01:48वह पापी व्यक्ती से कहता है, तुम इस नदी को किस पुन्न के बल से पार करोगे
01:54जिस व्यक्ती ने अपने जीवन काल में गौदान तो किया ही नहीं केवल
02:00व्यक्ती सोचता रहा कि मैं गौदान करूँगा
02:05और जिन लोगों ने गवदान किया है वह इस नदी से बड़े आराम से पार हो जाते हैं
02:13अन्य लोग जो हैं यमदूत काटा डाल करके जिस तरह से मच्छुआरे मच्छली को पकड़ते हैं
02:20इसी तरह से यमदूत उस पापी जीव को नदी में गिरा हुआ देख करके काटा डाल करके उसको खीचते हैं
02:29सास्त्रों में ऐसा भी बताया गया है ब्रत और उपवास जिनका पालन करने से गवदान का फल प्राप्त होता है
02:37पुराणों के नुशार दान वितरण है इस नदी का नाम वैतरणी है अदा जिसने दान कर जो पुन कमाया है उसके बल पर वैतरणी नदी को पार किया जा सकता है
02:53तब यमदूत ऐसी बात उन प्राणियों से कहते हैं कि तुमने कोई दान नहीं किया इसलिए तुम वैतरणी को कैसे पार करोगे
03:04वैतरणी नदी का बहुत ही विस्तार से वर्णन गरुन पुराण में किया गया है मैंने आपको संछेप में बताया है आधिक जानकारी चाहते हैं किसी भी तरह का कोई पूजा पाठे गेनुष्ठान से रिलेटिव जानकारी चाहते हैं तो भी संपर कर सकते हैं
03:21मैं मिलता हो पुना, तब तक के लिए दी जे जाज़त.
03:24जय माता दी, जय मागंगी.
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