00:00पहल गाओं बहुत महत्पूर विसे हैं। पहल गाओं से सरकार को छिपना नहीं चीए।
00:09सभी विपश्च के लोग चाते हैं बहस हो और जिस तरीके से विदेश नीती, पहल गाओं और जो जितना घटना करन में सभी सांसद अपनी बात रखना चाते हैं।
00:22सरकार सुनें और सरकार जवाद दें।
00:52ग्यारा और नौ बीस बजट कितने लाग करोड के रहे होंगे सोचो आप।
00:58ग्यारा दिल्ली के बजट और नौ उत्तरपरदेश के बजट बीस बजट चले गए।
01:08जो सरदालू हैं जो सदियों से परंपरा चली आई है।
01:14रिए कोरिडर सरकार ने बना पा रहे हैं।
01:16और कोरिडर अगर सरकार ने बनाया होता तो आए दिन जो हम लोगों को घटना देखने को मिलती है।
01:22कि आम forces का कोई व्यक्ति है, arm forces का, कोई कल्प न कर सकता है किiet arm forces के साथ इसतरह बवहर हो, जहां घड़ना हो रहे हैं, कोई घड़ना नहीं होती, ये सरकार जो कावडियों को, जो सरधालियों को नहीं विवस्ता दे पारे हैं, उस नकामी को छिपाने के लिए दूसरे दलों प
01:52मैं कह रहा हूं कि 20 कितने करोड रहे हैं।
02:14दिन किसी का identity card आए दिन ये जगड़ा हो रहा सिर्धालू अपनी सिर्धा से जाएं जो हमारे पौराणे परंपराएं उनको पूरी मानिता के साथ जाएं इतने फवित्र दिनों में बताओं उन्हें क्या फेस करना पड़ रहा है
02:25पहल गाओं पर सरकार को अपना मूँ नी चेपाना चाहिए पहल गाओं में क्या हुआ है किस तरह की घटना हुई चूक हुई या भूल हुई सरकार को बताना चाहिए भूल थी चूक थी intelligence failure था क्या था सरकार को बात अपनी रखनी चाहिए और विदेश निती सोचिए विदे
02:55बचाओगा जहां हमारे देश का सम्मान नहुआ हो लेकिन उसके बावजिदी विदेश नीती हमारी असफ़ल हो गई कोई देश आपके साथ खड़ा नहीं हुआ जिस समय सिंदूर ऑपरेशन चला उस समय कोई देश आपके साथ नहीं खड़ा हुआ है और पाकिस्तान जै�
03:25पूरा बिपक्ष और जितने भी सांसद हैं क्योंकि जिस समय पॉलिटिकल पार्टीज ने समर्थन दिया था सरकार को समर्थन दिया था और प्रथान मंतिजी सुने सरकार सुने और उसके बाद जवाब जो सरकार का आएगा वो सब हम लोग सुनेंगे फिर