00:00कल की जेंती हर साल श्रावन मास के शुकलुपक्ष की शर्श्टी तिती को मनाते हैं।
00:07हिंदू पंच्यांगिक एनुसार इस दिन भग्वान कल की का प्राकट होगा।
00:11इस दिन भग्वान विश्नु के कलकी अवतार की पूजा अरुशना करते हैं।
00:15साथी आपको बता दें कि कल की अवतार वश्नु भगवान का अंतिम और दस्वा अवतार है ये भगवान वश्नु के आगामी अवतार है और जो कि कल्यू के अंतिमे होने वाला है आईए इस वीडियो में जानते हैं कि कल की जैनती की तिथी इस साल कब मनाई जाएगी साथी �
00:45पूजा का मुहुर्त शाम चार बच कर 31 मिनट से 7 बच कर 13 मिनट तक रहेगा।
00:50इस दन शष्टी तिथी की शुरुवात 29 जुलाई को रात 12 बच कर 46 मिनट से शुरू होगा।
00:56सश्टी तिथी की समापती 31 जुलाई 2025 को रात 2 बच कर 41 मिनट पर होगा।
01:02इस दन ब्रम्ब मुहुर्त में उटकर स्नानादी से निवरत तो होकर वरत का संकल पले।
01:06आप बिनावरत रखे भी इस पूजा को ओन कर सकते हैं।
01:09पीले ऐसा फेद वस्त्र पैने और घर के पूजास्थान को जल या गंगा जल से शुद्ध करें मंदर में चौकी पर भगवान वश्नु और भगवान कलकी की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें।
01:20पीले फूल, तुलसी के पत्ते, चंदन का लेप, अक्षरत, धूप बत्ती, घी का दीपक, फल, मिठाई, पंचामरत, दूद, दही, शहद, घी और जल का मिश्रन रखें।
01:29सबसे पहले भगवान को पंचामरत से स्थान कराएं।
01:32सवक्ष वस्तर अर्पित करें। चंदन और हल्दी का लेप लगाएं। फूल और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। दीप और धूप जलाएं। और भगवान की आरती करें। भूग लगाएं।
01:41ओम कलकी ने नमह मंत्र का कम से कम एक सुआड बात जाब करें। विश्नु शहास्त्र नाम या कलकी स्तोत्र का पाड़ करें।
01:52विशेष पूजा अरचना का आयोजन करें इस दिन भग्तु भगवान व्रिष्नु के वरत्र करते हैं। और अगले δिन व्रत का पारण।
01:59कल की जैनती के अफसर पर कल की पुरान और श्री विश्नु शहस्त्र नाम का पाट करना अत्यांत शुब मानते हैं कल की जैनती के खास मौके पर विश्नु जी के मंदर में छपपन भोग एवं भंडारा का आयजन जरूर करें
02:12फिलहाल अस विडियो में इतना ही विडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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