00:00हिंडू धर्म में सोमवार का दिन भगवान अश्र को समर्पित है और अजदन भोलेनात का विधी विधान से पूजा किया जाता है
00:08कहते हैं कि जिस पर भगवान भोलेनात की कृपा हो उसे जीवन में आ रही सभी संकटों से छुटकारा मिल जाता है
00:14सोमवार के वरत आमतार पर सावन के महिने में शुरू किये जाते हैं और लोग 16 सोमवार के वरत का संकल्प भी लेते हैं
00:21खासतोर पर महलाओं और कन्याओं के लिए 16 सोमवार का वरत बहुत ही महत्वपूर्ण है
00:26ये वरत दामपत्य जीवन में खुशहाली और अच्छे जीवन साथी की कामना से रखते हैं
00:31इसके अलावा सोला सोमवार वरत किसी विशेश मनुकामना पूर्ती से भी किये जाते हैं
00:37और इसके खास नियम होते हैं
00:38आइ इस विडियो में जानते हैं कि सोलसॉमवार वरत के नियम और उध्यापन का तरीका क्या है
00:43वरत वैसे तो किसी भी महिने के शुकलपक्ष के शुवार से किया सकता है
00:48लेकिन अगर आप सावन में इससे शुरू करते हैं तो वरत अदिक शुप माना गया है
00:5316 सोमवार का वरत करते समय जातक को प्रतेक सोमवार के दिन विदी विधान से भगवान अश्रप का पूजन करना चाहिए
01:01साथी दिन में केवल एक ही समय भूजन करें कुछ लोग अस वरत में नमक का सेवन नहीं करते
01:0616 सुमवार वुरत पूरे होने के बाद इसका विद्य विधान से उध्यापन भी करना चाहिए
01:11तबी वुरत चंपूर्ण माना जाता है
01:13ये उध्यापन 17 सुमवार के दिन करते हैं
01:16जदन सुबस नानादी करने के बाद भगवान शुव
01:19और माता पार्वती का पूजन किया जाता है
01:21उन्हें वस्तर अर्पत करे और चूरमे के लड़ों का भूग लगा है
01:25फिर ब्राम्वन को जोडे में कपड़ा दान करे
01:28यानि स्त्री पुरुष के कपड़े दे
01:30दक्षणा दे और चूरमे का प्रसाद भी भेट करे
01:33इसके बाद उद्यापन पूरा होता और फिर आप स्वेम चूरमे का प्रसाद ग्रहन कर साथविक भूजन कर सकते हैं
01:39आपको बता दे सोमवार वरत उद्यापन के लिए कुछ जरूरी सामगरियां भी आपको लेनी होंगी
01:44जुसमें शिव और पार्वती जी की प्रतिमा यतस्वीर, चंद्रदेव की मूर्ती यतस्वीर, चोकी अलक्डी का पट्रा, अक्षत, पान, डंडी सहित, सुपारी, रतुफल, यग्योपवित, हल्दी से रंगा हुआ, रोली, मौली, धूप, कपूर, रूई, पंचामरत,
02:14आम का पत्ता, फिल हाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चानल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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