00:014 Muharrem Al-Haram
00:0261 Hujri
00:03को Kربla के मैदान में
00:04इमाम हुसین
00:05अलेही असलाम के
00:06काफले की कुर्बानी
00:07और सचाई की रोश्णी
00:09मजीद नुमाया होती जा रही थी
00:10इस दिन के एहम वाकियाद
00:13दर्जेल है
00:13उमर बिन साथ का Kربla पहुँचना
00:164 Muharrem Al-Haram
00:18इमाम को अमर बिन साथ बिन
00:20अबी वकास अबैदल्ला बिन
00:21जियाद की तरफ से
00:224000 का लशकर लेकर
00:24कर्बला पहुँचा
00:25इसे अमाम हुसین
00:27से जंग का हुक्म दिया गया था
00:28मगर वो खुद तजबजब में था
00:30क्यूंकि वो जानता था
00:31कि अमाम हक पर है
00:32इमाम हुसین
00:34ने अमर बिन साथ से
00:35गुफदबू की और हुज़त तमाम की
00:37इमाम ने फरमाया
00:39कि वो जंग नहीं चाहते
00:40बलके चाहते हैं कि उन्हें
00:41मदीना वापस जाने दिया जाए
00:44किसी सरहदी
00:46इलाके में जाकर
00:47जिन्दगी गुजारने दिया जाए
00:48आ फिर यजीद से बराहे
00:50रास्त बात चीट करने दी जाए
00:52लेकिन अबन जियाद
00:54ने इन तीनों तजावीज को
00:55मस्तरत कर दिया और कहा
00:57हुसین सिर्फ इस सूरत में
00:59बच सकते हैं अगर यजीद की बैद करे
01:01इस दिन कर्बला में
01:03इमाम के खेमे और दुश्मन के खेमे
01:05आमने सामने खड़े हो गए
01:07इमाम हुसین और उनके असहाब
01:09ने कर्बला के मैदान में
01:11रूहानी और मानदी तैयारी मजीद बढ़ा दी
01:13हज़रत अब्बास
01:15मसलसल दुश्मन के सिपासालारों को
01:17मसलसला की दावत देते रहे
01:18नतीजा
01:20चार महर्रम से कर्बला में कशिदगी बढ़ने लगी
01:23और वाज़ हो गया कि यजीदी लश्कर जन्द पर दला हुआ है
01:26इमाम हसें अभी अखरी हद तक
01:29अम्द की कोशिश कर रहे थे
01:30मगर दुश्मन जन्ग की नियत से आया था
01:32चार महर्रम हमें सिखाता है कि
01:35हक पर डटे रहना चाहे दुनिया मخालफत करें
01:39इमाम हसें की तरह सुला की दावत दो
01:42मगर जिल्लत कुबूल ना करो